यूट्यूबर ध्रुव राठी की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2018 से जुड़े मानहानि के एक पुराने मामले में ध्रुव राठी को नया समन तामील कराने का निर्देश दिया है। राठी इन दिनों भारत प्रवास पर हैं, जहां वे सीजेपी के अभिजीत दिपके के साथ कार्यक्रमों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में रहे हैं। प्रदर्शन से पूर्व हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद अब उन्हें अदालत के नए आदेश का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा आईटी सेल सदस्य की याचिका पर कोर्ट का निर्देश
यह अदालती कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन की अदालत में हुई। अदालत भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य विकास पांडे की ओर से दाखिल उस याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें ध्रुव राठी के खिलाफ नए सिरे से समन जारी करने का आग्रह किया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए वकील समक्ष शर्मा ने न्यायिक पीठ को अवगत कराया कि आरोपी नंबर एक ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं, लेकिन वे वर्तमान में दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। वकील ने तर्क दिया कि राठी की भारत में मौजूदगी को देखते हुए तत्काल समन जारी करना जरूरी है ताकि अदालती प्रक्रिया पूरी की जा सके।
अदालत के आदेश में सात साल का घटनाक्रम
अदालत ने 12 अक्टूबर के अपने आदेश में दर्ज किया कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह साफ झलकता है कि शिकायतकर्ता कई वर्षों से ध्रुव राठी को समन तामील कराने का प्रयास कर रहा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह भी रेखांकित किया कि राठी पिछले सात वर्षों से ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं और मौजूदा समय में राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए देश लौटे हैं। अदालत के अनुसार, राठी को सबसे पहले जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था। इन सभी तथ्यों की समीक्षा करने के बाद अदालत ने निर्देश दिया कि राठी को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित उनके आवासीय पते पर नया समन भेजा जाए।
2018 के यूट्यूब वीडियो से जुड़ा है पूरा विवाद
यह पूरा कानूनी विवाद वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जब विकास पांडे ने ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। पांडे का आरोप है कि ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर उनके खिलाफ एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें लगाए गए आरोपों से उनकी छवि को ठेस पहुंची। उसी वीडियो के खिलाफ शुरू हुई यह कानूनी लड़ाई अब नए समन के साथ एक बार फिर सक्रिय हो गई है।




















