आगरा में चम्पारन के तंदूरी कबाब का बढ़ा क्रेज, सावन के बाद 140 रुपये में मिल रहा बेहतरीन स्वादसीकर में दिव्यांग छात्रों के लिए खोले जाएंगे विशेष संदर्भ कक्ष, राजस्थान सरकार ने जारी किया बजट और दिशा-निर्देशउत्तराखंड में विज्ञान का बड़ा चमत्कार, साहीवाल गाय की सरोगेसी से पैदा हुई पहाड़ी नस्ल की बद्री बछियाराजस्थान के पाली में सजता है बिना किराए वाला अनोखा बाजार, मात्र 5 रुपये से शुरू होती है कपड़ों की कीमतअश्लेशा नक्षत्र में गुरु का प्रवेश: अगले 49 दिनों तक मेष, मिथुन समेत इन 7 राशियों की चमकेगी किस्मतबीकानेर में करीब 1 करोड़ रुपये की व्हेल की उल्टी जब्त, महाराष्ट्र से आए तीन तस्करों पर कसा शिकंजाराजस्थान में डिजिटल स्क्रीन और उम्मीदों के भारी दबाव से घट रही बच्चों की एकाग्रता, मानसिक तनाव पर विशेषज्ञों की रायफरीदाबाद में मिट्टी की गणेश मूर्तियां पानी में मिनटों में घुलती हैं और 70 प्रतिशत तक सस्ती मिल रही हैंजेन जी लड़कियों में तेजी से बढ़ रहे पीसीओएस और पीमॉस के मामले, पटना की डॉक्टर मीना सामंत ने बताए बचाव के प्रभावी उपायमंदिरों और किलों से इतर: मानसून में क्यों बेहद खास हो जाती है 'सतपुड़ा की रानी' पचमढ़ी की सैर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक सफर और जन्म दिवस पर भाजपा निकालेगी विशाल जनसंपर्क यात्राउत्तर प्रदेश
1 सित॰ 2026, 11:49 pm (11 दिन पहले)· 3

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक सफर और जन्म दिवस पर भाजपा निकालेगी विशाल जनसंपर्क यात्रा

भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देश भर में सेवा संकल्प अभियान चलाएगी। इसमें वडनगर से वाराणसी के बीच बाइकर्स और कार्यकर्ताओं का विशेष काफिला यात्रा निकालेगा।

भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर एक देशव्यापी सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। यह विशेष अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने चलेगा। इस कार्यक्रम को सेवा संकल्प अभियान नाम दिया गया है। पार्टी इस अभियान के जरिए प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर को भी रेखांकित कर रही है। इस पूरे आयोजन के केंद्र में गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकलने वाली एक विशाल जनसंपर्क यात्रा होगी, जिसे पार्टी जन्मभूमि से कर्मभूमि यात्रा का नाम देकर जनता के बीच ले जा रही है।

बाइकर्स और कार्यकर्ताओं का सड़क पर विशेष काफिला

पार्टी की ओर से तैयार की गई विस्तृत रणनीति के अनुसार, यात्रा की शुरुआत एक ही दिन दो अलग-अलग दिशाओं से होगी। गुजरात के वडनगर से 10 विशेष टीमें वाराणसी के लिए रवाना होंगी, जबकि उत्तर प्रदेश के वाराणसी से 10 टीमें उसी दिन वडनगर की ओर अपनी यात्रा शुरू करेंगी। वाराणसी की टीमें एक महीने का लंबा मार्ग तय करते हुए अंततः वडनगर पहुंचेगी, जबकि वडनगर से चले कार्यकर्ता उसी समयावधि में वाराणसी में अपनी यात्रा समाप्त करेंगे।

ये भी पढ़ें

इस पूरे काफिले में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और बाइक सवार शामिल रहेंगे। यात्रा के दौरान प्रत्येक टीम प्रतिदिन लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। अपनी दैनिक यात्रा के दौरान ये टीमें रोज चार विशेष सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और आम लोगों को उनसे जोड़ना है।

