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सोनीपत में एसटीएफ की घेराबंदी देख टोल मैनेजर हत्याकांड का आरोपी फ्लाईओवर से नीचे कूदा, साथी भी दबोचा गयाहरियाणा
20 सित॰ 2026, 7:18 am (2 दिन पहले)· 1

सोनीपत में एसटीएफ की घेराबंदी देख टोल मैनेजर हत्याकांड का आरोपी फ्लाईओवर से नीचे कूदा, साथी भी दबोचा गया

हिसार के बड़ो पट्टी टोल मैनेजर संजय शुक्ला की हत्या में फरार मनोज उर्फ फिल्मी ने सोनीपत के भिगान फ्लाईओवर पर एसटीएफ को देखकर नीचे छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसके साथी सचिन को मौके से पकड़कर गाड़ी और अवैध पिस्टल बरामद की है।

हरियाणा के हिसार जिले में हुए टोल मैनेजर हत्याकांड के वांछित आरोपियों और स्पेशल टास्क फोर्स के बीच सोनीपत के पास जोरदार टकराव हुआ। पानीपत की दिशा से राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के रास्ते दिल्ली की ओर बढ़ रहे संदिग्धों का सोनीपत एसटीएफ की टीम पीछा कर रही थी। भिगान फ्लाईओवर के ऊपर सुरक्षाबलों ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी करते हुए उनकी गाड़ी को चारों तरफ से रोक लिया। खुद को पुलिस से घिरा देखकर एक बदमाश ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में फ्लाईओवर की रेलिंग से सीधे नीचे छलांग लगा दी, जबकि गाड़ी में मौजूद उसके दूसरे साथी को एसटीएफ ने बिना मौका दिए तुरंत पकड़ लिया।

कई फीट नीचे गिरने से आरोपी गंभीर रूप से जख्मी

फ्लाईओवर से नीचे गिरने के कारण बदमाश को गंभीर चोटें आईं और वह बुरी तरह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। एसटीएफ के जवानों ने नीचे कूदने वाले आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया और इलाज के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। छानबीन में उसकी शिनाख्त हिसार स्थित बहबलपुर गांव निवासी मनोज उर्फ फिल्मी के रूप में की गई है। इस आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और पुलिस रिकॉर्ड में वह वांछित चल रहा था। वहीं मौके से पकड़े गए दूसरे आरोपी की पहचान सोनीपत के कबीरपुर निवासी सचिन के तौर पर हुई है, जो वारदात के समय मनोज के साथ गाड़ी में मौजूद था।

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हिसार के टोल प्लाजा पर हुई हत्या का मामला

यह पूरी कार्रवाई बीते जून महीने में हिसार के बड़ो पट्टी टोल प्लाजा पर घटी एक सनसनीखेज वारदात से जुड़ी हुई है। उस दौरान टोल मैनेजर संजय शुक्ला की कुछ बदमाशों ने मिलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मनोज उर्फ फिल्मी और उसका साथी सचिन मुख्य आरोपियों में शामिल थे और वारदात को अंजाम देने के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस टीमें लंबे समय से इन दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन दोनों लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।

गाड़ी और अवैध पिस्टल बरामद, पूछताछ जारी

एसटीएफ इंचार्ज अजय धनखड़ ने कार्रवाई के संदर्भ में बताया कि टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि बड़ो पट्टी टोल प्लाजा हत्याकांड के फरार आरोपी एक गाड़ी में सवार होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के रास्ते दिल्ली की तरफ जा रहे हैं। इस पुख्ता इनपुट के मिलते ही टीम ने निगरानी बढ़ाई और भिगान फ्लाईओवर पर संदिग्ध गाड़ी को रोक लिया। पुलिस की मौजूदगी देखते ही मनोज ने फ्लाईओवर से छलांग लगाई, जिससे वह चोटिल हो गया। एसटीएफ ने घटनास्थल से आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही गाड़ी और एक अवैध पिस्टल अपने कब्जे में ले ली है। अस्पताल में भर्ती मनोज का उपचार चल रहा है, जबकि हिरासत में लिए गए सचिन से उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

