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स्मृति ईरानी ने हरियाणा में उठाई भाजपा जिला अध्यक्षों की सुरक्षा हटाने की मांगहरियाणा
24 अक्तू॰ 2026, 5:21 pm (13 दिन पहले)· 6

स्मृति ईरानी ने हरियाणा में उठाई भाजपा जिला अध्यक्षों की सुरक्षा हटाने की मांग

हरियाणा में जनता के साथ संवाद बेहतर बनाने के उद्देश्य से भाजपा संगठन के भीतर एक बड़ा कदम उठाने की चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश मामलों की प्रभारी स्मृति ईरानी ने राज्य के सभी भाजपा जिला अध्यक्षों की सुरक्षा वापस लेने का अनुरोध किया है।

भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक ढांचे को आम जनता के और अधिक निकट लाने के लिए एक अहम पहल पर विचार किया जा रहा है। पार्टी के भीतर से मिल रही जानकारियों के अनुसार, हरियाणा मामलों की प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि सभी भाजपा जिला अध्यक्षों को मिली हुई सुरक्षा को तुरंत हटाया जाए। यह पूरा विषय शुक्रवार को पंचकूला में संपन्न हुई एक उच्च स्तरीय संगठनात्मक बैठक के दौरान सामने आया। बताया गया है कि गुरुग्राम के भाजपा जिला अध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी कार्यालय के बाहर तैनात भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद इस गंभीर विषय पर सवाल उठाए गए।

पंचकूला की बैठक में उठा सुरक्षा का मुद्दा

पंचकूला में आयोजित सांगठनिक मंथन के दौरान स्मृति ईरानी ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि पार्टी के जिला स्तर के नेताओं को इस तरह की सुरक्षा क्यों मुहैया कराई जा रही है। उनका मुख्य तर्क यह था कि यदि पार्टी के पदाधिकारी सुरक्षा घेरे और कड़े पहरे के बीच रहेंगे, तो वे आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं के साथ सहज रूप से संवाद स्थापित नहीं कर पाएंगे। जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने और दूरी कम करने के लिए उन्होंने हरियाणा सरकार के समक्ष सभी भाजपा जिला अध्यक्षों की सुरक्षा व्यवस्था समाप्त करने की औपचारिक अपील की है। हालांकि, इस दिशा में सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक या अंतिम फैसला सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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हरियाणा का दो दिवसीय दौरा और दिग्गजों की मौजूदगी

हरियाणा मामलों की कमान संभालने के बाद स्मृति ईरानी का यह राज्य का पहला दौरा था, जो शुक्रवार की शाम को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरे के दौरान उनके साथ प्रदेश के सह-प्रभारी भोला सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने पंचकूला पहुंचकर पार्टी के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और मोर्चों के प्रमुखों के साथ कई दौर की मैराथन बैठकें कीं। इन महत्वपूर्ण बैठकों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और राव इंद्रजीत सिंह, राज्य के मंत्री अनिल विज तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। इन वार्ताओं का मूल उद्देश्य पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर धार देना, सरकारी तंत्र और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना तथा कल्याणकारी नीतियों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था।

सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि इन बैठकों का केंद्र बिंदु सांगठनिक एकता को और अधिक पुख्ता करना तथा सरकारी कामकाज को प्रभावी ढंग से जनता के बीच ले जाना था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने भी इस बात को दोहराया कि पार्टी और सरकार के बीच समन्वय को और बेहतर करने की आवश्यकता है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक को मिल सके और जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जा सके।

बूथ स्तर पर पार्टी को धार देने की पूरी तैयारी

हरियाणा में अपने जमीनी सांगठनिक नेटवर्क को अभेद्य बनाने के लिए भाजपा ने अब ठोस लक्ष्य तय कर लिए हैं। पार्टी द्वारा जारी कार्ययोजना के तहत आने वाले तीन महीनों के भीतर राज्य के प्रत्येक बूथ पर ग्यारह सदस्यीय समितियों का गठन या फिर उनका पुनर्गठन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही हर बूथ पर पन्ना प्रमुख नियुक्त करने की पुख्ता योजना बनाई गई है, जो मतदाता सूची के एक तय पन्ने से जुड़े मतदाताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को संचालित करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी आने वाले समय में अलग-अलग जिलों का सघन दौरा करेंगे, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे और संगठन के कार्यों की समीक्षा के लिए रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस पूरी कवायद का मकसद पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं से संपर्क साधना और बूथ स्तर पर पार्टी की सक्रियता को कई गुना बढ़ाना है।

कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष फोकस

संगठन की इन बैठकों में बूथ सशक्तीकरण के अलावा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने पर भी विशेष जोर दिया गया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय शर्मा ने पहले ही यह स्पष्ट किया था कि स्मृति ईरानी और भोला सिंह का यह दौरा सांगठनिक गतिविधियों को एक नई ऊर्जा देने, कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

सवाल-जवाब

स्मृति ईरानी ने हरियाणा में क्या मुख्य अनुरोध किया है?
उन्होंने राज्य सरकार से सभी भाजपा जिला अध्यक्षों की सुरक्षा वापस लेने का अनुरोध किया है ताकि वे जनता से आसानी से जुड़ सकें।
यह बैठक कहाँ आयोजित की गई थी?
यह संगठनात्मक बैठक हरियाणा के पंचकूला में आयोजित की गई थी।
इस दौरे के दौरान स्मृति ईरानी के साथ कौन मौजूद था?
इस दो दिवसीय दौरे पर उनके साथ प्रदेश के सह-प्रभारी भोला सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में कौन-से प्रमुख नेता शामिल हुए थे?
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और राव इंद्रजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए क्या लक्ष्य रखा गया है?
अगले तीन महीनों में राज्य के प्रत्येक बूथ पर ग्यारह सदस्यीय समितियों का गठन या पुनर्गठन करने का लक्ष्य तय किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·12 दिन पहले

नेताजी लोगों से मिलने बिना सुरक्षा के कैसे जाएंगे, बात तो सही है जनता से जुड़ने के लिए पर आजकल के माहौल में ज़रा रिस्क लग रहा है मुझे।

Ravikash Gupta@ravikash·12 दिन पहले

नेता जनता से दूर होते जाएंगे तो पार्टी कैसे जीतेगी? सुरक्षा हटाने वाला फैसला सही है, कम से कम जनता अपनी बात बिना डरे कह तो सकेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 दिन पहले

रविकेश भाई, बात तो सही है कि जनता से जुड़ना ज़रूरी है, पर क्या सिर्फ़ सुरक्षा हटाने भर से ज़मीनी हालात बदल जाएंगे? मुझे थोड़ा शक है।

Rohan Verma@rohan-verma·12 दिन पहले

जब मैं पिछले साल लखनऊ के एक स्थानीय नेता से मिलने गया था, तो उनके घर के बाहर चार-चार गनमैन खड़े देखकर ही डर सा लग गया था। आम आदमी भला ऐसी सुरक्षा दीवार लांघकर अपनी बात कहने कैसे जाएगा? स्मृति जी ने बिल्कुल सही बात उठाई है, नेता जनता के बीच तभी दिखेंगे जब उनका यह तामझाम हटेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 दिन पहले

रोहन जी, आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। जब नेताओं के पास बंदूकधारी खड़े होंगे, तो आम आदमी अपनी शिकायत लेकर उनके पास जाने से डरेगा ही।

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