पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानबिटगेट पर बड़ा साइबर हमला, हॉट वॉलेट से उड़ाए गए 351 मिलियन डॉलरपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया यादजीनियस एक्ट के तहत स्टेबलकॉइन के सख्त नियमों पर फेडरल रिजर्व ने मांगी जनता से राय
शाम के नाश्ते के लिए गेहूं के आटे से तैयार करें क्रिस्पी टैकोस, बच्चों को खूब भाएगा नया स्वादझारखंड
20 सित॰ 2026, 11:53 pm (4 दिन पहले)· 1

शाम के नाश्ते के लिए गेहूं के आटे से तैयार करें क्रिस्पी टैकोस, बच्चों को खूब भाएगा नया स्वाद

कोडरमा की गृहणी राधिका प्रजापति ने घर पर बिना मैदा गेहूं के आटे, उबले आलू और सब्जियों से कुरकुरे टैकोस बनाने का बेहद आसान तरीका बताया है।

शाम के समय बच्चों के लिए रोज कुछ नया और स्वादिष्ट नाश्ता तैयार करना अक्सर एक बड़ा काम बन जाता है। बच्चे केवल सादा खाना खाने के बजाय कुछ ऐसा ढूंढते हैं जो देखने में भी मजेदार लगे और खाने में चटपटा भी हो। आमतौर पर बाजार में मिलने वाले मैक्सिकन स्नैक्स में मैदे का अत्यधिक इस्तेमाल होता है, लेकिन घर की रसोई में सामान्य गेहूं के आटे की मदद से भी बेहतरीन टैकोस तैयार किए जा सकते हैं। कोडरमा की निवासी और गृहणी राधिका प्रजापति ने घर पर ही बिना मैदे के बेहद स्वादिष्ट और क्रिस्पी टैकोस बनाने की पूरी प्रक्रिया समझाई है।

टैकोस के लिए आटा गूंथने का पहला चरण

इस आसान नाश्ते को तैयार करने की शुरुआत बेस बनाने से होती है। राधिका प्रजापति के अनुसार, सबसे पहले दो कटोरा साफ गेहूं का आटा एक चौड़े बर्तन में निकालें। इसके बाद आवश्यकतानुसार सादे पानी की मदद से आटे को सामान्य तरीके से मुलायम गूंथ लें। जब आटा अच्छी तरह बंध जाए, तो उसे तुरंत बेलने के बजाय एक ढक्कन या कपड़े से ढककर लगभग 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इस तरह आराम देने से आटा पूरी तरह सेट हो जाता है और बाद में रोटियां बेलते वक्त किनारों से फटती नहीं हैं।

ये भी पढ़ें

सब्जियों और उबले आलू से बनाएं चटपटी स्टफिंग

जब तक आटा सेट हो रहा हो, तब तक टैकोस के अंदर भरी जाने वाली मसालेदार स्टफिंग बनाई जाती है। इसके लिए सबसे पहले चार से पांच आलू अच्छी तरह उबाल लें और उनके छिलके उतारकर एक तरफ रख लें। इसके साथ ही शिमला मिर्च, प्याज, टमाटर और हरी मिर्च को चाकू की मदद से बारीक टुकड़ों में काट लें। अगर घर में स्वीट कॉर्न मौजूद हो, तो उसे भी इसमें शामिल किया जा सकता है।

अब गैस पर एक कढ़ाई चढ़ाएं और उसमें थोड़ा सा कुकिंग ऑयल डालें। जब तेल गर्म हो जाए, तब कटी हुई प्याज, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, टमाटर और स्वीट कॉर्न कढ़ाई में डालकर चलाएं। इन सभी सब्जियों को मध्यम आंच पर करीब तीन से चार मिनट तक भूनना चाहिए। सब्जियों को तब तक हल्का सा पकाना है जब तक उनका रंग हल्का भूरा न दिखने लगे। इसके बाद स्वाद के अनुसार नमक, हल्दी पाउडर, जीरा पाउडर और गोलकी पाउडर डालकर मसालों को सब्जियों के साथ अच्छी तरह मिला लें।

मसाले मिल जाने के बाद कढ़ाई में उबले हुए आलू डालें। आलू को कलछी की मदद से फोड़ते हुए सब्जियों और मसालों के साथ एकसार कर लें। इस मिश्रण को धीमी आंच पर करीब एक से दो मिनट तक और पकाएं ताकि आलू में मसालों का स्वाद पूरी तरह समा जाए। इसके बाद गैस चूल्हा बंद कर दें और इस तैयार स्टफिंग को किसी अलग बर्तन में निकाल लें ताकि वह ठंडी हो जाए।

रोटी से बनाएं क्रिस्पी टैकोस का बेस

जब आलू और सब्जियों का मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब पहले से तैयार रखे आटे की छोटी-छोटी लोइयां काट लें। इन लोइयों को चकले पर रखकर सामान्य रोटी की तरह पतला बेल लें। इसके बाद एक समान और बिल्कुल गोल आकार देने के लिए किसी तेज धार वाली कटोरी की मदद से रोटी को गोल काट लें।

इसके बाद एक तवा या कढ़ाई गर्म करें और इन गोल कटी रोटियों को एक-एक करके दोनों तरफ से हल्का-हल्का सेंक लें। जब रोटी दोनों तरफ से सिक जाए, तब उसे प्लेट पर निकालें और उसके आधे हिस्से पर तैयार आलू और सब्जियों का मिश्रण फैलाएं। बच्चों को यह स्नैक और ज्यादा पसंद आए, इसके लिए स्टफिंग के ठीक ऊपर मनपसंद चीज कद्दूकस करके या स्लाइस के रूप में डाल दें।