सवाल-जवाब

सोनीपत में एसटीएफ ने किस मामले के आरोपियों को पकड़ा है?
एसटीएफ ने हिसार के बड़ो पट्टी टोल प्लाजा पर जून महीने में हुए टोल मैनेजर संजय शुक्ला की हत्या के मामले में फरार आरोपियों को पकड़ा है।
फ्लाईओवर से कूदने वाले आरोपी की पहचान क्या है?
फ्लाईओवर से कूदने वाले घायल बदमाश की पहचान हिसार के बहबलपुर निवासी मनोज उर्फ फिल्मी के रूप में हुई है।
यह घटना किस स्थान पर हुई?
यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर स्थित सोनीपत के भिगान फ्लाईओवर पर हुई, जहां दोनों आरोपी पानीपत से दिल्ली की तरफ जा रहे थे।
मौके से पकड़े गए दूसरे आरोपी का क्या नाम है?
गाड़ी से पकड़े गए दूसरे आरोपी की पहचान सोनीपत के कबीरपुर निवासी सचिन के रूप में हुई है।
पुलिस ने मौके से क्या-क्या सामान बरामद किया है?
एसटीएफ ने घटनास्थल से आरोपियों की गाड़ी और एक अवैध पिस्टल बरामद की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·1 दिन पहले

यह घटना प्रशासनिक और खगोलीय गतिशीलता के एक रोचक संयोग को दर्शाती है। जब किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में क्रूर ग्रहों का गोचर चरम पर होता है, तब उसकी निर्णय लेने की क्षमता पूरी तरह भ्रमित हो जाती है, जैसा कि इस मामले में आरोपी द्वारा जल्दबाजी में उठाया गया खतरनाक कदम प्रमाणित करता है। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई समय और अंतरिक्ष के सही आकलन का परिणाम है, जो आने वाले समय में संगठित अपराधों पर लगाम कसने के लिए एक कड़ा संदेश बनेगी और कानून के शिकंजे से बचना असंभव कर देगी।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

हिसार के बड़ो पट्टी टोल मैनेजर हत्याकांड के आरोपियों की सोनीपत में गिरफ्तारी से राज्य में संगठित अपराध और हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसटीएफ की इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस का दबाव तो बढ़ा है, लेकिन इस बात की गहराई से जांच होनी चाहिए कि ये अपराधी वारदात के बाद महीनों तक कैसे बचते रहे और इनके पास अवैध हथियार कहां से आए। इस घटना के बाद वित्तीय और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से जुड़े टोल प्लाजा पर सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

यह घटना हरियाणा में संगठित अपराध नेटवर्क और अंतर-जिला अपराधियों की आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस खुफिया तंत्र और इंटर-सेप्टर सर्विलांस को और अधिक मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है। हालांकि एसटीएफ की यह सामरिक घेराबंदी सराहनीय है, लेकिन अपराधियों द्वारा महीनों तक गिरफ्तारी से बचना और उनके पास से अवैध हथियारों की बरामदगी यह संकेत देती है कि राज्यभर में अवैध शस्त्रों की आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ा प्रहार करने और फरार अपराधियों के मददगारों के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की सख्त जरूरत है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

यह घटना संगठित अपराधों में पुलिस और एसटीएफ के लिए कानून-व्यवस्था की कड़ी चुनौती को उजागर करती है। भिगान फ्लाईओवर पर जिस प्रकार पेशेवर तरीके से घेराबंदी की गई, वह सुरक्षा एजेंसियों के खुफिया तंत्र की मजबूती को दर्शाती है। मुख्य आरोपी मनोज का आपराधिक इतिहास और इस तरह भागने की कोशिश यह संकेत देती है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य मामलों और अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में अदालत और पुलिस रिमांड की भूमिका बेहद अहम होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

यह पूरी कार्रवाई इस बात को रेखांकित करती है कि कैसे राज्य की सीमाएं पार कर अपराधी लगातार अपने ठिकाने बदलते हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल सुरक्षित पनाहगाह के रूप में करते हैं। एसटीएफ द्वारा गुप्त सूचना पर की गई यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन मुख्य आरोपी के आपराधिक नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह अब हिरासत में लिए गए साथी सचिन से होने वाली व्यापक पूछताछ और बरामद अवैध हथियार के स्रोतों की फोरेंसिक जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा। आगामी पुलिस रिमांड के दौरान अंतर-राज्यीय सिंडिकेट के अन्य चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना है।

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