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शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से लखीमपुर के तराई में बढ़ी मुश्किलें, बेचे पुरवा गांव का रास्ता डूबाबिहार
17 अग॰ 2026, 11:39 am (39 दिन पहले)· 2

शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से लखीमपुर के तराई में बढ़ी मुश्किलें, बेचे पुरवा गांव का रास्ता डूबा

लखीमपुर के गोला तहसील क्षेत्र में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से बेचे पुरवा गांव के पास पानी भर गया है। पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों को दो फीट से अधिक पानी से होकर जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है।

पहाड़ी इलाकों में जारी मूसलाधार बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के तराई क्षेत्र में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई इलाकों में रास्तों पर पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ रहा है। थोड़ी सी भी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गोला तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेचे पुरवा गांव के पास से गुजरने वाली शारदा नदी का पानी अब गांव के चारों तरफ फैल चुका है।

गांव तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर एक हिस्से में पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। इस रास्ते पर करीब दो फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ है, जिसके चलते लोग जलभराव के बीच से ही गुजरने को मजबूर हैं।

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स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है जानकारी

बरसात के मौसम में यह संकट और भी ज्यादा गहरा जाता है। रास्ते पर पानी का तेज बहाव होने की वजह से पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं रहता है। विशेष तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस रास्ते से आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर पुलिया बनवाने की मांग को लेकर क्षेत्र के विधायक से लेकर ग्राम प्रधान तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि इस रास्ते पर जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दिनों में उन्हें जलभराव के बीच से न गुजरना पड़े।

बेचे पुरवा गांव के निवासी बनवारी लाल ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें पिछले करीब 2 वर्षों से इस गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही शारदा नदी का जलस्तर बढ़ता है, गांव तक पहुंचने वाले रास्ते पर लगभग 2 से 3 फीट पानी भर जाता है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। कई बार पुलिया बनवाने की बात कही गई, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

सवाल-जवाब

लखीमपुर में किस नदी का जलस्तर बढ़ा है?
लखीमपुर के तराई क्षेत्र में पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा है।
कौन सा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है?
गोला तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला बेचे पुरवा गांव इससे सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों को रास्ते में कितनी गहराई तक पानी से गुजरना पड़ रहा है?
गांव के रास्ते पर करीब दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को मजबूरन उसी के बीच से निकलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए किससे संपर्क किया है?
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और ग्राम प्रधान को इस समस्या से कई बार अवगत कराया है।
बनवारी लाल के अनुसार यह समस्या कितने समय से बनी हुई है?
बनवारी लाल के मुताबिक, ग्रामीणों को पिछले करीब 2 वर्षों से इस गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·38 दिन पहले

लखीमपुर के तराई क्षेत्र में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर और बेचे पुरवा गांव में पुलिया के अभाव से जुड़ा यह जमीनी मुद्दा गंभीर प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। दो फीट से अधिक पानी में बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में डालकर आवाजाही करना किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने जैसा है। जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद पिछले दो सालों से स्थायी समाधान न निकलना व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 दिन पहले

लखीमपुर के तराई क्षेत्र में शारदा नदी के उफान और बेचे पुरवा गांव के मार्ग पर पुलिया के अभाव का यह मामला केवल एक स्थानीय सुविधा का नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन की सुस्ती को उजागर करता है। जनप्रतिनिधियों को बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद स्थायी समाधान का न निकलना प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते इस मार्ग पर पुलिया का निर्माण नहीं हुआ, तो मानसून के दौरान किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·38 दिन पहले

यह संकट केवल आवागमन की दुश्वारी तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला को भी बाधित करता है। तराई क्षेत्रों में संपर्क मार्ग टूटने से कृषि उपज की आवाजाही रुकती है, जिससे किसानों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। बुनियादी ढांचे में ऐसी अनदेखी ग्रामीण विकास के दावों को कमजोर करती है और समय रहते सुधार न होने पर यह स्थानीय बाजार और आजीविका के लिए एक बड़ा आर्थिक जोखिम बन सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·38 दिन पहले

लखीमपुर के तराई क्षेत्र में शारदा नदी के जलस्तर बढ़ने से उपजी यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर करती है। बेचे पुरवा गांव के मार्ग पर पुलिया न होने से दो फीट से अधिक पानी में आवाजाही जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, जिससे किसी भी वक्त कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को बिना देर किए इस पर ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Rohan Verma@rohan-verma·38 दिन पहले

लखीमपुर के तराई क्षेत्र में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर से बेचे पुरवा गांव का संपर्क कट जाना कोई नई आपदा नहीं, बल्कि हर साल आने वाली मानसूनी चुनौती है। दो साल से प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गुहार लगाने के बावजूद पुलिया का निर्माण न होना जवाबदेही पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। यदि समय रहते इस मुख्य मार्ग पर बुनियादी ढांचे को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आवागमन का यह जोखिम किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और नुमाइंदों की होगी।

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