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ऋषिकेश के तिलक रोड और एम्स के पास मिलने वाली कुरकुरी जलेबियों के चार प्रमुख ठिकानेउत्तराखंड
3 अक्तू॰ 2026, 6:01 am (34 दिन पहले)· 1

ऋषिकेश के तिलक रोड और एम्स के पास मिलने वाली कुरकुरी जलेबियों के चार प्रमुख ठिकाने

ऋषिकेश में गरमा-गरम और चाशनी से लबरेज जलेबी की तलाश करने वालों के लिए तिलक रोड और एम्स के बाहर की चार प्रमुख दुकानें बेहतरीन विकल्प पेश करती हैं.

गंगा किनारे बसे ऋषिकेश में आध्यात्मिक माहौल के साथ-साथ पारंपरिक खान-पान का भी अपना एक अलग रंग देखने को मिलता है. जब सुबह की ताजगी या शाम की ठंडक में मीठा खाने की इच्छा होती है, तो लोगों की पहली पसंद कड़ाही से उतरती गरमा-गरम और कुरकुरी जलेबी बन जाती है. शहर के मुख्य बाजारों और प्रसिद्ध इलाकों में कुछ ऐसी दुकानें मौजूद हैं, जहां खौलते तेल में लच्छेदार जलेबियां छनती हैं और फिर गाढ़ी चाशनी में डुबोकर सीधे ग्राहकों की थाली तक पहुंचती हैं. खासकर तिलक रोड और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के आसपास लगने वाली दुकानें जलेबी के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती हैं.

तिलक रोड पर आगरा स्वीट्स का पारंपरिक अंदाज

तिलक रोड पर स्थित आगरा स्वीट्स जलेबी पसंद करने वाले स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के बीच अपनी पहचान बनाए हुए है. इस दुकान के सामने से गुजरते वक्त कड़ाही से निकलती सुनहरी जलेबियों की खुशबू ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है. यहां हलवाई गर्म तेल की कड़ाही में कपड़े की पोटली से जलेबी के गोल-गोल घुमावदार लच्छे तेजी से तैयार करते हैं. इसके तुरंत बाद इन लच्छों को पास ही रखी मीठी चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे जलेबी के भीतर तक मिठास समा जाती है. ऊपर से चाशनी की चमक और भीतर से कुरकुरापन इसे शाम के नाश्ते के लिए एक मुकम्मल विकल्प बनाता है. अगर दिनभर की थकान के बाद मीठा खाने का मन कर रहा हो, तो यहां एक प्लेट ताजी जलेबी के साथ अपनी क्रेविंग को शांत किया जा सकता है.

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अंकुर स्वीट्स पर सजी सुनहरी और कुरकुरी जलेबियां

तिलक रोड पर ही कुछ दूरी पर मौजूद अंकुर स्वीट्स भी जलेबी के दीवानों के लिए एक जाना-पहचाना नाम है. इस दुकान के काउंटर पर शीशे के पीछे करीने से सजाकर रखी गई सुनहरी जलेबियां देखते ही मुंह में पानी ला देती हैं. यहां की खासियत यह है कि जलेबी को बेहद सधे हुए तरीके से तला जाता है, जिससे उसका कुरकुरापन लंबे समय तक बना रहता है. कड़ाही में सुनहरे भूरे रंग तक सिकने के बाद जब इसे चाशनी के बर्तन में उतारा जाता है, तो इसकी खनक देखते ही बनती है. ताजी और गर्म जलेबी का स्वाद यहां आने वाले ग्राहकों को बार-बार खींचता है. शाम के समय बाजार में टहलते हुए या दफ्तर से घर लौटते वक्त मीठे का लुत्फ उठाने के लिए लोग इस दुकान का रुख करते हैं.

