दादरा और नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में स्वतंत्रता दिवस की छुट्टियों के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। 15 अगस्त की शाम को परिवार के साथ नक्षत्रवन गार्डन घूमने पहुंची 15 वर्षीय काजल कुमारी सेल्फी लेते समय संतुलन बिगड़ने से दमणगंगा नदी में जा गिरी। नदी के बेहद तेज बहाव में बह जाने के कारण किशोरी पानी में लापता हो गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस और सिलवासा फायर टीम द्वारा बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कई घंटों के कठिन प्रयासों के बाद रविवार सुबह करीब 7:30 बजे रेस्क्यू टीम को काजल का शव पानी से बाहर निकालने में सफलता मिली।
नक्षत्रवन गार्डन में छुट्टी मनाने पहुंचा था परिवार
प्राप्त विवरण के अनुसार, 15 वर्षीय काजल कुमारी का परिवार सिलवासा के मसाट इलाके में निवास करता है। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त की छुट्टी का अवसर होने के कारण परिवार के सभी सदस्य एक साथ समय बिताने और सैर-सपाटे के उद्देश्य से शहर के प्रसिद्ध नक्षत्रवन गार्डन गए थे। यह उद्यान खूबसूरत प्राकृतिक परिदृश्य के साथ दमणगंगा नदी के ठीक किनारे स्थित है। शाम के समय परिवार के सदस्य नदी के तटीय हिस्से के पास घूम रहे थे। इसी दौरान काजल पानी के निकट जाकर अपने मोबाइल फोन से सेल्फी लेने लगी, जिससे यह दुखद घटना घटित हुई।
पैर फिसलने से नदी में गिरी, मौके पर मची चीख-पुकार
तस्वीर खींचने के दौरान अचानक काजल का पैर फिसल गया और वह सीधे दमणगंगा नदी की उफनती धारा में जा गिरी। नदी का पानी तेज गति से बह रहा था, जिसके कारण काजल देखते ही देखते पानी की गहराइयों में समा गई। उसके नदी में गिरते ही परिवारजनों में हाहाकार मच गया और उनकी चीखें सुनकर आसपास मौजूद पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और सिलवासा पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद राहतकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे।
रात भर चला रेस्क्यू अभियान, रविवार सुबह मिला शव
घटना की जानकारी मिलते ही सिलवासा पुलिस प्रशासन और सिलवासा फायर टीम के गोताखोर व बचाव कर्मी उपकरण लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। 15 अगस्त की देर शाम तक नदी के बहाव क्षेत्र में गहन खोज अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने और पानी के तेज प्रवाह के कारण रात तक किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद रविवार तड़के दोबारा अभियान शुरू किया गया। आखिरकार सुबह करीब 7:30 बजे रेस्क्यू टीम ने काजल कुमारी के पार्थिव शरीर को नदी से बाहर निकाला।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं, सुरक्षा को लेकर सवाल
इस हादसे के बाद मसाट स्थित काजल के घर और पूरे परिवार में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। जिस परिवार ने 15 अगस्त की छुट्टी पर साथ मिलकर खुशियां बांटने की योजना बनाई थी, वहां अब केवल मातम छाया हुआ है। यह घटना एक बार फिर जल निकायों के निकट फोटो या वीडियो लेते समय बरती जाने वाली गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। प्रशासनिक चेतावनियों के बावजूद लोग अक्सर खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेने का जोखिम उठाते हैं, जिससे इस तरह के जानलेवा हादसे सामने आते हैं।



















