भरतपुर के जड़खोड़ गोधाम में सजता है संतों का मेला, ब्रज की इस अनूठी गौशाला की है खास पहचानझारखंड के गांवों में मेहमाननवाजी का अनोखा अंदाज, सिर्फ दो सौ रुपये में हो जाता है दर्जनों लोगों के नाश्ते का इंतजाममूलांक 3 राशिफल 16 अक्टूबर: रिश्तों में आएगी मधुरता और करियर में बढ़ेगा आपसी तालमेलजींद के तलोंडा गांव में जमीन विवाद के चलते पूर्व सरपंच ने की बेटे की हत्या, मौके से सात कारतूस बरामदमूलांक 1 राशिफल 16 अक्टूबर 2026: व्यक्तिगत और व्यावसायिक मोर्चे पर बढ़ेंगी जिम्मेदारियां, टीम के सहयोग से मिलेगी सफलतावृश्चिक राशिफल 16 अक्टूबर 2026: कार्यशैली में बदलाव से सुलझेंगे काम और संतुलित रहेगा बजटमाउंट आबू नगरपालिका कैसे बनी राजस्थान की सबसे अमीर स्थानीय संस्था, जानिए इसकी जबरदस्त कमाई के जरिएवर्ष 2026 में शनि की सीधी चाल: मेष, वृषभ समेत इन 4 राशियों के खुलेंगे किस्मत के द्वारजिम कॉर्बेट की बिजरानी रेंज में पहली बार देखा गया लकड़बग्घा, वन विभाग ने शुरू की निगरानीराष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में साइट इंजीनियरों को हर माह मिलेंगे 1.5 लाख रुपये, नई भर्ती नीति लागू
प्रशासनिक फेरबदल में आईएएस इशिता राठी बनीं जम्मू की नई एडीसी, पति रवि सिहाग की पोस्टिंग से अब सिर्फ 140 किमी का फासलाभारत
16 अक्तू॰ 2026, 8:37 am (1 घंटे पहले)· 0

प्रशासनिक फेरबदल में आईएएस इशिता राठी बनीं जम्मू की नई एडीसी, पति रवि सिहाग की पोस्टिंग से अब सिर्फ 140 किमी का फासला

यूपीएससी 2021 की आठवीं रैंक हासिल करने वाली आईएएस अधिकारी इशिता राठी ने जम्मू में अतिरिक्त उपायुक्त प्रशासन का पदभार ग्रहण कर लिया है, जिससे राजौरी में तैनात उनके आईएएस पति रवि सिहाग और उनके बीच की दूरी घटकर महज साढ़े तीन घंटे रह गई है।

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2021 में अखिल भारतीय स्तर पर आठवीं रैंक हासिल करने वाली आईएएस अधिकारी इशिता राठी ने जम्मू जिले में अतिरिक्त उपायुक्त (प्रशासन) के रूप में अपनी नई प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल ली है। केंद्र शासित प्रदेशों के हालिया प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2022 बैच की इस एजीएमयूटी कैडर अधिकारी को यह अहम दायित्व सौंपा गया है। इस नई तैनाती से पहले वह पुडुचेरी के कराईकल क्षेत्र में बतौर जिला कलेक्टर अपनी सेवाएं दे रही थीं, जहाँ उनके प्रशासनिक कामकाज और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को व्यापक स्तर पर सराहा गया था।

जम्मू में अतिरिक्त उपायुक्त प्रशासन का पदभार

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की रहने वाली इशिता राठी अपने सख्त अनुशासन और जमीनी प्रशासनिक सूझबूझ के लिए जानी जाती हैं। जम्मू में पदभार ग्रहण करने के साथ ही स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पारदर्शी व्यवस्था की खासी उम्मीदें हैं। पुडुचेरी में अपने सफल कार्यकाल के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में उनकी यह तैनाती प्रशासनिक मशीनरी को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासनिक मामलों में उनकी मजबूत पकड़ और निर्णय लेने की क्षमता के चलते उन्हें संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों वाले पदों पर प्राथमिकता दी जाती रही है।

ये भी पढ़ें

3271 किलोमीटर का फासला सिमटकर रह गया साढ़े तीन घंटे

इशिता राठी के इस नए तबादले के साथ ही उनके निजी जीवन में भी एक बड़ा और सुखद बदलाव आया है। उनके पति और 2022 बैच के चर्चित आईएएस अधिकारी रवि सिहाग वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के ही सीमावर्ती जिले राजौरी में अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। विवाह के शुरुआती दिनों में इस प्रशासनिक दंपती के बीच करीब 3,271 किलोमीटर का विशाल भौगोलिक फासला था, क्योंकि रवि सिहाग को शुरुआत में मध्य प्रदेश कैडर आवंटित हुआ था, जबकि इशिता राठी एजीएमयूटी कैडर के तहत पुडुचेरी में पदस्थ थीं।

अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा में विवाह के आधार पर कैडर परिवर्तन से जुड़े नियमों के तहत रवि सिहाग ने अपना स्थानांतरण एजीएमयूटी कैडर में करवा लिया था। अब इशिता राठी की जम्मू में और रवि सिहाग की राजौरी में तैनाती होने के बाद दोनों के बीच की दूरी घटकर मात्र 140 किलोमीटर रह गई है। सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में अब लगभग 3.5 घंटे का समय लगता है, जिससे लंबे समय से बना भौगोलिक अलगाव अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।