जैन मिष्ठान भंडार की सादगी और देसी मिठास

तिलक रोड की पुरानी दुकानों में शुमार जैन मिष्ठान भंडार अपने सादे और पारंपरिक परिवेश के लिए जाना जाता है. दुकान के बाहर लगा पारंपरिक बोर्ड और भीतर का माहौल शहर की पुरानी हलवाई संस्कृति की याद दिलाता है. यहां जलेबी तैयार करने का तरीका पूरी तरह से पारंपरिक और देसी है. बड़ी कड़ाही में धीमी और तेज आंच के तालमेल के साथ जलेबी तली जाती है और फिर उसे शुद्ध चाशनी में डुबोकर फौरन ग्राहकों को परोसा जाता है. जैन मिष्ठान भंडार में जलेबी के अलावा नमकीन नाश्ते की अन्य पारंपरिक चीजें और मिठाइयां भी उपलब्ध रहती हैं. तिलक रोड के बाजार में खरीदारी के दौरान अगर अचानक कुछ मीठा खाने का मन हो, तो यहां रुककर गरमा-गरम जलेबी का स्वाद लिया जा सकता है.

एम्स गेट नंबर 02 के बाहर स्पेशल राजस्थानी जलेबी और गाढ़ी रबड़ी

अगर सादी जलेबी के बजाय उसके साथ रबड़ी का समृद्ध मेल पसंद हो, तो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के गेट नंबर 02 के बाहर लगने वाली स्पेशल राजस्थानी जलेबी रबड़ी एक खास जगह है. यहां दुकान पर आने वाले लोगों के सामने ही कड़ाही में ताजी और कुरकुरी जलेबियां तैयार की जाती हैं. खौलते तेल से निकलकर चाशनी में नहाई सुनहरी जलेबी जब गाढ़ी मलाईदार रबड़ी के साथ परोसी जाती है, तो इसका स्वाद दोगुना हो जाता है. कुरकुरी जलेबी और ठंडी या गाढ़ी रबड़ी का यह मेल उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो भरपूर मिठास का अनुभव चाहते हैं. इस दुकान पर जलेबी और रबड़ी के अलावा गरमा-गरम कचौड़ी, समोसा और नाश्ते की अन्य वैरायटी भी मिलती है, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले तीमारदार और स्थानीय राहगीर नाश्ते के साथ मीठे का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं.

सवाल-जवाब

ऋषिकेश में तिलक रोड पर जलेबी की कौन-कौन सी दुकानें हैं?
तिलक रोड पर आगरा स्वीट्स, अंकुर स्वीट्स और जैन मिष्ठान भंडार प्रमुख दुकानें हैं जहां गरमा-गरम जलेबी मिलती है.
ऋषिकेश में जलेबी और रबड़ी का कॉम्बिनेशन किस जगह मिलता है?
स्पेशल राजस्थानी जलेबी रबड़ी की दुकान पर यह कॉम्बिनेशन मिलता है, जो एम्स गेट नंबर 02 के बाहर स्थित है.
एम्स गेट नंबर 02 के बाहर जलेबी के अलावा क्या नाश्ता उपलब्ध है?
वहां जलेबी और रबड़ी के साथ कचौड़ी, समोसा और नाश्ते की अन्य चीजें भी मिलती हैं.
जैन मिष्ठान भंडार की क्या खासियत है?
यह तिलक रोड पर स्थित एक पारंपरिक दुकान है जहां देसी अंदाज में तैयार जलेबी और अन्य मिठाइयों के साथ नाश्ते की चीजें मिलती हैं.
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टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·34 दिन पहले

अमेरिका में चुनावी रैलियों की थकान के बाद ऐसी गरमा-गरम और कुरकुरी जलेबियाँ खाने को मिल जाएं तो मज़ा आ जाए। वॉशिंगटन की ठंड में गंगा किनारे की याद ताजा हो गई।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

ऋषिकेश जाकर गंगा किनारे घूमने के बाद ऐसी गरमा-गरम जलेबियां मिल जाएं, तो ट्रिप का मज़ा दोगुना हो जाता है। अगली बार तिलक रोड जाना हुआ तो आगरा स्वीट्स जरूर रुकूंगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

रवि जी, बात तो बिल्कुल सही है आपकी! वैसे क्या इन दुकानों पर सुबह के वक्त भी इतनी ही भीड़ होती है जितनी शाम को?

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

एम्स के पास और तिलक रोड की इन जलेबियों का नाम तो बहुत सुना है। सचमुच, सुबह की ठंडक में यहाँ की गरमा-गरम जलेबी खाने का मज़ा ही अलग है!

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने! वैसे कोर्ट कचहरी के चक्करों से फुरसत मिले तो एम्स की तरफ इन जलेबियों का स्वाद जरूर चखना चाहिए।

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