जनसंपर्क और सेवा कार्यों पर केंद्रित रणनीति

भाजपा ने इस अभियान के माध्यम से उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक पूरे भारत में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की योजना बनाई है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर और स्वच्छता अभियान जैसे कई बड़े सामाजिक कार्य आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा जमीनी स्तर पर सेवा देने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी रखे गए हैं।

अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संपर्क कायम करें। भाजपा का मुख्य ध्येय इस पूरे आयोजन को किसी पारंपरिक राजनीतिक जलसे या समारोह के रूप में मनाने के बजाय सेवा, समर्पण और जन कल्याण के एक महाउत्सव में बदलना है।

सवाल-जवाब

सेवा संकल्प अभियान कब से कब तक चलेगा?
यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने चलेगा।
इस अभियान का आयोजन किस अवसर पर किया जा रहा है?
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
जन्मभूमि से कर्मभूमि यात्रा किन दो शहरों के बीच निकाली जाएगी?
यह यात्रा गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) के बीच निकाली जाएगी।
इस यात्रा में हर टीम रोजाना कितनी दूरी तय करेगी?
इस यात्रा में शामिल प्रत्येक टीम प्रतिदिन लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
अभियान के दौरान किस प्रकार के सामाजिक कार्य किए जाएंगे?
अभियान के तहत मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·10 दिन पहले

यह अभियान केवल एक राजनीतिक दल का संगठनात्मक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ढाई दशकों के सार्वजनिक सफर को सीधे जनता के बीच ले जाने की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश है। वडनगर से वाराणसी तक का यह विशाल संपर्क मार्ग और एक महीने तक चलने वाले स्वास्थ्य व स्वच्छता शिविर यह साबित करते हैं कि पार्टी चुनाव से इतर जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जुड़ाव को और मजबूत करने पर पूरा जोर दे रही है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·10 दिन पहले

यह अभियान महज़ एक राजनीतिक जश्न नहीं, बल्कि भाजपा की उस सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह प्रशासनिक उपलब्धियों को ज़मीनी जनसंपर्क में बदलना चाहती है। वडनगर से वाराणसी की यह यात्रा वैचारिक निरंतरता और शासन के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देने का अनूठा प्रयास है। एक महीने तक चलने वाले सेवा कार्यों और लाभार्थी-केंद्रित कार्यक्रमों के ज़रिए पार्टी का पूरा फोकस आगामी चुनावी चुनौतियों से पहले अपनी ज़मीनी पकड़ को और अधिक पुख्ता करना है।

Ravikash Gupta@ravikash·10 दिन पहले

अर्जुन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस एक महीने के 'सेवा संकल्प अभियान' का आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से गहरा महत्व है। वडनगर से वाराणसी तक चलने वाले इस विशाल जनसंपर्क और लाभार्थी-केंद्रित कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच का सीधा आकलन कर रही है। एक वित्तीय वर्ष के मध्य में इस तरह का राष्ट्रव्यापी अभियान यह सुनिश्चित करता है कि जनहित नीतियों का फीडबैक सीधे प्रशासनिक तंत्र तक पहुंचे, जो दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और बाजार में उपभोक्ता विश्वास के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·10 दिन पहले

प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जन्मदिन पर आयोजित होने वाले इस महीने भर के 'सेवा संकल्प अभियान' का पैमाना कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। वडनगर से वाराणसी के बीच हफ़्तों तक चलने वाले बाइकर्स के काफिले और रोजाना सैकड़ों किलोमीटर की आवाजाही को देखते हुए, यातायात प्रबंधन और भारी भीड़ नियंत्रण के मोर्चे पर पुलिस व प्रशासनिक तंत्र को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·10 दिन पहले

करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह यात्रा राज्य के कई संवेदनशील और व्यस्त राजमार्गों से गुजरेगी। एक महीने तक लगातार चलने वाले इन जनसंपर्क कार्यक्रमों और स्वास्थ्य शिविरों के दौरान स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना और ट्रैफिक के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR