संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2021 में अखिल भारतीय स्तर पर आठवीं रैंक हासिल करने वाली आईएएस अधिकारी इशिता राठी ने जम्मू जिले में अतिरिक्त उपायुक्त (प्रशासन) के रूप में अपनी नई प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल ली है। केंद्र शासित प्रदेशों के हालिया प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2022 बैच की इस एजीएमयूटी कैडर अधिकारी को यह अहम दायित्व सौंपा गया है। इस नई तैनाती से पहले वह पुडुचेरी के कराईकल क्षेत्र में बतौर जिला कलेक्टर अपनी सेवाएं दे रही थीं, जहाँ उनके प्रशासनिक कामकाज और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को व्यापक स्तर पर सराहा गया था।
जम्मू में अतिरिक्त उपायुक्त प्रशासन का पदभार
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की रहने वाली इशिता राठी अपने सख्त अनुशासन और जमीनी प्रशासनिक सूझबूझ के लिए जानी जाती हैं। जम्मू में पदभार ग्रहण करने के साथ ही स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पारदर्शी व्यवस्था की खासी उम्मीदें हैं। पुडुचेरी में अपने सफल कार्यकाल के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में उनकी यह तैनाती प्रशासनिक मशीनरी को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासनिक मामलों में उनकी मजबूत पकड़ और निर्णय लेने की क्षमता के चलते उन्हें संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों वाले पदों पर प्राथमिकता दी जाती रही है।
3271 किलोमीटर का फासला सिमटकर रह गया साढ़े तीन घंटे
इशिता राठी के इस नए तबादले के साथ ही उनके निजी जीवन में भी एक बड़ा और सुखद बदलाव आया है। उनके पति और 2022 बैच के चर्चित आईएएस अधिकारी रवि सिहाग वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के ही सीमावर्ती जिले राजौरी में अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। विवाह के शुरुआती दिनों में इस प्रशासनिक दंपती के बीच करीब 3,271 किलोमीटर का विशाल भौगोलिक फासला था, क्योंकि रवि सिहाग को शुरुआत में मध्य प्रदेश कैडर आवंटित हुआ था, जबकि इशिता राठी एजीएमयूटी कैडर के तहत पुडुचेरी में पदस्थ थीं।
अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा में विवाह के आधार पर कैडर परिवर्तन से जुड़े नियमों के तहत रवि सिहाग ने अपना स्थानांतरण एजीएमयूटी कैडर में करवा लिया था। अब इशिता राठी की जम्मू में और रवि सिहाग की राजौरी में तैनाती होने के बाद दोनों के बीच की दूरी घटकर मात्र 140 किलोमीटर रह गई है। सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में अब लगभग 3.5 घंटे का समय लगता है, जिससे लंबे समय से बना भौगोलिक अलगाव अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।
खाकी की परंपरा से निकला प्रशासनिक नेतृत्व
इशिता राठी की इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे उनके पारिवारिक परिवेश का गहरा प्रभाव रहा है। उनका परिवार पीढ़ियों से कानून व्यवस्था और देश सेवा के प्रति समर्पित रहा है। उनकी माता मीनाक्षी राठी दिल्ली पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के रूप में तैनात हैं, जबकि उनके पिता आईएस राठी उसी महकमे में हेड कॉन्स्टेबल के रूप में कर्तव्य निभा रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके चाचा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बचपन से ही घर के भीतर कानून, व्यवस्था, अनुशासन और जनसेवा के प्रति बने इस मजबूत वातावरण ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में आने की सबसे बड़ी प्रेरणा दी।
बिना किसी कोचिंग के तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया 8वीं रैंक
शैक्षणिक यात्रा की बात करें तो इशिता राठी ने दिल्ली स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी। इसके उपरांत उन्होंने प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में ही स्नातकोत्तर (मास्टर्स) की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने किसी भी व्यावसायिक कोचिंग संस्थान का सहारा लिए बिना पूरी तरह स्वाध्याय के बल पर संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू की। पाठ्यक्रम के गहन विश्लेषण और तीसरे प्रयास में असाधारण प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पूरे देश में 8वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया।
खेतों से निकलकर हिंदी माध्यम के टॉपर बने रवि सिहाग
इशिता के जीवनसाथी आईएएस रवि सिहाग की संघर्ष गाथा भी देश भर के प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के एक साधारण ग्रामीण किसान परिवार में जन्मे रवि सिहाग ने अपनी प्रारंभिक जिंदगी में खेती-किसानी के कामों में अपने पिता का हाथ बंटाया था। अंग्रेजी माध्यम के दबदबे वाले सिविल सेवा क्षेत्र में उन्होंने साबित किया कि भाषा कभी भी योग्यता या सपनों के आड़े नहीं आ सकती। हिंदी माध्यम से परीक्षा देते हुए उन्होंने चार कठिन प्रयासों के लंबे संघर्ष के बाद यूपीएससी 2021 में अखिल भारतीय स्तर पर 18वीं रैंक हासिल की और हिंदी माध्यम के देश भर में अव्वल टॉपर बने। प्रशासनिक दक्षता और व्यक्तिगत समर्पण के बल पर यह जोड़ा आज देश के युवाओं के बीच विशेष पहचान बनाए हुए है।




















