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तेलंगाना में सूखे के खतरे के बीच महा वरुण यज्ञ शुरू, नागार्जुन सागर पहुंचे मंत्री और विद्वानभारत
10 अग॰ 2026, 2:21 pm (1 दिन पहले)· 0

तेलंगाना में सूखे के खतरे के बीच महा वरुण यज्ञ शुरू, नागार्जुन सागर पहुंचे मंत्री और विद्वान

तेलंगाना सरकार ने कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव को देखते हुए नागार्जुन सागर में महा वरुण यज्ञ का आयोजन किया है। इस वैदिक अनुष्ठान में 108 पुजारी शामिल हैं और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पूर्णाहुति समारोह में भाग ले रहे हैं।

कम वर्षा और अल नीनो के प्रतिकूल प्रभाव के कारण तेलंगाना में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस परिस्थिति से निपटने और अच्छी बारिश की कामना के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। नागार्जुन सागर में कृष्णा नदी के तट पर 'महा वरुण यज्ञ' की औपचारिक शुरुआत की गई है। राज्य के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और उनकी पत्नी ने इस धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस महा यज्ञ का मुख्य उद्देश्य वर्षा के देवता भगवान वरुण को प्रसन्न करना है ताकि राज्य के जलाशयों में जल स्तर सुधर सके।

जलाशयों में पानी की कमी और अल नीनो का प्रभाव

मौजूदा मॉनसून सत्र के दौरान अल नीनो प्रभाव की वजह से बारिश में काफी अनिश्चितता देखी जा रही है। ऊपरी क्षेत्रों में स्थित कई प्रमुख जलाशय अब तक पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। इस वजह से कृष्णा और गोदावरी नदियों के प्रवाह पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। राज्य सरकार ने नागार्जुन सागर स्थित विजय विहार टूरिज्म गेस्ट हाउस परिसर में इस यज्ञ का आयोजन किया है। सरकार की प्रार्थना है कि भरपूर वर्षा हो जिससे कृष्णा और गोदावरी दोनों प्रमुख नदियों में जल का बहाव सुचारू रूप से बना रहे और कृषि तथा पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।

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108 वैदिक विद्वान और 11 होम कुंड

इस वृहद अनुष्ठान को संपन्न कराने के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। यदागिरिगुट्टा स्थित प्रसिद्ध श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों की देखरेख में यह धार्मिक आयोजन चल रहा है। इस अनुष्ठान में कुल 108 ऋत्विक यानी वैदिक पुजारी हिस्सा ले रहे हैं। यज्ञ स्थल पर विशेष रूप से 11 होम कुंड निर्मित किए गए हैं, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जा रही हैं। यदाद्रिगुट्टा मंदिर प्रशासन के मार्गदर्शन में इस व्यापक यज्ञ का संचालन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का विस्तृत कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी इस महा यज्ञ के सबसे महत्वपूर्ण चरण पूर्णाहुति में शामिल होने जा रहे हैं। सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी के अनुसार, मुख्यमंत्री 10 अगस्त को दोपहर में आयोजित पूर्णाहुति समारोह में भाग लेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 2:00 बजे हैदराबाद से हेलीकॉप्टर के जरिए रवाना होंगे। इसके बाद वे दोपहर 2:45 बजे नागार्जुन सागर हिल कॉलोनी स्थित बीसी रेजिडेंशियल स्कूल परिसर पहुंचेंगे। वहां से वे सीधे विजय विहार टूरिज्म गेस्ट हाउस में यज्ञ स्थल के लिए प्रस्थान करेंगे। पूर्णाहुति का विशेष मुहूर्त दोपहर 3:24 बजे निर्धारित किया गया है और समारोह 3:00 बजे से गति पकड़ेगा। धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के पश्चात मुख्यमंत्री शाम 4:00 बजे वापस हैदराबाद के लिए रवाना हो जाएंगे।

सवाल-जवाब

तेलंगाना सरकार ने 'महा वरुण यज्ञ' क्यों आयोजित किया है?
अल नीनो के प्रभाव के कारण मॉनसून में कमी और जलाशयों में पानी का स्तर कम रहने की वजह से पर्याप्त वर्षा की कामना के लिए यह यज्ञ आयोजित किया गया है।
यह यज्ञ कहां और किसकी देखरेख में हो रहा है?
यह अनुष्ठान नागार्जुन सागर में कृष्णा नदी के किनारे विजय विहार टूरिज्म गेस्ट हाउस परिसर में यदागिरिगुट्टा मंदिर के 108 पुजारियों द्वारा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी किस कार्यक्रम में शामिल होंगे?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी यज्ञ के अंतिम और महत्वपूर्ण चरण 'पूर्णाहुति' समारोह में शामिल होंगे।
यज्ञ स्थल पर कितनी यज्ञ वेदियां बनाई गई हैं?
यज्ञ के मंत्रोच्चार और आहुति के लिए स्थल पर कुल 11 होम कुंड बनाए गए हैं।
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