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राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के OGW नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन गिरफ्तार और IED बरामदजम्मू-कश्मीर
15 सित॰ 2026, 8:45 am (7 दिन पहले)· 1

राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के OGW नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा एक्शन, तीन गिरफ्तार और IED बरामद

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक आईईडी भी बरामद किया गया है जो किसी बड़ी वारदात के लिए छुपाया गया था।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से एक बड़ी सुरक्षा कार्रवाई सामने आई है, जहां स्थानीय पुलिस ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने कुल तीन आरोपियों को धर दबोचा है, जिनकी संदिग्ध गतिविधियों का दायरा काफी समय से पुलिस के राडार पर था। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी चौकसी और अधिक बढ़ा दी है क्योंकि यह नेटवर्क सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर घाटी और आसपास के इलाकों में नापाक साजिशों को अंजाम देने में सक्रिय रूप से जुटा हुआ था। पकड़े गए संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उनके बाकी संपर्कों और छिपे हुए ठिकानों का भी जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।

पहचान और गिरफ्तारी की विस्तृत जानकारी

पुलिस की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान स्पष्ट कर दी गई है। पकड़े गए व्यक्तियों में जाकिर हुसैन शामिल हैं, जो गुलाम हुसैन के पुत्र हैं और कोटचरवाल तरयाथ राजौरी के रहने वाले बताए गए हैं। इसके अलावा दूसरा आरोपी मोहम्मद आजम है, जिनके पिता का नाम अली बहादुर है और वह भी कोटचरवाल तरयाथ राजौरी के निवासी हैं। इस कार्रवाई में दबोचे गए तीसरे आरोपी की पहचान मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है, जो मोहम्मद इकबाल के पुत्र हैं और उधन राजौरी इलाके के रहने वाले हैं। इन तीनों की संलिप्तता सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चल रहे इस खुफिया नेटवर्क की गहरी जड़ें बाहर निकलकर सामने आई हैं।

पीर पंजाल क्षेत्र में चल रहे टेरर मॉड्यूल की जांच

यह गिरफ्तारियां मुख्य रूप से पीर पंजाल इलाके में सक्रिय एक बड़े टेरर मॉड्यूल की चल रही गहन जांच के दौरान अमल में लाई गईं। शुरुआती छानबीन से यह बात सामने निकलकर आई है कि ये सभी आरोपी कथित तौर पर आतंकवादियों को रसद सहायता यानी लॉजिस्टिकल सपोर्ट मुहैया कराने का काम करते थे। इसके अलावा वे आतंकियों को सुरक्षित आवाजाही और अन्य प्रकार की जमीनी सहायता देने में भी सीधे तौर पर शामिल पाए गए हैं। जांच एजेंसियों के हाथ लगे साक्ष्यों से यह भी पता चला है कि ये लोग मार्गदर्शक यानी गाइड की भूमिका भी निभाते थे और आतंकवादी समूहों को कश्मीर घाटी की तरफ सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने में मदद करते थे। इन पर कई हाई-प्रोफाइल हमलों से जुड़े आतंकियों को जमीनी मदद देने का भी गंभीर संदेह है, जिनमें नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले भी शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान आईईडी बरामदगी

कार्रवाई के अगले चरण में जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की, तो एक आरोपी की निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने मौके से एक आईईडी यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस बरामद किया। शुरुआती संकेतों से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस खतरनाक विस्फोटक उपकरण को कथित तौर पर एक आतंकवादी समूह के सदस्यों ने ही आरोपी को सुरक्षा के लिहाज से छुपाकर रखने और भविष्य में किसी लक्षित यानी टारगेटेड हमले को अंजाम देने के लिए सौंपा था। इस घातक विस्फोटक की बरामदगी से साफ हो गया है कि यह नेटवर्क किसी बहुत बड़ी तबाही की फिराक में था जिसे समय रहते सुरक्षा बलों ने अपनी सतर्कता के चलते विफल कर दिया है।

आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कड़ी नीति

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और उनके साजो-सामान को बढ़ावा देने वाले संगठनों की हरकतों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए भारतीय सेना और पुलिस हमेशा हाई अलर्ट मोड पर रहती है। सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाइयों के चलते राज्य से कई बड़े आतंकवादियों का सफाया किया जा चुका है और आतंकवाद के मामले में पूरी तरह से ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इस बढ़ती सख्ती से सीमा पार बैठे आतंकियों के आका पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं और आए दिन कश्मीर घाटी में दहशत फैलाने के लिए नई-नई साजिशें रचने का प्रयास करते रहते हैं। घाटी में अशांति फैलाने के लिए ये आतंकी संगठन स्थानीय स्तर पर ओवर ग्राउंड वर्कर्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं, जो उन्हें छिपे रहने के लिए सुरक्षित ठिकाने और जरूरी सामान उपलब्ध करवाते हैं।

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सवाल-जवाब

राजौरी पुलिस ने किन लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक नामक तीन स्थानीय व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारियां किस संगठन से जुड़ी हैं?
यह गिरफ्तारियां प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क से जुड़ी हैं।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ है?
जांच के दौरान एक आरोपी की निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने एक आईईडी बरामद किया है।
ये आरोपी क्या काम करते थे?
ये आरोपी आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट, सुरक्षित आवाजाही और कश्मीर घाटी की तरफ जाने में गाइड का काम करते थे।
यह कार्रवाई किस क्षेत्र में की गई है?
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले और पीर पंजाल इलाके में की गई है।
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