श्रावण मास के पावन अवसर पर वाराणसी स्थित प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। सावन के पहले ही दिन मंदिर आने वाले सामान्य श्रद्धालुओं को विशेष सुविधाएं प्रदान की गईं। मंदिर परिसर में कदम रखते ही शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका भव्य अभिनंदन किया गया। श्रद्धालु लाल कारपेट पर चलकर बाबा विश्वनाथ के दरबार तक पहुंचे और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस खास अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रातःकाल मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की तथा राज्य और देश की निरंतर प्रगति व समृद्धि की कामना की।
भव्य स्वागत और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़
सुबह मंगला आरती के संपन्न होने के तुरंत बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए गए। इसके पश्चात से ही बाबा के दर्शन करने और पवित्र जल अर्पित करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। दर्शन का यह निरंतर सिलसिला भोर से शुरू होकर देर रात तक जारी रहेगा। पहले दिन की व्यवस्थाओं के बीच अनुमान जताया गया है कि लगभग डेढ़ लाख से दो लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के समक्ष शीश नवाएंगे।
झांकी दर्शन, 7 प्रवेश द्वार और नए नियम
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं। भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारों द्वारों से झांकी दर्शन की सुविधा दी जा रही है ताकि कतारें बिना रुकावट आगे बढ़ती रहें। इसके अतिरिक्त सावन के प्रत्येक सोमवार को उमड़ने वाली संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सात अलग-अलग प्रवेश द्वारों से श्रद्धालुओं को एंट्री दी जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थानीय प्रशासन ने पूरे परिसर में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
बैगेज काउंटर बंद और प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक
भीड़ के सुगम संचालन के उद्देश्य से मंदिर प्रशासन ने परिसर के भीतर संचालित बैगेज काउंटरों को अस्थाई रूप से बंद करने का फैसला लिया है। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे मंदिर आने से पूर्व अपने मोबाइल फोन, कैमरे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों को अपने होटल अथवा लॉज में ही छोड़कर आएं। इसके अलावा आम श्रद्धालुओं को बिना किसी व्यवधान के दर्शन कराने के लिए वीआईपी एवं प्रोटोकॉल दर्शन की व्यवस्था को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है।
पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और टाटा स्काई पर लाइव प्रसारण
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में पेयजल के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। तेज गर्मी और कतारों को देखते हुए छोटे बच्चों के लिए बिस्कुट तथा टॉफियों का वितरण किया जा रहा है, जबकि बुजुर्ग श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ग्लूकोज की विशेष व्यवस्था की गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमों को धाम में तैनात रखा गया है। वहीं देश और दुनिया भर में मौजूद उन भक्तों के लिए, जो व्यक्तिगत रूप से वाराणसी नहीं पहुंच पा रहे हैं, टाटा स्काई के माध्यम से मंदिर से सीधे लाइव दर्शन का प्रसारण किया जा रहा है।



















