अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंतुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यानबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकानवजात को दूध पिलाने में थोड़ी सी लापरवाही भी बन सकती है जानलेवा, बाल रोग विशेषज्ञ ने बताए जरूरी नियमअमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को देश छोड़ने का दिया आदेश, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों में हलचलअमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट अटकने से डिजिटल एसेट बाजार को मिली नई ऊर्जा, मैट हॉगन ने गिनाए फायदेराजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अंतिम चरण में, जानिए कब से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभजिमीकंद और सूरन काटने पर नहीं होगी हाथों में खुजली, शेफ रणवीर बरार ने बताए पकाने के आसान नुस्खे
सी पी राधाकृष्णन ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय को दी 110 करोड़ रुपये की सौगातअसम
7 सित॰ 2026, 6:02 pm (24 दिन पहले)· 3

सी पी राधाकृष्णन ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय को दी 110 करोड़ रुपये की सौगात

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को गुवाहाटी विश्वविद्यालय में 110 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिसमें नया शैक्षणिक भवन, छात्रावास और सभागार का उन्नयन शामिल है।

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन सोमवार को गुवाहाटी विश्वविद्यालय पहुंचे और परिसर में 110 करोड़ रुपये की नई निर्माण परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

किन-किन कामों पर खर्च होंगे पैसे

इस 110 करोड़ रुपये के पैकेज से परिसर में कई नई इमारतें बनेंगी और पुरानी इमारतों का उन्नयन भी होगा।

ये भी पढ़ें
  • कई विषयों के लिए एक नया शैक्षणिक भवन
  • छात्रों के लिए नया छात्रावास
  • एक आधुनिक भोजनालय (मेस)
  • विदेशी छात्रों के लिए अलग छात्रावास
  • केकेएच पुस्तकालय के सेमिनार हॉल का नवीनीकरण
  • बिरिंची कुमार बरुआ सभागार का उन्नयन
  • ग्रेड-डी कर्मचारियों के लिए नए आवासीय क्वार्टर

पूर्वोत्तर के पहले विश्वविद्यालय की कहानी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने याद दिलाया कि गुवाहाटी विश्वविद्यालय को पूर्वोत्तर भारत के पहले विश्वविद्यालय होने का गौरव हासिल है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1948 को एक जन आंदोलन के बाद हुई थी, जिसे आगे बढ़ाने वालों में भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। तब से यह संस्थान क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण केंद्रों में शुमार हो गया है। इसे नैक से ए प्लस मान्यता मिली हुई है और एनआईआरएफ 2025 की सूची में यह राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में देशभर में नौवें स्थान पर है।

तमिल-असमिया अनुवाद और शोध कार्य की सराहना

राधाकृष्णन ने विश्वविद्यालय की उस पहल की तारीफ की जिसके तहत तमिल साहित्यिक कृतियों का असमिया भाषा में अनुवाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों को असमिया किताबों का तमिल में अनुवाद करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, ताकि दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और भाषाई रिश्ते और गहरे हों।

उन्होंने विश्वविद्यालय के इन शोध क्षेत्रों की भी सराहना की

  • ब्रह्मपुत्र बेसिन पर अध्ययन
  • लुप्तप्राय भाषाओं और बहुभाषिता पर काम
  • महिला अध्ययन
  • पर्यावरणीय स्थिरता
  • भारतीय ज्ञान परंपरा

ब्रह्मपुत्र को एक पारिस्थितिक, आर्थिक और सभ्यतागत शक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि शोध कार्य ऐसा होना चाहिए जो क्षेत्रीय और राष्ट्रीय, दोनों स्तर की चुनौतियों का समाधान कर सके।

असम के विकास की तारीफ और दो किताबों का विमोचन

उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में रोजगार, निवेश, बुनियादी ढांचे, संपर्क और शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी सराहना की। कार्यक्रम के दौरान दो किताबें जारी की गईं। पहली किताब थी "भूपेन हजारिका: हंड्रेड ईयर्स ऑफ ए वांडरिंग सॉन्ग्स", जिसे अंकुरण दत्ता और नानी गोपाल महंत ने संपादित किया है। दूसरी किताब "चंद्रकांत अभिधान" का पांचवां संशोधित और विस्तारित संस्करण थी। कार्यक्रम का समापन गुवाहाटी विश्वविद्यालय के छात्रों की उस सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया।

सवाल-जवाब

गुवाहाटी विश्वविद्यालय में कितने करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई?
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने 110 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
इस पैकेज के तहत क्या-क्या बनाया जाएगा?
इसमें नया शैक्षणिक भवन, छात्रावास, आधुनिक मेस, विदेशी छात्रों का छात्रावास, केकेएच पुस्तकालय के सेमिनार हॉल का नवीनीकरण, बिरिंची कुमार बरुआ सभागार का उन्नयन और ग्रेड-डी कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टर शामिल हैं।
गुवाहाटी विश्वविद्यालय की स्थापना कब हुई थी?
इसकी स्थापना 26 जनवरी 1948 को एक जन आंदोलन के बाद हुई थी, जिसमें भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई जैसी हस्तियां शामिल थीं।
एनआईआरएफ 2025 में विश्वविद्यालय की रैंकिंग क्या है?
राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में यह नौवें स्थान पर है और इसे नैक से ए प्लस मान्यता मिली हुई है।
उपराष्ट्रपति ने कौन-कौन सी किताबें जारी कीं?
उन्होंने अंकुरण दत्ता और नानी गोपाल महंत द्वारा संपादित "भूपेन हजारिका: हंड्रेड ईयर्स ऑफ ए वांडरिंग सॉन्ग्स" और "चंद्रकांत अभिधान" का पांचवां संशोधित संस्करण जारी किया।
राधाकृष्णन ने किस अनुवाद पहल की तारीफ की?
उन्होंने तमिल साहित्यिक कृतियों को असमिया में अनुवाद करने की विश्वविद्यालय की पहल की सराहना की और तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों को असमिया किताबों का तमिल अनुवाद करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 दिन पहले

यह खबर शैक्षणिक अधोसंरचना के विकास से जुड़ी है, जो सीधे तौर पर छात्र कल्याण और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। 110 करोड़ रुपये के इस बड़े वित्तीय पैकेज से न केवल नए भवनों का निर्माण होगा, बल्कि विदेशी छात्रों के लिए अलग छात्रावास जैसी आधुनिकीकरण की पहल से पूर्वोत्तर के इस ऐतिहासिक संस्थान की वैश्विक छवि और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·23 दिन पहले

पूर्वोत्तर के इस प्रतिष्ठित संस्थान में 110 करोड़ रुपये का यह निवेश केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। असम में बढ़ते निवेश और रोजगार के अवसरों के बीच, इस तरह के शैक्षणिक और अनुसंधान फंड भविष्य के कार्यबल को तैयार करने और क्षेत्रीय विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ब्रह्मपुत्र बेसिन और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे क्षेत्रों में शोध के लिए मिलने वाला यह प्रोत्साहन दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp