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सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत याचिका पेंडिंग रखी, तबीयत बिगड़ने पर दोबारा अर्जी दाखिल करने की मिली छूटभारत
6 अग॰ 2026, 4:18 pm (56 दिन पहले)· 2

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत याचिका पेंडिंग रखी, तबीयत बिगड़ने पर दोबारा अर्जी दाखिल करने की मिली छूट

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद काट रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से चिकित्सीय आधार पर अंतरिम जमानत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने याचिका लंबित रखते हुए कहा है कि स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने पर वे दोबारा अर्जी लगा सकते हैं।

जोधपुर में साल 2013 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर दायर की गई अंतरिम जमानत याचिका पर फिलहाल कोई आदेश देने से साफ इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की दो सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को अदालत के रिकॉर्ड में लंबित रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की है कि अगर भविष्य में आसाराम की शारीरिक स्थिति अधिक बिगड़ती है, तो वे दोबारा अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

राजस्थान सरकार का आरोप: हाई कोर्ट से छिपाई गई सुप्रीम कोर्ट की याचिका

शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आसाराम बापू की अर्जी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने पीठ के समक्ष आरोप लगाया कि आसाराम ने राजस्थान हाई कोर्ट में 20 दिनों की पैरोल मांगते समय यह तथ्य छुपाया था कि उनकी अंतरिम जमानत की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में पहले से पेंडिंग है। राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने पीठ को अवगत कराया कि फिलहाल हाई कोर्ट की ओर से आसाराम को 20 दिनों की पैरोल दी गई है। इसके अलावा सरकारी पक्ष ने यह तर्क भी दिया कि एम्स की मेडिकल रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की कोई आवश्यकता नहीं है और उन्हें जेल में ही तमाम जरूरी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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एम्स मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और 24 घंटे निगरानी की सिफारिश

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लेने से पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तलब की थी। शीर्ष अदालत ने 21 जुलाई को दिए अपने निर्देश में एम्स को आसाराम के स्वास्थ्य का संपूर्ण आकलन करने के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया था। मंगलवार को हुई सुनवाई में पीठ को एम्स की मेडिकल टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट से अवगत कराया गया। एम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए चौबीसों घंटे उनकी चिकित्सीय निगरानी जरूरी है। इस पर आसाराम का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने दलील दी कि एम्स की रिपोर्ट को किसी एक हिस्से के आधार पर देखने की बजाय संपूर्ण रूप से पढ़ा और समझा जाना चाहिए।

मामले की कानूनी पृष्ठभूमि और हाई कोर्ट का पिछला फैसला

यह पूरा मामला साल 2013 में एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न की घटना से संबंधित है, जिसमें निचली अदालत ने आसाराम को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 मई को इस सजा को बरकरार रखते हुए 2013 के नाबालिग बलात्कार मामले में आजीवन कारावास के आदेश की पुष्टि की थी। हाई कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार से जवाब मांगा था। फिलहाल मुख्य सजा के खिलाफ याचिका और स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत की अर्जी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रक्रियाधीन है।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत याचिका पर क्या फैसला सुनाया?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल चिकित्सीय आधार पर अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है और याचिका को पेंडिंग रखा है।
क्या आसाराम बापू भविष्य में दोबारा अंतरिम जमानत की मांग कर सकते हैं?
हां, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति अधिक बिगड़ती है तो वे दोबारा अर्जी लगा सकते हैं।
एम्स की मेडिकल रिपोर्ट में आसाराम के स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा गया है?
एम्स की रिपोर्ट के अनुसार उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन चौबीसों घंटे चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता है।
राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने क्या आरोप लगाया?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि आसाराम ने हाई कोर्ट से 20 दिनों की परोल मांगते समय सुप्रीम कोर्ट में लंबित अंतरिम जमानत की बात छुपाई थी।
आसाराम बापू किस मामले में सजा काट रहे हैं?
वे साल 2013 में जोधपुर में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
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