उत्तर प्रदेश के मऊ शहर के कचहरी मोड़ के पास एक गंभीर हादसा टल गया, जब तेज गति से स्कूटी चला रहा एक नाबालिग सड़क किनारे बने गहरे नाले में जा गिरा। इस अप्रत्याशित घटना के दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बिना एक पल गंवाए मदद का हाथ बढ़ाया और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे तथा स्कूटी दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कैसे हुआ हादसा
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि लड़का काफी तेज रफ्तार में स्कूटी चला रहा था। कचहरी मोड़ के करीब पहुंचते ही उसका वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधा सड़क किनारे बने खुले नाले में जा पलटा। उस नाले में पानी का बहाव काफी तेज था और गहराई भी बहुत अधिक थी, जिससे तुरंत ही एक बड़ा संकट पैदा हो गया था। लेकिन समय रहते लोगों की सक्रियता से जान बच गई।
राहगीरों की दिखाई सूझबूझ
हादसा होते ही आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके की तरफ दौड़े। नाले की भारी गहराई और तेज पानी के प्रवाह के बीच भी लोगों ने घबराने के बजाय पूरी सूझबूझ से काम लिया। स्थानीय निवासियों ने आपस में मिलकर एक रस्सी का इंतजाम किया और भारी मेहनत के बाद बच्चे को सुरक्षित ऊपर खींच लिया। इसके बाद, नाले के अंदर फंसी हुई स्कूटी को भी कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लाया गया। लोगों की इस बहादुरी और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा जीवन संकट टल गया।
अभिभावकों की लापरवाही पर गंभीर सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर से इस बेहद गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है कि किस तरह नाबालिगों के हाथों में वाहन सौंपे जा रहे हैं। बिना पूरी समझ, ड्राइविंग लाइसेंस और उचित प्रशिक्षण के बच्चों को गाड़ियां चलाना देना न केवल उनके अपने जीवन को खतरे में डालता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा जोखिम पैदा करता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि माता-पिता और अभिभावकों को इस बात को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए तथा जब तक बच्चे कानूनन बालिग न हो जाएं, उन्हें वाहन चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। राहगीरों की समय पर दिखाई गई समझदारी से आज एक दुर्घटना टल गई, लेकिन यह घटना सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।





















