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मानहानि केस में यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली की अदालत ने भेजा नया समनभारत
15 अक्तू॰ 2026, 6:11 am (2 घंटे पहले)· 2

मानहानि केस में यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली की अदालत ने भेजा नया समन

दिल्ली की एक अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के पते पर नया समन जारी करने का निर्देश दिया है। यह कानूनी कार्रवाई भाजपा आईटी सेल के सदस्य विकास पांडे द्वारा दायर याचिका पर हुई है।

यूट्यूबर ध्रुव राठी की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2018 से जुड़े मानहानि के एक पुराने मामले में ध्रुव राठी को नया समन तामील कराने का निर्देश दिया है। राठी इन दिनों भारत प्रवास पर हैं, जहां वे सीजेपी के अभिजीत दिपके के साथ कार्यक्रमों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में रहे हैं। प्रदर्शन से पूर्व हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद अब उन्हें अदालत के नए आदेश का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा आईटी सेल सदस्य की याचिका पर कोर्ट का निर्देश

यह अदालती कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन की अदालत में हुई। अदालत भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य विकास पांडे की ओर से दाखिल उस याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें ध्रुव राठी के खिलाफ नए सिरे से समन जारी करने का आग्रह किया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए वकील समक्ष शर्मा ने न्यायिक पीठ को अवगत कराया कि आरोपी नंबर एक ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं, लेकिन वे वर्तमान में दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। वकील ने तर्क दिया कि राठी की भारत में मौजूदगी को देखते हुए तत्काल समन जारी करना जरूरी है ताकि अदालती प्रक्रिया पूरी की जा सके।

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अदालत के आदेश में सात साल का घटनाक्रम

अदालत ने 12 अक्टूबर के अपने आदेश में दर्ज किया कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह साफ झलकता है कि शिकायतकर्ता कई वर्षों से ध्रुव राठी को समन तामील कराने का प्रयास कर रहा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह भी रेखांकित किया कि राठी पिछले सात वर्षों से ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं और मौजूदा समय में राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए देश लौटे हैं। अदालत के अनुसार, राठी को सबसे पहले जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था। इन सभी तथ्यों की समीक्षा करने के बाद अदालत ने निर्देश दिया कि राठी को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित उनके आवासीय पते पर नया समन भेजा जाए।

2018 के यूट्यूब वीडियो से जुड़ा है पूरा विवाद

यह पूरा कानूनी विवाद वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जब विकास पांडे ने ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। पांडे का आरोप है कि ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर उनके खिलाफ एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें लगाए गए आरोपों से उनकी छवि को ठेस पहुंची। उसी वीडियो के खिलाफ शुरू हुई यह कानूनी लड़ाई अब नए समन के साथ एक बार फिर सक्रिय हो गई है।

सवाल-जवाब

दिल्ली की अदालत ने ध्रुव राठी के खिलाफ क्या आदेश दिया है?
अदालत ने मानहानि के एक मामले में ध्रुव राठी के हरियाणा के गुरुग्राम स्थित पते पर नया समन जारी करने का निर्देश दिया है।
ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किसने दर्ज कराया था?
यह मुकदमा भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य विकास पांडे ने वर्ष 2018 में दायर किया था।
यह मामला किस वजह से शुरू हुआ था?
विकास पांडे ने आरोप लगाया था कि ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर उनके खिलाफ मानहानिकारक वीडियो अपलोड किया था।
अदालत ने इस मामले में पहली बार समन कब जारी किया था?
न्यायाधीश के अनुसार अदालत ने पहली बार जुलाई 2019 में ध्रुव राठी को समन जारी किया था।
ध्रुव राठी को नया समन जारी करने की मांग क्यों की गई?
शिकायतकर्ता के वकील ने दलील दी कि राठी ऑस्ट्रिया से भारत आकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं, इसलिए तुरंत समन तामील कराया जाना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·30 मिनट पहले

कानूनी पचड़े कब तक पीछा छोड़ेंगे? सालों पुराना मामला फिर सामने आ गया है। जब देश से बाहर रहते हैं तो समन पहुंचना मुश्किल हो जाता है, अब भारत में हैं तो अदालत ने मौका देख कर कार्रवाई तेज कर दी है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·50 मिनट पहले

सात साल पुराने मामले में अब जाकर नया समन जारी हुआ है, जबकि वे खुद अभी दिल्ली में ही मौजूद हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·50 मिनट पहले

अर्जुन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। मैं खुद जब 2019 में गुरुग्राम वाले पते के चक्कर में कोर्ट के बाहर धक्के खा रहा था, तब लगा था कि सात साल किसी का इंतज़ार करना बहुत लंबा वक्त है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

सात साल से समन से बच रहे थे, अब भारत आए तो कोर्ट ने तुरंत गुरुग्राम पते पर नया आदेश भेज दिया।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, सच कह रहे हो। जब मैं खुद अपनी पुरानी रिपोर्टिंग के सिलसिले में गुरुग्राम कोर्ट गया था, तो देखा था कि विदेशों से जुड़े मामलों में समन तामील कराना कितना टेढ़ा काम होता है।

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