अब रोटी के खाली हिस्से को मोड़कर स्टफिंग के ऊपर चिपकाते हुए उसे बिल्कुल टैकोस का अर्धचंद्राकार रूप दे दें। अंत में इस मुड़े हुए टैकोस को कढ़ाई या तवे पर धीमी आंच पर दोनों तरफ से तब तक सेंकें, जब तक कि अंदर रखी चीज पूरी तरह पिघल न जाए और बाहर की रोटी हल्की भूरी व कुरकुरी न बन जाए। इस तरह घर पर ही पौष्टिक गेहूं के आटे से तैयार क्रिस्पी टैकोस बच्चों और बड़ों को परोसने के लिए तैयार हो जाते हैं।

सवाल-जवाब

टैकोस का आटा गूंथने के बाद कितनी देर रखना चाहिए?
आटे को अच्छी तरह गूंथने के बाद लगभग 10 से 15 मिनट के लिए ढककर आराम करने देना चाहिए ताकि वह पूरी तरह सेट हो जाए।
स्टफिंग में कौन-कौन सी सब्जियों का इस्तेमाल किया गया है?
स्टफिंग के लिए उबले आलू के साथ शिमला मिर्च, प्याज, हरी मिर्च, टमाटर और स्वीट कॉर्न का इस्तेमाल किया गया है।
सब्जियों में कौन-कौन से मसाले मिलाए जाते हैं?
सब्जियों को भूनने के बाद उसमें स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर, जीरा पाउडर और गोलकी पाउडर डाला जाता है।
टैकोस को कुरकुरा और चीज को मेल्ट कैसे किया जाता है?
रोटी में स्टफिंग और चीज भरने के बाद उसे मोड़कर कढ़ाई या तवे पर धीमी आंच पर सेंका जाता है, जिससे चीज पिघलती है और बाहरी परत क्रिस्पी हो जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·4 दिन पहले

यह घरेलू नुस्खा उपभोक्ता स्तर पर खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाता है। शहरी और अर्ध-शहरी परिवारों में मैदे के विकल्प के रूप में गेहूं के आटे और स्थानीय सब्जियों का उपयोग यह बताता है कि आधुनिक जीवनशैली में भी पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक खान-पान की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका असर खाद्य अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

यह रेसिपी केवल घरेलू रसोई का एक नुस्खा नहीं, बल्कि शहरी परिवारों में लगातार बढ़ रहे स्वास्थ्य के प्रति सजग रुझान और पैकेटबंद स्नैक्स से दूरी बनाने की एक बड़ी सामाजिक प्रवृत्ति को दर्शाती है। मैदे के विकल्प के रूप में गेहूं के आटे और स्थानीय सब्जियों का यह उपयोग फास्ट फूड संस्कृति को घर के भीतर पोषणयुक्त रूप देने का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो आने वाले समय में होम-कुकड और ऑर्गेनिक स्नैक्स के प्रति उपभोक्ता मांग को और मजबूत करेगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

रविकाश गुप्ता के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह स्पष्ट है कि घरेलू रसोई से शुरू होने वाले ऐसे नवाचार शहरी उपभोक्ता बाजारों में बड़े बदलाव की नींव रखते हैं। मैदे के स्थान पर गेहूं के आटे और स्थानीय सब्जियों का यह उपयोग केवल पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस उपभोक्ता वर्ग की बढ़ती मांग को भी दर्शाता है जो बच्चों के खान-पान में कृत्रिम विकल्पों की जगह पारम्परिक और घर की बनी सामग्री को प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले दिनों में यह प्रवृत्ति फूड स्टार्टअप्स और पैकेज्ड फूड ब्रांड्स के लिए भी एक स्पष्ट संदेश होगी कि वे अपनी रेसिपी में स्वास्थ्य-केंद्रित बदलावों को प्राथमिकता दें।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

यह रेसिपी आधुनिक जीवनशैली और खान-पान से जुड़ी प्राथमिकताओं को सीधे तौर पर छूती है। कोडरमा की गृहिणी का यह प्रयास दिखाता है कि कैसे शहरी और अर्ध-शहरी घरों में मैदे के विकल्प के रूप में गेहूं का आटा स्वास्थ्यवर्धक स्नैक्स का आधार बन रहा है। बाल पोषण और घरेलू खाद्य प्रबंधन के मोर्चे पर ऐसे अभिनव प्रयोग बच्चों की खान-पान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ पिज़्ज़ा-बर्गर जैसे फास्ट फूड के प्रति बढ़ते रुझान को संतुलित करने में प्रभावी साबित हो रहे हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

रोहन जी के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला केवल घरेलू खान-पान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों की सेहत से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य के उस पहलू को छूता है जहाँ जंक फूड के कारण कम उम्र में मोटापे और कुपोषण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। जब झारखंड के अर्ध-शहरी इलाकों में ऐसी रेसिपीज़ लोकप्रिय होती हैं, तो यह कम लागत और सुलभ सामग्री के जरिए पारिवारिक पोषण सुरक्षा को मजबूत करने का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है। आने वाले समय में बाल स्वास्थ्य और पोषण अभियानों के लिए ऐसे स्थानीय और पारंपरिक विकल्पों को बढ़ावा देना नीतिगत स्तर पर भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp