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फरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तारहरियाणा
29 अक्तू॰ 2026, 1:17 am (9 दिन पहले)· 5

फरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तार

हरियाणा के फरीदाबाद में प्लेबॉय नौकरी का झांसा देकर एक युवक से 89,750 रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में साइबर ठगी की एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहाँ 'प्लेबॉय' की नौकरी दिलाने का झूठा लालच देकर एक स्थानीय युवक से 89,750 रुपये की रकम ऐंठ ली गई। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद साइबर सेंट्रल थाना पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी दो पुरुषों और एक महिला को इस मामले में धर दबोचा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत सोशल मीडिया नेटवर्क का इस्तेमाल कर इस ठगी को अंजाम दिया था।

सोशल मीडिया से व्हाट्सऐप तक फैलाया जाल

इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक अज्ञात प्रोफाइल से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट के साथ हुई थी। फरीदाबाद निवासी पीड़ित युवक ने जब इस रिक्वेस्ट को स्वीकार किया, तो दोनों पक्षों में बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ दिनों तक साधारण बातचीत होने के बाद बातचीत का माध्यम बदलकर व्हाट्सऐप कर दिया गया। इसके बाद 31 अगस्त को युवक के पास व्हाट्सऐप पर 'प्लेबॉय' के रूप में काम करने और मोटी कमाई करने का ऑफर भेजा गया। ठगों ने पीड़ित को झांसे में लेने के लिए शुरुआत में केवल 1,200 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा।

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किस्तों में ऐंठे गए कुल 89,750 रुपये

जैसे ही पीड़ित युवक ने 1,200 रुपये का शुरुआती भुगतान किया, ठगों की मांगें बढ़ती चली गईं। कभी प्रोफाइल वेरिफिकेशन तो कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट और अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर युवक से बार-बार पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। पीड़ित भी नौकरी मिलने की उम्मीद में अलग-अलग डिजिटल लेन-देन के जरिए पैसे भेजता रहा। जब कुल रकम 89,750 रुपये तक पहुँच गई और नौकरी का कोई अतापता नहीं चला, तब पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। इसके बाद उसने बिना देरी किए फरीदाबाद के साइबर सेंट्रल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

नोएडा सेक्टर-58 में बना रखा था ठिकाना

पुलिस प्रवक्ता द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में फिरोज खान और प्रकाश मुख्य साझेदार के रूप में काम कर रहे थे। इन दोनों ने साइबर अपराध की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नोएडा के सेक्टर-58 में एक कमरा किराये पर लिया हुआ था। इसी किराए के मकान से यह पूरा फर्जीवाड़ा संचालित हो रहा था। गिरोह में शामिल महिला आरोपी का काम व्हाट्सऐप के जरिए संभावित शिकार से मीठी-मीठी बातें करना और नौकरी का फर्जी आश्वासन देकर उनका विश्वास जीतना था, ताकि वे आसानी से पैसे ट्रांसफर करने के लिए तैयार हो जाएं।

आरोपियों की शिक्षा और न्यायिक हिरासत

पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि का भी खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी फिरोज खान व्यवसाय प्रशासन में स्नातक यानी BBA डिग्री धारक है, जबकि उसका दूसरा साथी प्रकाश 12वीं कक्षा भी पास नहीं कर पाया है। तीसरा सदस्य गाजियाबाद की रहने वाली महिला है जो पीड़ित से बातचीत में जुटी हुई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अन्य कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

सवाल-जवाब

फरीदाबाद में प्लेबॉय नौकरी के नाम पर कितने रुपये की ठगी हुई?
पीड़ित युवक से विभिन्न किस्तों में कुल 89,750 रुपये की ठगी की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी फिरोज खान, प्रकाश और एक महिला को गिरफ्तार किया है।
ठगों ने पीड़ित से सबसे पहले कितने रुपये मांगे थे?
आरोपियों ने नौकरी के रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर शुरुआत में 1,200 रुपये मांगे थे।
आरोपी अपनी साइबर ठगी का गिरोह कहां से चला रहे थे?
आरोपी नोएडा के सेक्टर-58 में एक कमरा किराये पर लेकर वहां से ठगी का काम संचालित करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
मुख्य आरोपी फिरोज खान BBA डिग्री धारक है, जबकि उसका साथी प्रकाश 12वीं कक्षा भी पास नहीं कर सका है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·8 दिन पहले

BBA पढ़े-लिखे हैं फिर भी यही धंधा चुना — यही सोचकर अजीब लग रहा है। और 1,200 से शुरू होकर 89,750 तक पहुँचना, हर बार नया बहाना... इतना सब्र तो असली नौकरी में भी नहीं लगाते लोग।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

BBA पढ़ा है और फिर भी यही धंधा चुना — डिजिटल पेमेंट जितना आसान हुआ है, इस तरह के जाल भी उतने ही तेज़ी से फैल रहे हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

Ravikash जी, बिल्कुल — पर मुझे जो बात सोचने पर मजबूर कर रही है वो ये है कि क्या इस गिरोह के और भी शिकार हैं जिन्होंने शर्म की वजह से शिकायत ही नहीं की?

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले अब सोशल मीडिया पर कितने एक्टिव हो गए हैं। फरीदाबाद पुलिस ने सही समय पर इन गाजियाबाद के ठगों को दबोच लिया, वरना ये और कितने लोगों को फंसाते।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा। ऐसे ठग अब हर जगह सक्रिय हैं और नोएडा-गाजियाबाद से अपना जाल चला रहे हैं। पुलिस की यह कार्रवाई राहत देने वाली है।

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