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श्योपुर में 19 महीने के चीते KNG22 की मौत, शरीर से मिले 5 छर्रे, सरकार ने बनाई STFमध्य प्रदेश
28 अक्तू॰ 2026, 12:37 am (1 दिन पहले)· 1

श्योपुर में 19 महीने के चीते KNG22 की मौत, शरीर से मिले 5 छर्रे, सरकार ने बनाई STF

मध्य प्रदेश के श्योपुर में घायल अवस्था में मिले 19 महीने के नर चीते KNG22 की इलाज के दौरान मौत हो गई। सर्जरी के दौरान उसके शरीर से बंदूक के 5 छर्रे बरामद होने के बाद राज्य सरकार ने विशेष कार्य बल (STF) का गठन कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मध्य प्रदेश के श्योपुर प्रादेशिक वन मंडल से एक दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। श्योपुर के जंगलों में गंभीर रूप से घायल मिले 19 महीने के नर चीते KNG22 की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबलपुर में डॉक्टरों द्वारा की गई सर्जरी के दौरान चीते के शरीर से बंदूक के 5 छर्रे बरामद हुए हैं। शरीर के भीतर गोलियों के धातु छर्रे मिलने के बाद प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के लिए एक विशेष कार्य बल का गठन कर दिया है।

बचाव अभियान और शुरुआती जांच

वन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 25 अक्टूबर 2026 को श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में एक युवा चीता गंभीर हालत में पाया गया था। यह चीता मादा चीता निर्वा का 19 महीने का शावक था। वन विभाग की गश्ती टीम ने उसे तुरंत अपनी निगरानी में लिया और स्वास्थ्य जांच शुरू की। शुरुआती एक्स-रे रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि चीते के शरीर में कई बाहरी संदिग्ध वस्तुएं धंसी हुई हैं। स्थिति की नाजुकता को देखते हुए वन्यजीव विशेषज्ञों ने उसे तत्काल बेहतर चिकित्सा के लिए जबलपुर भेजने का निर्णय लिया।

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जबलपुर में मेडिकल परीक्षण और इमरजेंसी सर्जरी

घायल शावक को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU) के पशु चिकित्सा सर्जरी और रेडियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने चीते का विस्तृत सीटी स्कैन किया। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। धातु के छर्रों की वजह से चीते के आंतरिक अंगों, मांसपेशियों, हड्डियों के ढांचे और तंत्रिका तंत्र को अत्यधिक नुकसान पहुंचा था। डॉक्टरों की टीम ने आपातकालीन सर्जरी करके चीते के शरीर से बंदूक के 5 छर्रे बाहर निकाले। हालांकि शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को पहुंचे भारी नुकसान के कारण तमाम कोशिशों के बावजूद चीते को बचाया नहीं जा सका और उसने दम तोड़ दिया।

बमोरी गांव की घटना और शिकार का मामला

चीते के घायल होने के तार रविवार सुबह श्योपुर जिले के बमोरी गांव में हुई एक घटना से जुड़े माने जा रहे हैं। रविवार तड़के करीब 5:00 बजे दो चीते बमोरी गांव के बाहर स्थित एक मकान के आंगन में दाखिल हुए थे, जहां उन्होंने खूंटे से बंधे दो बछड़ों का शिकार किया था। इस घटना के तुरंत बाद ही मादा चीता निर्वा के 19 महीने के शावक के घायल होने की खबर सामने आई थी। आशंका जताई जा रही है कि बछड़ों के शिकार के दौरान ही किसी ने चीते पर गोली चलाई होगी, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया था।

सरकार का कड़ा रुख और STF का गठन

संरक्षित चीते के शरीर से बंदूक के छर्रे मिलना प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका है। इस मामले में शिकार या अवैध गोलीबारी की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच तेज कर दी है। सरकार ने वन विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्य बल (STF) का गठन किया है। यह विशेष टीम श्योपुर के जंगलों, बमोरी गांव और आसपास के इलाकों में गहन जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि चीते पर गोली किसने और किन परिस्थितियों में चलाई थी।

प्रशासन पर आरोप और चीतों की वर्तमान संख्या

इस दुखद घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने सरकार और वन प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए का शिकार करने वाला गिरोह घूम रहा था और सरकार ने समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की।

इस घटना के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या घटकर 58 रह गई है। वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में 52 चीते मौजूद हैं, जबकि गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में 4 चीते और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (VDTR) में 2 चीते रह रहे हैं। इससे पहले भी कूनो से चीतों के बाहर निकलने के मामले सामने आते रहे हैं, जहां राजस्थान के बारां जिले के रामगढ़ क्रेटर इलाके में घुसे एक चीते द्वारा बकरी का शिकार करने का वीडियो सामने आया था।

सवाल-जवाब

चीते KNG22 की मौत की मुख्य वजह क्या थी?
सर्जरी के दौरान चीते के शरीर से बंदूक के 5 छर्रे निकाले गए थे। इन छर्रों के कारण उसके आंतरिक अंगों, मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम और तंत्रिका तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा था।
घायल चीते का इलाज कहां किया जा रहा था?
चीते को इलाज के लिए जबलपुर स्थित NDVSU के पशु चिकित्सा सर्जरी और रेडियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसकी सीटी स्कैन और इमरजेंसी सर्जरी की।
इस मामले की जांच के लिए क्या कदम उठाया गया है?
मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने घटना की गहन जांच के लिए वन और पुलिस अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्य बल (STF) का गठन किया है।
वर्तमान में भारत में कुल कितने चीते मौजूद हैं?
भारत में अब कुल 58 चीते हैं, जिनमें कूनो नेशनल पार्क में 52, गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में 4 और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते शामिल हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·1 दिन पहले

चीते के शरीर में छर्रे मिलना वाकई हैरान करने वाला है, पर मुझे समझ नहीं आ रहा कि बछड़े का शिकार करने पर कोई इतनी दूर तक पीछे क्यों जाएगा। बात कुछ और भी हो सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

चीते के शरीर से छर्रे मिलना बहुत डरावनी बात है। प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं, आखिर गांव के पास ऐसे खुले में गोलीबारी कैसे हो गई?

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछली बार जब मैं कूनो गया था, तब भी ग्रामीणों और वन विभाग के बीच तनाव साफ़ दिख रहा था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

चीते के शरीर से छर्रे मिलना बहुत डरावनी बात है, प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा पर सीधा सवाल उठता है। जब बछड़ों का शिकार हुआ, तब वन विभाग की टीम इतनी देर से क्यों पहुँची कि कोई उसे गोली मार कर चला गया?

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

करण भाई, वन विभाग को हर जगह तैनात करना नामुमकिन है। बमोरी गांव जैसी जगहों पर भीड़ या गुस्सा भड़कना आम बात है, लेकिन गोली चलाना गलत है।

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