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राजस्थान में तीन दिनों तक मौसम का मिजाज रहेगा बिगड़ा, जयपुर से बीकानेर तक IMD की चेतावनीराजस्थान
28 जून 2026, 7:43 am (77 दिन पहले)· 4

राजस्थान में तीन दिनों तक मौसम का मिजाज रहेगा बिगड़ा, जयपुर से बीकानेर तक IMD की चेतावनी

राजस्थान के कई जिलों में प्री-मानसून की दस्तक के साथ भारी बारिश और धूलभरी आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। भीषण गर्मी से राहत मिलने के बाद अब वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है।

राजस्थान के विभिन्न अंचलों में मौसम ने पूरी तरह से करवट ले ली है, जिसके चलते पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों ही इलाकों में भीषण गर्मी का दौर समाप्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, कोटा, अजमेर, भरतपुर, जयपुर और बीकानेर संभाग के क्षेत्रों में आने वाले तीन से चार दिनों तक बादलों की गरज और बिजली गिरने के साथ मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की प्रबल संभावनाएं बनी हुई हैं। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि कुछ संवेदनशील इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी धूलभरी आंधी चल सकती है। खासतौर पर बारां और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखने का सुझाव दिया गया है।

सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसमी कारण हैं। वर्तमान में पंजाब से बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाली एक मौसमी ट्रफ रेखा अपना प्रभाव दिखा रही है। इसके अलावा, हरियाणा और उसके आसपास के वायुमंडलीय क्षेत्र में करीब 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त असर से राजस्थान में लू की स्थिति पूरी तरह खत्म हो चुकी है और अब स्थान पर वर्षा, गरज-चमक तथा बिजली गिरने जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। तापमान में आई अचानक गिरावट से पूरे प्रदेश को गर्मी से भारी राहत मिली है और पारा काफी नीचे आ गया है।

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जयपुर और आसपास के जिलों में अलर्ट

राज्य की राजधानी जयपुर और इसके निकटवर्ती जिलों जैसे दौसा, अलवर और कोटपुतली-बहरोड़ में प्री-मानसून की गतिविधियां सबसे अधिक प्रभावशाली बनी हुई हैं। मौसम केंद्र जयपुर ने यहां के लिए येलो और ऑरेंज दोनों तरह के अलर्ट जारी किए हैं। अनुमान है कि शहर के ऊपर घने बादल छाए रहेंगे और अचानक तेज बारिश शुरू हो सकती है, जिसके साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। बीते 27 जून को जयपुर का अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया था, जिसमें आने वाले दिनों में और गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।

पश्चिमी राजस्थान में आंधी का दौर

पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी मौसम का रुख बदला है। जहां बीकानेर में हाल ही में 43.2 डिग्री सेल्सियस का उच्च तापमान दर्ज किया गया था, वहीं अब वहां मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। जोधपुर, फलोदी और नागौर जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। जैसलमेर और बाड़मेर जैसे शुष्क इलाकों को छोड़कर, राज्य के अन्य हिस्सों में धूल भरी आंधी और फुहारों से मौसम खुशनुमा रहने की उम्मीद है।

उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश

दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भीलवाड़ा, कोटा और झालावाड़ में मानसून के आगमन की स्थितियां अनुकूल बन गई हैं। झालावाड़ और बारां जिलों में 60-80 किमी/घंटा की हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार उदयपुर में 5.0 mm और प्रतापगढ़ में 23.0 mm तक वर्षा हो चुकी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी देते हुए इन क्षेत्रों के निवासियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है।

सवाल-जवाब

राजस्थान में मानसून की स्थिति क्या है?
आईएमडी के अनुसार, मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है और अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में पूरी तरह दस्तक दे देगा।
ऑरेंज अलर्ट का क्या अर्थ है?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम बहुत खराब हो सकता है, विशेष रूप से बारां, झालावाड़ और जयपुर जैसे जिलों में तीव्र आंधी और बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
क्या आने वाले दिनों में लू चलने की आशंका है?
नहीं, सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण तापमान सामान्य से नीचे है और आगामी एक सप्ताह तक लू चलने की कोई संभावना नहीं है।
खराब मौसम के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
आईएमडी ने ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के नीचे न रुकने की सलाह दी है। इसके अलावा धातु की चीजों से दूर रहें और बिजली के उपकरण अनप्लग रखें।
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