खाकी की परंपरा से निकला प्रशासनिक नेतृत्व

इशिता राठी की इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे उनके पारिवारिक परिवेश का गहरा प्रभाव रहा है। उनका परिवार पीढ़ियों से कानून व्यवस्था और देश सेवा के प्रति समर्पित रहा है। उनकी माता मीनाक्षी राठी दिल्ली पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के रूप में तैनात हैं, जबकि उनके पिता आईएस राठी उसी महकमे में हेड कॉन्स्टेबल के रूप में कर्तव्य निभा रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके चाचा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बचपन से ही घर के भीतर कानून, व्यवस्था, अनुशासन और जनसेवा के प्रति बने इस मजबूत वातावरण ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में आने की सबसे बड़ी प्रेरणा दी।

बिना किसी कोचिंग के तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया 8वीं रैंक

शैक्षणिक यात्रा की बात करें तो इशिता राठी ने दिल्ली स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी। इसके उपरांत उन्होंने प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में ही स्नातकोत्तर (मास्टर्स) की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने किसी भी व्यावसायिक कोचिंग संस्थान का सहारा लिए बिना पूरी तरह स्वाध्याय के बल पर संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू की। पाठ्यक्रम के गहन विश्लेषण और तीसरे प्रयास में असाधारण प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पूरे देश में 8वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया।

खेतों से निकलकर हिंदी माध्यम के टॉपर बने रवि सिहाग

इशिता के जीवनसाथी आईएएस रवि सिहाग की संघर्ष गाथा भी देश भर के प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के एक साधारण ग्रामीण किसान परिवार में जन्मे रवि सिहाग ने अपनी प्रारंभिक जिंदगी में खेती-किसानी के कामों में अपने पिता का हाथ बंटाया था। अंग्रेजी माध्यम के दबदबे वाले सिविल सेवा क्षेत्र में उन्होंने साबित किया कि भाषा कभी भी योग्यता या सपनों के आड़े नहीं आ सकती। हिंदी माध्यम से परीक्षा देते हुए उन्होंने चार कठिन प्रयासों के लंबे संघर्ष के बाद यूपीएससी 2021 में अखिल भारतीय स्तर पर 18वीं रैंक हासिल की और हिंदी माध्यम के देश भर में अव्वल टॉपर बने। प्रशासनिक दक्षता और व्यक्तिगत समर्पण के बल पर यह जोड़ा आज देश के युवाओं के बीच विशेष पहचान बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

आईएएस इशिता राठी ने जम्मू में कौन सा नया पदभार संभाला है?
इशिता राठी ने जम्मू जिले में अतिरिक्त उपायुक्त (प्रशासन) के पद पर अपना कार्यभार ग्रहण किया है।
जम्मू से पहले इशिता राठी किस पद और स्थान पर तैनात थीं?
जम्मू आने से पहले वह पुडुचेरी के कराईकल क्षेत्र में बतौर जिला कलेक्टर अपनी प्रशासनिक सेवाएं दे रही थीं।
इशिता राठी के पति आईएएस रवि सिहाग वर्तमान में कहाँ पदस्थ हैं?
रवि सिहाग जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जम्मू और राजौरी के बीच सड़क मार्ग से अब कितना समय लगता है?
जम्मू से राजौरी की दूरी लगभग 140 किलोमीटर है, जिसे तय करने में सड़क मार्ग से करीब 3.5 घंटे का समय लगता है।
रवि सिहाग का मध्य प्रदेश कैडर से एजीएमयूटी कैडर में तबादला कैसे हुआ?
आईएएस सेवा के नियमों के तहत विवाह के आधार पर कैडर परिवर्तन की अनुमति मिलने के बाद उन्हें एजीएमयूटी कैडर आवंटित किया गया।
यूपीएससी 2021 की परीक्षा में इशिता राठी और रवि सिहाग की क्या रैंक थी?
यूपीएससी 2021 में इशिता राठी ने ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की थी, जबकि रवि सिहाग ने 18वीं रैंक के साथ हिंदी माध्यम में पहला स्थान पाया था।
इशिता राठी की उच्च शिक्षा किस विषय और संस्थान से हुई है?
उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक और मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया है।
इशिता राठी के माता-पिता किस विभाग में कार्यरत हैं?
उनकी मां मीनाक्षी राठी दिल्ली पुलिस में एएसआई और पिता आईएस राठी हेड कॉन्स्टेबल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·19 मिनट पहले

दफ्तरों और फाइलों के बीच उलझे रहने वाले अफसरों की जिंदगी में भी थोड़ा सुकून आना अच्छी बात है। वैसे भी जम्मू-राजौरी का रास्ता अब आसान हो गया है, काम के साथ परिवार के लिए भी वक्त निकल ही आएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·39 मिनट पहले

दोनो आईएएस अफसरों की पोस्टिंग पास होने से परिवार के लिए राहत तो बहुत होगी, लेकिन क्या इससे राजनैतिक और प्रशासनिक दबाव भी बढ़ सकता है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·39 मिनट पहले

रविकेश जी, दबाव तो रहेगा ही। जब मैं खुद दिल्ली में था, तब ऐसे कई अफसरों को देखा है जिन पर परिवार और काम दोनों का बहुत भारी तनाव रहता था।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

शाबाश तो ठीक है, पर प्रशासनिक ट्रांसफर सिर्फ़ पति-पत्नी को पास लाने के लिए थोड़ी होते हैं। कभी-कभी सिस्टम की जरूरत भी देखनी चाहिए, वर्ना सवाल उठेंगे ही।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन, बात तो सही है आपकी। पर क्या कैडर ट्रांसफर के इन नियमों में जनता के काम पर कोई असर नहीं पड़ता?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp