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शराबबंदी वाले नगालैंड में पसरा मातम, जहरीली शराब पीने से दो जिलों में 19 लोगों की गई जाननागालैंड
26 सित॰ 2026, 11:36 am (5 दिन पहले)· 0

शराबबंदी वाले नगालैंड में पसरा मातम, जहरीली शराब पीने से दो जिलों में 19 लोगों की गई जान

नगालैंड में जहरीली शराब पीने के कारण 19 लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद प्रशासन ने अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है।

पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां जहरीली और मिलावटी शराब के सेवन के कारण 19 लोगों ने दम तोड़ दिया। यह भीषण हादसा उस राज्य में हुआ है जहां साल 1990 से ही पूर्ण शराबबंदी लागू है। इस घटना के बाद से कानून व्यवस्था और शराबबंदी के सरकारी दावों पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि मौत के सौदागरों को पकड़ा जा सके।

मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में मचा कोहराम

मिली जानकारी के अनुसार, ये मौतें राज्य के दो अलग-अलग जिलों में पिछले दो दिनों के भीतर हुई हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोकोकचुंग जिले में 8 लोगों ने दम तोड़ा है, जबकि तुएनसांग जिले में 11 लोगों की जान गई है। इन सभी मौतों का कारण जहरीली शराब का सेवन बताया जा रहा है। इससे पहले सितंबर महीने के मध्य में जब मौतों का प्रारंभिक आंकड़ा सामने आया था, तब पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी। उस दौरान पुलिस ने 470 बोतलें और बीयर कैन जब्त किए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की बिक्री पर लगाम नहीं लग सकी और अंततः यह भीषण हादसा हो गया।

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एसआईटी करेगी मिलावटी शराब के अवैध नेटवर्क की जांच

इस गंभीर मामले की तह तक जाने और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) वेसुप्रा केज़ो ने जानकारी दी कि एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) आई. बुंगलांग चांग इस टीम की कप्तानी करेंगे। यह विशेष दल अवैध शराब के स्रोत, उसकी सप्लाई चेन और राज्य में इसके अवैध व्यापार के पूरे तंत्र का पता लगाने का काम करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सवाल-जवाब

नगालैंड में जहरीली शराब पीने से कितने लोगों की मौत हुई है?
इस दर्दनाक घटना में नगालैंड के दो जिलों में कुल 19 लोगों की जान चली गई है।
यह हादसा नगालैंड के किन जिलों में हुआ है?
यह घटना नगालैंड के मोकोकचुंग जिले (8 मौतें) और तुएनसांग जिले (11 मौतें) में सामने आई है।
नगालैंड में शराबबंदी कब से लागू है?
नगालैंड में साल 1990 से ही पूर्ण शराबबंदी लागू की गई है।
इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व कौन कर रहा है?
विशेष जांच दल (SIT) का नेतृत्व एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) आई. बुंगलांग चांग कर रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·4 दिन पहले

शराबबंदी वाले राज्य में ऐसा हादसा डरावना है। इतने परिवारों का उजड़ना बेहद दुखद है।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

1990 से शराबबंदी होने के बाद भी ऐसा काला कारोबार चलना और इतने लोगों की जान जाना प्रशासन की बहुत बड़ी विफलता है।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·4 दिन पहले

रविकेश भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब मैं पिछले साल कवरेज के लिए मोकोकचुंग गया था, तभी समझ आ गया था कि कागजों की शराबबंदी जमीन पर कितनी बेअसर है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

शराबबंदी वाले राज्यों में ही ऐसा ज़हर सबसे ज़्यादा बिकता है। काग़ज़ पर बैन लगाने से क्या होगा जब सप्लाई चेन वैसी ही चल रही है। मोकोकचुंग और तुएनसांग में हुई इन 19 मौतों के बाद अब एसआईटी जांच से ही असली माफिया सामने आ पाएंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

करण, आपकी बात बिल्कुल सही है कि कागजी बैन से कुछ नहीं होता। पर क्या सितंबर में इतनी बड़ी जब्ती के बाद भी पुलिस सप्लायर तक क्यों नहीं पहुँच पाई?

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