राजस्थान के अजमेर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अफरा-तफरी की स्थिति बन गई जब जयपुर से असरवा जा रही एक ट्रेन में विस्फोटक होने की खबर मिली। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस तुरंत हरकत में आ गए। अधिकारियों ने बिना किसी देरी के अजमेर स्टेशन पर गाड़ी के पहुंचते ही सघन जांच अभियान छेड़ दिया। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन परिसर और संबंधित प्लेटफॉर्म पर चौकसी बढ़ा दी गई।
प्लेटफॉर्म पर चलाया गया व्यापक सर्च ऑपरेशन
सुरक्षाबलों की टीमों ने बोगियों में मौजूद यात्रियों के सामान और संदिग्ध कोनों की बारीकी से जांच की। करीब आधे घंटे तक चले इस तलाशी अभियान के दौरान ट्रेन के भीतर कोई भी आपत्तिजनक अथवा विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। जब सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह संतुष्ट हो गईं कि किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है, तब रात 10:45 बजे ट्रेन को गंतव्य के लिए सुरक्षित रवाना किया गया।
शराब के नशे में दी गई थी झूठी कॉल
मामले की पड़ताल के दौरान सामने आया कि ट्रेन में ही यात्रा कर रहे एक व्यक्ति ने बम होने का दावा किया था। यह कॉल नाथद्वारा के रहने वाले नंदलाल नाम के यात्री ने की थी। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त यात्री शराब के भारी नशे में था और उसी मदहोशी की हालत में उसने सुरक्षा एजेंसियों को झूठी जानकारी देकर भ्रम फैलाया था।
आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी
अफवाह पूरी तरह निराधार साबित होने के तुरंत बाद पुलिस ने नंदलाल को हिरासत में ले लिया। जीआरपी थाने की पुलिस टीम आरोपी को हिरासत में रखकर पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि नशे की हालत में उसने केवल उपद्रव मचाने के लिए यह हरकत की या फिर इस झूठी सूचना के पीछे कोई अन्य मंशा थी।



















