रामपुर जिले में पारंपरिक फसलों से अलग बागवानी और कृषि आधारित नए व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक किसानों के लिए सरकारी स्तर पर सहायता की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को विभिन्न कृषि गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक का वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने इस योजना के तहत जिले को विभिन्न कार्यों के लिए तय लक्ष्य प्राप्त होने की पुष्टि की है। इस आर्थिक लाभ को प्राप्त करने के इच्छुक किसानों को 30 सितंबर तक अपनी अर्जी दाखिल करनी होगी।
खुशबूदार फसलों, बागवानी और संबद्ध व्यवसायों के लिए प्रोत्साहन
इस मिशन के तहत खेती के कई आधुनिक और मूल्य संवर्धित क्षेत्रों को शामिल किया गया है। किसान औषधीय पौधों की खेती के साथ साथ सुगंधित फसलों की बुवाई के लिए अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा उन्नत और नई तकनीक से तैयार किए गए केले के पौधों की रोपाई, खेतों में नमी और खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग तथा फसलों को प्राकृतिक आपदाओं या कीटों से बचाने के लिए ईको फ्रेंडली लाइट कवर लगाने पर भी आर्थिक मदद दी जा रही है। कम लागत वाली मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने और अतिरिक्त आमदनी के साधन के रूप में मधुमक्खी पालन शुरू करने वाले किसान भी इस वित्तीय सहायता के दायरे में आएंगे।
खेत की बाड़बंदी और कृषि यंत्रों की खरीद पर राहत
फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों की सुरक्षा का इंतजाम करना किसानों की एक बड़ी जरूरत रहता है। योजना के प्रावधानों के अनुसार खेत के चारों ओर तार या अन्य जरूरी सामग्रियों से सुरक्षित घेराबंदी कराने के लिए भी मदद दी जाएगी। इसके अतिरिक्त कृषि कार्यों को आसान बनाने वाले उपकरणों जैसे पावर टिलर और पावर नेपसेक स्प्रेयर की खरीद पर भी अनुदान मिलेगा। उद्यान विभाग ने स्पष्ट किया है कि मशीनरी से संबंधित आवेदनों में इलेक्ट्रिक उपकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि कोई किसान बिजली से चलने वाली मशीन के लिए आवेदन करता है, तो उसे आवेदन पत्र के साथ संबंधित यंत्र का वैध इलेक्ट्रिक कोटेशन लगाना होगा ताकि विभाग को उसकी वास्तविक कीमत और विवरण की सही जानकारी मिल सके।
डीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन और ऑफलाइन जमा होंगे प्रपत्र
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास कुछ अनिवार्य दस्तावेज होने जरूरी हैं। इनमें आधार कार्ड, जमीन का स्वामित्व दर्शाने वाली खतौनी, बैंक खाते की पासबुक और पासपोर्ट आकार की फोटो शामिल हैं। आवेदन की प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए किसान उद्यान विभाग के डीबीटी हार्टिकल्चर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन सबमिट कर सकते हैं। जो किसान व्यक्तिगत रूप से प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं, वे रामपुर में किला परिसर स्थित अधीक्षक राजकीय उद्यान कार्यालय में जाकर अपने प्रपत्र जमा कर सकते हैं। जिला अधिकारी ने सलाह दी है कि किसान समय रहते अपने पूरे कागजात दुरुस्त कर लें ताकि प्रक्रिया के दौरान किसी रुकावट का सामना न करना पड़े।
पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मिलेगा आवंटन
विभाग ने आवेदकों को आगाह किया है कि लक्ष्यों का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि योजना में पहले आवेदन करने वाले पात्र कृषकों को निर्धारित लक्ष्य के भीतर पहले लाभ मिलेगा। इसलिए आखिरी तिथि यानी 30 सितंबर की प्रतीक्षा किए बिना जल्द से जल्द आवेदन करना फायदेमंद रहेगा। योजना से जुड़ी विस्तृत तकनीकी जानकारी, पात्रता की शर्तों या आवेदन में किसी सहायता के लिए किसान किला स्थित अधीक्षक राजकीय उद्यान कार्यालय में संबंधित योजना प्रभारी से सीधा संपर्क साध सकते हैं।





















