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सहारनपुर के चिराउ गांव में 30 फुट गहरा गड्ढा धंसने से हादसा, मिट्टी में दबकर चाचा और 12 साल के भतीजे की मौतउत्तर प्रदेश
16 अग॰ 2026, 12:38 am (28 दिन पहले)· 0

सहारनपुर के चिराउ गांव में 30 फुट गहरा गड्ढा धंसने से हादसा, मिट्टी में दबकर चाचा और 12 साल के भतीजे की मौत

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के चिराउ गांव में नलकूप के पास खोदे गए 30 फुट गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसने से 45 साल के राजेंद्र और उनके 12 साल के भतीजे गौरव की दर्दनाक मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले स्थित बड़गांव थाना क्षेत्र के चिराउ गांव में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। गांव में नलकूप के समीप खोदे गए लगभग 30 फुट गहरे गड्ढे की मिट्टी अचानक धंस जाने से दो लोगों की जान चली गई। इस हादसे में 45 वर्षीय राजेंद्र और उनका 12 साल का भतीजा गौरव मलबे के नीचे दब गए। राहत और बचाव दल की काफी मशक्कत के बावजूद दोनों को बचाया नहीं जा सका और अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

नलकूप के पास बने गड्ढे में ईंटें निकालते समय हुआ हादसा

स्थानीय बड़गांव थाने के एसएचओ नरेंद्र भड़ाना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को चिराउ गांव निवासी 45 साल के राजेंद्र नलकूप के पास खोदे गए 30 फुट गहरे गड्ढे के अंदर उतरकर ईंटें निकालने का काम कर रहे थे। उसी दौरान उनका 12 वर्षीय भतीजा गौरव गड्ढे के ऊपर किनारे पर बैठा हुआ था। काम के दौरान अचानक ऊपर से मिट्टी की ढाय खिसक गई और एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। मिट्टी धंसने की वजह से किनारे पर बैठा गौरव भी सीधे गड्ढे में जा गिरा और चाचा-भतीजा दोनों ही मिट्टी के भारी मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए।

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जेसीबी मशीन से मलबा हटाकर चलाया गया राहत और बचाव अभियान

गड्ढे में मिट्टी धंसने और दोनों के दबने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को दी गई, जिसके बाद बड़गांव थाना पुलिस और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मलबे को जल्दी और सावधानी से हटाने के लिए जेसीबी मशीन को काम पर लगाया गया। राहत दल ने ध्यान रखा कि बचाव कार्य के दौरान दबे हुए लोगों को कोई अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे।

काफी प्रयास के बाद सबसे पहले 45 वर्षीय राजेंद्र को मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद बचाव दल ने कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद 12 साल के गौरव को भी मिट्टी के नीचे से बाहर निकाल लिया। गौरव को भी तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। एक ही परिवार के चाचा और 12 साल के मासूम भतीजे की इस तरह अचानक हुई मौत से चिराउ गांव में शोक और मातम का माहौल व्याप्त है।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को ही सहारनपुर जिले में एक अन्य दुखद सड़क दुर्घटना भी दर्ज की गई, जिसमें कार के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा जाने के कारण ITBP के DIG परमिंदर सिंह और उनके ड्राइवर की जान चली गई।

सवाल-जवाब

सहारनपुर में हादसा कहां और कैसे हुआ?
यह हादसा सहारनपुर जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र स्थित चिराउ गांव में नलकूप के पास बने 30 फुट गहरे गड्ढे की मिट्टी अचानक धंसने से हुआ।
इस हादसे में किन लोगों की जान गई?
इस घटना में चिराउ गांव निवासी 45 वर्षीय राजेंद्र और उनके 12 वर्षीय भतीजे गौरव की मिट्टी में दबने से मौत हो गई।
हादसा किस समय और किस काम के दौरान हुआ?
हादसा शनिवार को हुआ जब राजेंद्र 30 फुट गहरे गड्ढे के अंदर से ईंटें निकाल रहे थे और उनका भतीजा गौरव गड्ढे के किनारे बैठा हुआ था।
बचाव अभियान कैसे चलाया गया?
सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से कई घंटों तक मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·27 दिन पहले

सहारनपुर की यह दुर्घटना ग्रामीण क्षेत्रों में असुरक्षित बुनियादी ढांचे और नियमों के अभाव को उजागर करती है। अमेरिका में ऐसे गहरे गड्ढों और निर्माण स्थलों पर सख्त श्रम सुरक्षा मानक अनिवार्य होते हैं, जिनका पालन न होने पर भारी कानूनी कार्रवाई होती है। इस घटना से स्पष्ट है कि स्थानीय स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासनिक निगरानी बेहद कमजोर है, जिससे भविष्य में ऐसी त्रादियां रोकने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक हो गया है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 दिन पहले

सहारनपुर की यह दुर्घटना केवल एक स्थानीय हादसा नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सुरक्षा मानकों के हो रहे निर्माण कार्यों और गहरे गड्ढों की असुरक्षित खुदाई पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस तरह के मामलों में स्थानीय प्रशासन और श्रम सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन होना आवश्यक है ताकि इस प्रकार की अमूल्य जिंदगियों को समय रहते बचाया जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·27 दिन पहले

सहारनपुर की यह दुर्घटना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अनौपचारिक श्रम क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर आर्थिक व सामाजिक पहलू उजागर करती है। जब तक ग्रामीण निर्माण कार्यों और छोटे स्तर की खुदाई में भी व्यावसायिक सुरक्षा और सख्त प्रशासनिक निगरानी को अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा, तब तक ऐसी मानवीय क्षति परिवारों की आजीविका और स्थानीय श्रम सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती रहेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 दिन पहले

यह हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सुरक्षा मानकों के किए जाने वाले जोखिम भरे कार्यों और प्रशासनिक अनदेखी की गंभीर पोल खोलता है। 30 फुट गहरे बिना ढंके गड्ढे से ईंटें निकालने जैसा खतरनाक काम सुरक्षा उपकरणों के बिना किया जाना सीधे तौर पर लापरवाही का मामला है। इस तरह के मामलों में स्थानीय प्रशासन और पंचायत स्तर पर सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की अकाल मौतों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·27 दिन पहले

यह दर्दनाक घटना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अनियंत्रित खुदाइयों के खतरनाक चलन को बेनकाब करती है। तीस फुट गहरे गड्ढे में इस तरह बिना किसी सुरक्षा गियर या जियो-टेक्निकल सपोर्ट के काम करवाना न केवल लापरवाही है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी की विफलता को भी दर्शाता है। जिला प्रशासन को तुरंत यह जांच करनी चाहिए कि बिना सुरक्षा मानकों के ऐसे खतरनाक गड्ढे खोदने की अनुमति कैसे और क्यों दी गई, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

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