पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विवादित पोस्टर सड़कों के किनारे नजर आने के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। महानगर के इस उत्तरी बाहरी हिस्से में लगे इन पोस्टरों में राहुल गांधी संसद सत्र की कार्यवाही के दौरान अपनी सीट पर आंखें बंद किए बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस घटनाक्रम की गूंज अब बंगाल की सीमाओं से निकलकर नई दिल्ली के राजनीतिक हलकों तक पहुंच चुकी है और इस पर तीखी बहस छिड़ गई है।
पोस्टर में क्या है और कौन सी तस्वीरें छापी गईं
सॉल्ट लेक के विभिन्न हिस्सों में सार्वजनिक जगहों पर चिपकाए गए इन पोस्टरों में राहुल गांधी की दो अलग-अलग तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गई हैं। इनमें से पहली तस्वीर में वे संसद भवन के भीतर अपनी सीट पर गाल पर हाथ रखे हुए आंखें बंद किए बैठे नजर आते हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में वे अपनी निर्धारित सीट पर पीछे की ओर झुके हुए लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। इन दोनों तस्वीरों के ठीक नीचे बड़े-बड़े अक्षरों में एक सीधा और तीखा सवालिया कैप्शन लिखा गया है, जिसमें पूछा गया है कि ‘देश का नेता ऐसा हो?’।
आधी रात को लगाए गए पोस्टर, लगाने वालों का कोई सुराग नहीं
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा रहस्य यह बना हुआ है कि इन पोस्टरों को आखिरकार किसने तैयार करवाया और सड़कों पर लगवाया। अब तक किसी भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन अथवा किसी भी व्यक्ति ने इन विवादित पोस्टरों को लगाने की जिम्मेदारी सार्वजनिक तौर पर नहीं ली है। आधी रात के सन्नाटे में बेहद गुपचुप तरीके से अंजाम दी गई इस हरकत ने स्थानीय पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियों को भी पूरी तरह अलर्ट कर दिया है, जो अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके पीछे किसका हाथ है।
मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ आंदोलन और भाजपा की जवाबी मुहिम
सॉल्ट लेक में यह पोस्टर विवाद ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आया है, जब राहुल गांधी नई दिल्ली से एक बड़े राजनीतिक अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। वे देश भर में मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के विरोध में तमाम विपक्षी राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाने और एकजुट करने की मुहिम में व्यस्त हैं।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों की इस रणनीति के खिलाफ राष्ट्रव्यापी स्तर पर जवाबी मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने पूरे देश में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ के नारे के साथ एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। इसी सियासी टकराव के बीच कोलकाता में भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन के नेतृत्व में एक विशाल रैली भी आयोजित की गई, जिसमें विपक्षी दलों के रुख पर तीखा हमला बोला गया।
















