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राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट को जल्द मिलेंगे नए मुख्य न्यायाधीश, कॉलेजियम ने भेजी सिफारिशभारत
1 सित॰ 2026, 12:11 am (67 दिन पहले)· 3

राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट को जल्द मिलेंगे नए मुख्य न्यायाधीश, कॉलेजियम ने भेजी सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है।

देश के तीन प्रमुख उच्च न्यायालयों में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। न्यायिक प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। हाल ही में संपन्न हुई बैठक के दौरान तीन अलग-अलग न्यायाधीशों को उच्च न्यायालयों के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर पदोन्नत करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन प्रस्तावों को अब आगे की औपचारिक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है।

राजस्थान उच्च न्यायालय के लिए नाम तय

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपनी सेवाएं दे रहे न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। कॉलेजियम के इस निर्णय से अब पश्चिमी क्षेत्र के इस बड़े न्यायिक संस्थान को नया नेतृत्व मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। नियुक्ति की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह राज्य की सर्वोच्च न्यायिक पीठ की कमान संभालेंगे।

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मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए भी सिफारिशें

इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही राजस्थान उच्च न्यायालय से जुड़े न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी का नाम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए तय किया गया है। इन तीनों महत्वपूर्ण कार्यभारों के लिए भेजे गए नामों से देश के संवेदनशील और बड़े न्यायिक क्षेत्रों में प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।

आगे की प्रक्रिया और अधिसूचना

कॉलेजियम द्वारा संस्तुति भेजे जाने के बाद अब इस पूरी प्रक्रिया का अगला चरण केंद्र सरकार के पाले में है। सरकारी मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा औपचारिक मुहर लगने के बाद इन नियुक्तियों से जुड़ा आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा। अधिसूचना के सार्वजनिक होते ही संबंधित उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कितने हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की है?
कॉलेजियम ने देश के तीन अलग-अलग हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों के नाम सुझाए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश किसे बनाए जाने की सिफारिश हुई है?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए किसका नाम भेजा गया है?
गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की कमान किसे मिलने की संभावना है?
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की संस्तुति की गई है।
इन नियुक्तियों पर अंतिम मुहर कौन लगाता है?
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार की प्रक्रिया और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद औपचारिक अधिसूचना जारी होती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·66 दिन पहले

शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिशें प्रशासनिक सुदृढ़ता की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। कार्यकारी और न्यायपालिका के बीच इस प्रक्रिया के अगले चरण में केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की मुहर शामिल है, जिससे इन संवेदनशील क्षेत्रों में न्यायिक कामकाज की गति और दक्षता तय होगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·66 दिन पहले

शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की यह सिफारिशें ऐसे समय पर आई हैं जब न्यायपालिका में प्रशासनिक सुदृढ़ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच नियुक्ति की यह प्रक्रिया संवैधानिक संतुलन का अहम हिस्सा है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की अंतिम मुहर पर टिकी हैं, जिसके बाद इन संवेदनशील क्षेत्रों में न्यायिक कामकाज और प्रशासनिक निर्णयों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Ravikash Gupta@ravikash·66 दिन पहले

न्यायालयों में नेतृत्व में होने वाला यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं है, बल्कि इससे पेंडिंग मामलों के निपटारे और कॉर्पोरेट तथा वित्तीय विवादों की सुनवाई में भी तेजी आने की संभावना है। व्यापारिक सुगमता और निवेशकों के विश्वास के लिए उच्च न्यायालयों में समय पर निर्णय बेहद अहम होते हैं, इसलिए केंद्र सरकार द्वारा इन नियुक्तियों को जल्द हरी झंडी मिलना आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी काफी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·66 दिन पहले

शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा तीन उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिशें न्यायिक प्रशासन को गति देने की दिशा में एक अहम कदम हैं। अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यपालिका इन नामों पर कितनी जल्दी मुहर लगाती है, क्योंकि न्यायिक नियुक्तियों में देरी से अदालतों के प्रशासनिक और पेंडिंग मामलों के निपटान पर सीधा असर पड़ता है।

Rohan Verma@rohan-verma·66 दिन पहले

करण जी ने बिल्कुल सही बिंदु उठाया है कि अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है। न्यायिक नियुक्तियों की यह प्रक्रिया सिर्फ तीन राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश के प्रशासनिक और संवेदनशील क्षेत्रों में न्यायिक कामकाज की गति तय होगी। कार्यपालिका द्वारा इन सिफारिशों पर जल्द मुहर लगने से न केवल उच्च न्यायालयों में नेतृत्व का संकट दूर होगा, बल्कि लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण और आम जनता को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद भी मजबूत होगी।

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