हरियाणा के पंचकूला शहर में देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस और संदिग्ध बदमाशों के बीच आमने-सामने की गोलीबारी शुरू हो गई। यह पूरा घटनाक्रम सेक्टर 3 इलाके में स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास हुआ, जहां अपराधियों ने कानून के रखवालों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस पूरी कार्रवाई को पंचकूला पुलिस ने डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया है, जिसके बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
नाकाबंदी के दौरान हुआ मुकाबला
घटना की शुरुआत तब हुई जब पुलिस की टीम सेक्टर 3 के नजदीक वाहनों की जांच के लिए नाका लगाकर खड़ी थी। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। जैसे ही उन्होंने पुलिस को देखा, वे अपनी गाड़ी मोड़कर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस के रोकने पर उन्होंने भागने के बजाय खाकी वर्दीधारियों को ही निशाना बनाते हुए जान से मारने के इरादे से कुल पांच राउंड फायरिंग कर दी।
पुलिसकर्मियों की बाल-बाल बची जान
दर्ज एफआईआर के अनुसार अपराधियों द्वारा चलाई गई गोलियों में से एक गोली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा धंसी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं एक अन्य गोली असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार के कान के बेहद करीब से गुजर गई। इसके अलावा एक गोली सरकारी वाहन पर भी जा लगी। पुलिस कर्मियों ने अपनी सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल
पुलिस की तरफ से की गई जवाबी फायरिंग में दोनों संदिग्ध युवकों के बाएं पैर में गोलियां लगीं और वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने तुरंत दोनों को काबू में कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अर्शदीप सिंह और जुगराज सिंह के रूप में की गई है, जो दोनों पड़ोसी राज्य पंजाब के अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। मुठभेड़ के बाद दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए सेक्टर 6 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गैंगस्टर कनेक्शन और बरामदगी
प्रारंभिक जांच और पुलिस के दावों के मुताबिक इन दोनों युवकों के तार लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गिरोह से जुड़े हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि वे ट्राइसिटी क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। घटनास्थल से पुलिस ने दो अवैध पिस्टल भी बरामद किए हैं। इस मामले में सेक्टर 20 थाने के भीतर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिसमें आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(6) और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधान शामिल हैं। फॉरेंसिक टीम और पुलिस अब इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास, हथियारों के नेटवर्क और उनके साथियों की गहराई से छानबीन कर रही है।























