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शिवपुरी में अज्ञात बीमारी का कहर: 10 दिनों में तनवीर अहमद के परिवार के 4 बच्चों की मौतमध्य प्रदेश
2 सित॰ 2026, 11:09 am (10 दिन पहले)· 0

शिवपुरी में अज्ञात बीमारी का कहर: 10 दिनों में तनवीर अहमद के परिवार के 4 बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक ही परिवार के चार बच्चों की अज्ञात बीमारी से 10 दिन के भीतर मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और परिवार के सैंपल लैब भेजे हैं।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां फिजिकल थाना क्षेत्र में स्थित एक ही परिवार के चार बच्चों की महज 10 दिनों के भीतर रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। 21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच हुई इन मौतों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृतकों में तीन सगे भाई और उनका एक करीबी रिश्तेदार शामिल है, जिनमें से तीन नाबालिग थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही जिला स्वास्थ्य प्रशासन में हड़कंप मच गया और डॉक्टरों की एक विशेष टीम मामले की जांच के लिए पीड़ित परिवार के घर पहुंची।

10 दिनों में उजड़ गया परिवार, एक-एक कर बुझ गए चार चिराग

शिवपुरी के फिजिकल थाना इलाके के निवासी तनवीर अहमद के घर में खुशियां मातम में बदल गईं। 21 अगस्त से लेकर 31 अगस्त के दौरान परिवार के चार बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ी और दो से तीन दिनों के इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अचानक हुई इन मौतों से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली है और आसपास के क्षेत्र में भी नजर रखी जा रही है।

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18 अगस्त से शुरू हुआ बीमारी का सिलसिला

पारिवारिक सूत्रों और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बीमारी का पहला लक्षण 18 अगस्त को देखने को मिला था। तनवीर अहमद के 14 वर्षीय बेटे ताहिर को अचानक तेज बुखार आया। बुखार के साथ ही उसे उल्टी, दस्त और पेट में तीव्र दर्द की शिकायत हुई। परिवार वाले उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई और दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि ताहिर के शरीर में प्लेटलेट्स बहुत तेजी से गिर रहे थे।

संक्रमण की चपेट में आए अन्य बच्चे, एक के बाद एक हुई मौतें

ताहिर की मौत के गम से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि तनवीर की बहन का 19 वर्षीय बेटा अयाज बीमार पड़ गया। अयाज में भी बुखार और पेट दर्द के लक्षण देखे गए और जांच में गंभीर इन्फेक्शन की पुष्टि हुई। 23 अगस्त को अयाज ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार के दो और छोटे बच्चे, 9 साल का तारूफ और 11 साल का तासिफ भी इसी रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आ गए। दोनों को तेज बुखार के साथ स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट का सामना करना पड़ा और इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

स्वास्थ्य विभाग की जांच: प्लेटलेट्स में गिरावट और अंग विफल होना

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवपुरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजय ऋषिश्वर खुद अपनी टीम के साथ पीड़ित परिवार के पास पहुंचे। डॉ. ऋषिश्वर ने बताया कि शुरुआती चिकित्सीय जांच से यह संकेत मिलता है कि मौतों का कारण किसी प्रकार का गंभीर संक्रमण हो सकता है। सभी बच्चों के शरीर में प्लेटलेट्स का स्तर बहुत तेजी से नीचे गिरा था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि एक बच्चे की स्थिति इतनी नाजुक हो गई थी कि उसके शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसे मेडिकल भाषा में मल्टी-ऑर्गन फेलियर कहा जाता है।

सैंपल लैब भेजे गए, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

स्वास्थ्य विभाग ने तनवीर अहमद के परिवार के सभी जीवित सदस्यों के रक्त और अन्य आवश्यक सैंपल एकत्र किए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संक्रमण किस बैक्टीरिया, वायरस या अन्य कारण से हुआ था। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के सटीक और वास्तविक कारणों के बारे में कोई आधिकारिक निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। फिलहाल स्वास्थ्य टीम इलाके में एहतियाती कदम उठा रही है।

सवाल-जवाब

शिवपुरी में कितने बच्चों की मौत हुई है और वे किस परिवार से थे?
शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र में रहने वाले तनवीर अहमद के परिवार के 4 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें 3 सगे भाई और 1 रिश्तेदार शामिल हैं।
बच्चों में बीमारी की शुरुआत कब हुई और प्राथमिक लक्षण क्या थे?
बीमारी की शुरुआत 18 अगस्त को 14 वर्षीय ताहिर से हुई थी। बच्चों को सबसे पहले तेज बुखार आया, जिसके बाद पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई।
डॉक्टरों ने मौतों की क्या प्रारंभिक वजह बताई है?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर के अनुसार, शुरुआती जांच में गंभीर संक्रमण और प्लेटलेट्स की तेजी से कमी होने की बात सामने आई है।
मौतों की सटीक वजह कब स्पष्ट होगी?
स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के सभी सदस्यों के सैंपल ले लिए हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·10 दिन पहले

शिवपुरी के इस मामले में मात्र दस दिन के भीतर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत बेहद चिंताजनक है, जो किसी गंभीर संक्रामक रोग या वेक्टर-बोर्न बीमारी की ओर इशारा करती है। बच्चों में प्लेटलेट्स का तेजी से गिरना और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर होना इस बात का प्रमाण है कि संक्रमण अत्यधिक आक्रामक था। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को तुरंत इस बात की गहराई से जांच करनी चाहिए कि क्या यह किसी दूषित जल, खाद्य विषाक्तता या स्थानीय पर्यावरण जनित कारण से हुआ है, ताकि आसपास के अन्य परिवारों को इस अज्ञात खतरे से बचाया जा सके और महामारी फैलने से रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·10 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह के मामलों में एपिडेमियोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन यानी महामारी विज्ञान की जांच सबसे अहम होती है। केवल सैंपल लैब भेजने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यह पड़ताल भी जरूरी है कि क्या सभी पीड़ित बच्चे एक ही स्रोत से पानी या भोजन ग्रहण कर रहे थे। चूंकि मामला एक ही परिवार से जुड़ा है, इसलिए फॉरेंसिक पैथोलॉजी और टॉक्सिकोलॉजी एंगल से भी जांच की जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह कोई वाटर-बorne पैथोजन था या किसी घातक टॉक्सिन का असर।

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