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रायसेन जिला जेल से भागने की कोशिश में हत्या के आरोपी नीलेश ठाकुर ने प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को मारी दो गोलियांमध्य प्रदेश
2 सित॰ 2026, 2:00 pm (10 दिन पहले)· 2

रायसेन जिला जेल से भागने की कोशिश में हत्या के आरोपी नीलेश ठाकुर ने प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को मारी दो गोलियां

मध्यप्रदेश की रायसेन जिला जेल में स्कूल कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर ने भागने से इंकार करने पर प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को दो गोलियां मार दीं। गंभीर हालत में घायल प्रहरी को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स भोपाल रेफर किया गया है।

मध्यप्रदेश के रायसेन स्थित जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक गंभीर घटना सामने आई। जेल परिसर के भीतर बंद एक विचाराधीन कैदी ने ड्यूटी पर तैनात प्रहरी पर कट्टे से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। स्कूली बच्चों के एक प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों के बीच हुई इस गोलीबारी से पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घायल सुरक्षाकर्मी को नाजुक हालत में प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल भोपाल एम्स अस्पताल के लिए रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

फल लाने के बहाने रची गई थी भागने की साजिश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय जेल परिसर में स्कूली छात्रों से जुड़े एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की व्यवस्थाएं की जा रही थीं। इसी दौरान परिसर में बंद विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर को फलों की टोकरी लाने के उद्देश्य से मुख्य द्वार के पास भेजा गया था। गेट पर पहुंचते ही नीलेश ने वहां तैनात जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से ताला खोलकर उसे बाहर भागने देने की मांग की।

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सुरक्षा प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर ने कैदी की इस अवैध मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया। मना करने पर नीलेश ठाकुर आक्रामक हो गया और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ते ही कैदी ने अपने पास छिपाकर रखे गए अवैध कट्टे से प्रहरी पर निशाना साधकर दो गोलियां चला दीं। गोलीबारी की तेज आवाज से पूरा परिसर थर्रा उठा और अन्य कर्मचारी तुरंत मौके की ओर दौड़े।

पीठ और कंधे पर लगीं गोलियां, फेफड़ों में भरा पानी

गोलीबारी के हमले में जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को दो गंभीर घाव आए हैं। एक गोली उनके कंधे के समीप लगी, जबकि दूसरी गोली सीधे पीठ के निचले हिस्से में जा धंसी। घटना के तुरंत बाद सहकर्मियों ने लहूलुहान अवस्था में प्रहरी को रायसेन जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां आपातकालीन कक्ष में उनका शुरुआती इलाज किया गया।

रायसेन जिला अस्पताल के प्राथमिक चिकित्सक डॉक्टर महक सहयाद्रि ने बताया कि घायल प्रहरी को गोली लगने के कारण तुरंत आपातकालीन चिकित्सा दी गई और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेफरल प्रक्रिया शुरू की गई। अस्पताल के सर्जन डॉक्टर अभिषेक सागर ने बताया कि एक गोली मरीज के फेफड़ों के निचले हिस्से में गहराई तक पहुंच गई है। इसके कारण फेफड़ों के अंदर धीरे-धीरे पानी जमा होने लगा था, जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ पैदा हो रही थी। इसी वजह से उन्हें उन्नत चिकित्सा सुविधा के लिए तत्काल भोपाल के एम्स अस्पताल भेजा गया है।

गंभीर मुकदमों का सामना कर रहा है आरोपी नीलेश ठाकुर

जेल प्रहरी पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी कैदी नीलेश ठाकुर रायसेन जिले की बरेली तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम दिमाड़ा का निवासी है। नीलेश पूर्व में रायसेन इलाके में हुए एक अन्य गोलीकांड का मुख्य आरोपी है और उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में मामले में धारा 302 (हत्या) जोड़ी गई थी।

वर्तमान में नीलेश ठाकुर इसी गंभीर आपराधिक मामले में रायसेन जिला जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में निरुद्ध था। जेल के अंदर हथियार लेकर घूमना और सुरक्षा गार्ड पर हमला करना उसकी आपराधिक प्रवृत्ति और जेल सुरक्षा तंत्र की विफलताओं को उजागर करता है।

जेल सुरक्षा पर सवाल और पुलिस की आधिकारिक जांच

कड़े सुरक्षा घेरे वाली जिला जेल के अंदर धारा 302 के आरोपी के पास देशी कट्टा कैसे पहुंचा, इस सवाल ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। जेल के भीतर कैदियों की नियमित तलाशी और प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर तथा सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद इतना बड़ा हथियार अंदर पहुंच जाना एक बड़ी चूक माना जा रहा है।

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) प्रतिभा शर्मा ने बताया कि जेल परिसर में गोलीबारी की घटना संज्ञान में आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि आरोपी कैदी तक कट्टा किस माध्यम से पहुंचाया गया और इस चूक में किसकी लापरवाही रही है।

सवाल-जवाब

रायसेन जिला जेल में गोलीबारी की घटना कब और कैसे हुई?
यह घटना उस समय हुई जब जेल के भीतर स्कूली बच्चों के कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। कैदी नीलेश ठाकुर को फलों की टोकरी लाने के लिए गेट के पास भेजा गया था, जहां उसने प्रहरी पर गेट खोलने का दबाव बनाया और मना करने पर गोली चला दी।
घायल जेल प्रहरी की पहचान क्या है और उन्हें कितनी गोलियां लगी हैं?
घायल प्रहरी की पहचान दिग्विजय सिंह तोमर के रूप में हुई है। आरोपी कैदी ने उन्हें दो गोलियां मारीं, जिनमें से एक कंधे के पास और दूसरी पीठ में लगी।
घायल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति कैसी है?
रायसेन जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार गोली फेफड़ों के निचले हिस्से में पहुँचने के कारण उनमें पानी भरने लगा था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स भोपाल रेफर किया गया है।
गोली चलाने वाले आरोपी कैदी का क्या नाम है और उसकी पृष्ठभूमि क्या है?
आरोपी का नाम नीलेश ठाकुर है, जो बरेली तहसील के ग्राम दिमाड़ा का निवासी है। वह रायसेन में दर्ज धारा 307 और धारा 302 के मामलों में विचाराधीन कैदी है।
जेल में हथियार पहुँचने को लेकर पुलिस प्रशासन ने क्या कहा है?
एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि जेल के भीतर गोली चलने की घटना पर जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी कैदी के पास अवैध कट्टा कहाँ से और कैसे पहुँचा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·10 दिन पहले

यह घटना जेलों के भीतर सुरक्षा के दावों की पोल खोलती है। एक विचाराधीन कैदी द्वारा जेल परिसर के अंदर अवैध हथियार रखना और प्रहरी पर हमला करना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। सांस्कृतिक आयोजनों की आड़ में इस तरह की चूक भविष्य में बड़े खतरे का संकेत है, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·10 दिन पहले

जेल के अंदर हथियार का पहुंचना और मुख्य द्वार तक कैदी की बेरोक-टो टोक आवाजाही यह दर्शाती है कि आंतरिक सुरक्षा ऑडिट और रैंडम चेकिंग प्रणाली पूरी तरह फेल हो चुकी है। इस मामले में न केवल ड्यूटी में तैनात कर्मियों की संलिप्तता की जाँच होनी चाहिए, बल्कि बाहरी संभ्रांतों या कार्यक्रमों के नाम पर जेल आने-जाने वालों की भी गहन पड़ताल आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की चूक रोकी जा सके।

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