अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंतुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यानबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकानवजात को दूध पिलाने में थोड़ी सी लापरवाही भी बन सकती है जानलेवा, बाल रोग विशेषज्ञ ने बताए जरूरी नियमअमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को देश छोड़ने का दिया आदेश, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों में हलचलअमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट अटकने से डिजिटल एसेट बाजार को मिली नई ऊर्जा, मैट हॉगन ने गिनाए फायदेराजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अंतिम चरण में, जानिए कब से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभजिमीकंद और सूरन काटने पर नहीं होगी हाथों में खुजली, शेफ रणवीर बरार ने बताए पकाने के आसान नुस्खे
प्रतीक त्रिवेदी ने शो के दौरान प्रवक्ता और दर्शक को क्यों लताड़ाभारत
23 सित॰ 2026, 7:00 pm (8 दिन पहले)· 1

प्रतीक त्रिवेदी ने शो के दौरान प्रवक्ता और दर्शक को क्यों लताड़ा

टेलीविजन बहस के दौरान चुनाव आयुक्त पर आपत्तिजनक टिप्पणी और दर्शक की निजी फब्ती पर एंकर प्रतीक त्रिवेदी ने सख्त ऐतराज जताते हुए तीखा जवाब दिया।

सार्वजनिक मुद्दों पर होने वाली एक खुली टीवी बहस के दौरान चुनावी चर्चा अचानक व्यक्तिगत तीखी नोकझोंक में बदल गई। मंच पर मौजूद एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधि ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर बात करते हुए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रतीक त्रिवेदी ने चर्चा को रोककर बातचीत के तौर-तरीकों पर कड़ा ऐतराज जताया। बहस के बीच केवल नेताओं की बयानबाजी ही नहीं, बल्कि भीड़ से दर्शकों द्वारा की जा रही टिप्पणियों पर भी जोरदार पलटवार देखने को मिला।

चुनाव आयुक्त पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर आपत्ति

कार्यक्रम के दौरान जब प्रतीक त्रिवेदी चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा राजनीतिक विवाद को लेकर एक दल के प्रवक्ता का पक्ष जान रहे थे, तब प्रवक्ता ने चुनाव आयुक्त के संदर्भ में बेहद अशोभनीय शब्दावली का प्रयोग कर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयुक्त भांग खाकर बैठा हुआ है। इस अशोभनीय बयान को सुनते ही एंकर ने तुरंत टोकते हुए चर्चा में शब्दों की मर्यादा का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने दो टूक कहा कि लोकतांत्रिक बहस में भाषा की शालीनता सबसे जरूरी पहलू है।

ये भी पढ़ें

प्रतीक त्रिवेदी ने प्रवक्ता को नसीहत देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास अपनी बात रखने के लिए सही शब्द नहीं हैं, उचित भाषा नहीं है अथवा बातचीत में अपेक्षित शिष्टता का अभाव है, तो वह उनसे शब्द उधार ले सकता है। उन्होंने जोर देकर स्पष्ट किया कि किसी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सामने खड़े किसी भी सामान्य नागरिक से संवाद करते समय आदर, सम्मान और भाषाई सीमा का ध्यान रखना अनिवार्य होना चाहिए।

दर्शक की टिप्पणी पर एंकर का सीधा पलटवार

प्रवक्ताओं के साथ गंभीर संवाद का यह क्रम चल ही रहा था कि कार्यक्रम में शामिल जनसमूह के बीच से किसी व्यक्ति ने एंकर पर निजी टिप्पणी कर दी। भीड़ में से एक दर्शक ने प्रतीक त्रिवेदी को अपने बाल कटवाने की सलाह दी। इस अनचाही टिप्पणी को सुनकर एंकर ने अपने चिरपरिचित तेवर में जवाब दिया। उन्होंने दर्शक को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि उसके पिताजी की दुकान खुल गई हो तो वह उन्हें बताए।

इसके बाद दोनों ओर से संवाद का लहजा और अधिक तीखा हो गया। प्रतीक त्रिवेदी ने सामने मौजूद उस व्यक्ति से दोबारा कहा कि वह पहले अपने पिता की दुकान खुलवाए और उसके बाद ही उनसे इस तरह की बातें करे। सार्वजनिक संवाद के बीच किसी दर्शक द्वारा विषय से भटककर की गई इस तरह की फब्ती पर मंच से दिया गया यह जवाब तुरंत ही चर्चा का केंद्र बन गया।

तीखे अंदाज में दी चेतावनी

मामला केवल पिता की दुकान वाली टिप्पणी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि एंकर ने तंज कसते हुए अपनी बात को आगे बढ़ाया। उन्होंने मजाकिया लेकिन सख्त अंदाज में उस दर्शक से कहा कि तुम भी काफी दिनों से काम पर नहीं आए हो। इसके फौरन बाद माहौल को पूरी तरह शांत करते हुए उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बहुत मार खाओगे बेटा। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखा दिया कि लाइव चर्चाओं के दौरान मर्यादा लांघने पर राजनेताओं से लेकर आम दर्शकों तक को तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

प्रतीक त्रिवेदी ने प्रवक्ता की किस बात पर आपत्ति जताई?
प्रवक्ता ने चुनाव आयुक्त के लिए कहा था कि वह भांग खाकर बैठे हुए हैं, जिस पर एंकर ने भाषा की मर्यादा बनाए रखने की हिदायत दी।
एंकर ने प्रवक्ता को शब्द उधार देने की बात क्यों कही?
उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास अपनी बात रखने के लिए सही शब्द, भाषा या शिष्टता नहीं है, तो वह उनसे शब्द उधार ले सकता है।
भीड़ से दर्शक ने प्रतीक त्रिवेदी पर क्या टिप्पणी की थी?
दर्शक ने बीच बहस में एंकर से अपने बाल कटवाने के लिए कहा था।
बाल कटवाने की बात पर प्रतीक त्रिवेदी ने क्या जवाब दिया?
उन्होंने कहा कि पहले अपने पिताजी की दुकान खुलवाओ और यदि दुकान खुल गई हो तो मुझे बताना।
प्रतीक त्रिवेदी ने दर्शक को काम को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि तुम भी काफी दिनों से काम पर नहीं आए हो और चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बहुत मार खाओगे बेटा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·7 दिन पहले

टीवी पर बहस के दौरान ऐसी भाषा और फिर दर्शक से व्यक्तिगत उलझना देखकर हैरानी होती है। कई बार माहौल इतना बिगड़ जाता है कि स्टूडियो में खुद को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है।

Ravikash Gupta@ravikash·7 दिन पहले

टीवी पर बहस के दौरान प्रवक्ता का चुनाव आयुक्त को लेकर ऐसी भद्दी भाषा बोलना सचमुच बहुत गिरता हुआ स्तर दिखाता है। जब मंच पर बैठे लोग ही मर्यादा भूल जाएंगे, तो दर्शक से क्या उम्मीद करेंगे।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·7 दिन पहले

रवि जी, बात तो सही है कि स्तर गिरा है, पर एंकर का दर्शक को 'पिता की दुकान' और 'मार खाओगे' कहना भी क्या बहस का सही तरीका था?

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 दिन पहले

बहस के बीच बाल कटवाने की सलाह पर एंकर का वो जवाब बड़ा गज़ब था!

Arjun Mehta@arjun-mehta·7 दिन पहले

करण, सच में! उस दर्शक की बोलती बंद करने का अंदाज़ गज़ब का था, हँसी भी आई और मज़ा भी आ गया।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp