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ठाणे का 28 साल पुराना मर्डर मिस्ट्री: तलाक के विवाद में जीजा की हत्या कर पटरी पर फेंका था शव, बिहार से धरा गया मुख्य आरोपीमहाराष्ट्र
22 अक्तू॰ 2026, 6:13 pm (4 दिन पहले)· 1

ठाणे का 28 साल पुराना मर्डर मिस्ट्री: तलाक के विवाद में जीजा की हत्या कर पटरी पर फेंका था शव, बिहार से धरा गया मुख्य आरोपी

महाराष्ट्र के ठाणे में 28 साल पुराने हत्याकांड के मामले में मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने अपनी बहन को तलाक देने की रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया था और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने करीब 28 साल पुराने एक अनसुलझे मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को बिहार से धर दबोचा है। रेलवे पुलिस यानी GRP ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने ही एक रिश्तेदार की बेरहमी से हत्या करने के बाद इस पूरी वारदात को एक रेल हादसे का रूप देने की कोशिश की थी। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की उम्र 55 वर्ष है और उसका नाम संदीप कृष्णन है। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद पुलिस अब इस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।

साल 1998 में दिया गया था वारदात को अंजाम

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड को 14 जनवरी 1998 को अंजाम दिया गया था। उस समय डोंबिवली रेलवे पुलिस को स्टेशन मास्टर की तरफ से एक सूचना मिली थी कि डोंबिवली और कोपर रेलवे स्टेशनों के बीच रेल की पटरी पर एक अज्ञात शव पड़ा हुआ है। उस वक्त इसे एक आम रेल दुर्घटना मानकर शुरुआती कार्रवाई की गई थी, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी सर्विलांस के जरिए अब जाकर इस राज से पर्दा उठा है। GRP की एक विशेष टीम ने आधुनिक तकनीकी सर्विलांस और डेटा विश्लेषण का इस्तेमाल करके आरोपी का सुराग लगाया और बीते 18 अक्टूबर को उसे बिहार से दबोच लिया।

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पोस्टमार्टम और घटनास्थल की स्थिति से खुला राज

रेलवे पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि घटना के दिन जब जांचकर्ताओं ने मौके का मुआयना किया और शव की स्थिति को देखा, तो उनके मन में गंभीर संदेह पैदा हो गया था। मृतक के शरीर पर मौजूद चोटों के निशान और शव की शारीरिक स्थिति यह बयां कर रही थी कि यह मामला किसी भी एंगल से सामान्य रेलवे दुर्घटना का नहीं है, बल्कि इसे बहुत शातिर तरीके से अंजाम दिया गया कत्ल है। इसके बाद पुलिस ने मृतक की शिनाख्त की कोशिश शुरू की, जिसकी पहचान 22 साल के शैलेश मोरे के रूप में हुई। आगे की तफ्तीश में यह बात सामने निकलकर आई कि मृतक शैलेश मोरे और आरोपी संदीप कृष्णन एक-दूसरे को पहले से ही अच्छी तरह जानते थे।

बहन को तलाक देने की वजह से उपजी थी रंजिश

जैसे-जैसे पुलिस इस पुराने मामले में आगे बढ़ी, कत्ल की असली वजह भी खुलकर सामने आ गई। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी और शैलेश मोरे के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले दोनों ने साथ बैठकर शराब भी पी थी। हत्या के पीछे मुख्य नाराजगी इस बात की थी कि शैलेश मोरे ने आरोपियों में से एक की बहन को तलाक दे दिया था। इसी बात से गुस्से में आकर आरोपियों ने विवाद के दौरान शैलेश मोरे का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। गुनाह को छिपाने और सबूतों को पूरी तरह से मिटाने के नापाक इरादे से उन्होंने मृतक के शव को रेल की पटरी पर लाकर रख दिया था ताकि पूरी घटना एक हादसा लगे।

तीन दशकों तक पुलिस की पकड़ से दूर रहे आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद सभी सह-आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में पहले ही फरार चल रहे अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन मुख्य आरोपी संदीप कृष्णन पिछले करीब तीन दशकों से पुलिस की पकड़ से कोसों दूर चल रहा था। पुराने और अनसुलझे मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हाल ही में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने इस मिशन को सफलता तक पहुंचाया।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर लोकेशन से मिला सुराग

जांच अधिकारियों ने बताया कि तकनीक का सहारा लेते हुए कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR और मोबाइल टावर की लोकेशन के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसी डेटा एनालिसिस के आधार पर जांचकर्ताओं को आखिरकार बिहार में छिपे बैठे संदीप कृष्णन की सटीक लोकेशन मिल गई। इसके बाद बिना देर किए एक स्पेशल पुलिस टीम को बिहार रवाना किया गया, जहां से आरोपी को धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद संदीप कृष्णन को वहां की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को उसका ट्रांजिट वारंट मिल गया।

अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

बिहार से ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद पुलिस आरोपी को लेकर सीधे डोंबिवली पहुंची और स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि उससे इस हत्याकांड से जुड़े बाकी तमाम पहलुओं और अन्य फरार साथियों के बारे में कड़ाई से पूछताछ की जा सके। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। कानून-व्यवस्था से जुड़ी ऐसी ही अन्य घटनाओं में उल्हासनगर में भी एक शख्स पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी गई थी, जिसमें हमलावर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। कानून और सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है ताकि अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

सवाल-जवाब

यह घटना कब हुई थी?
यह हत्याकांड 14 जनवरी 1998 को हुआ था।
मुख्य आरोपी का नाम क्या है?
मुख्य आरोपी का नाम संदीप कृष्णन है जिसकी उम्र 55 वर्ष है।
मृतक की पहचान किस रूप में हुई थी?
मृतक की पहचान 22 साल के शैलेश मोरे के रूप में हुई थी।
हत्या की मुख्य वजह क्या थी?
मृतक द्वारा आरोपी की बहन को तलाक दिए जाने के कारण पुरानी रंजिश और विवाद इस हत्या की मुख्य वजह थी।
आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
आरोपी को बिहार से GRP की विशेष टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·4 दिन पहले

कानून के हाथ भले ही बहुत लंबे होते हैं, लेकिन 28 साल बाद भी पुलिस ने हार नहीं मानी यह देखकर हैरानी होती है। तलाक के गुस्से में इतना बड़ा कदम उठाना और इतने साल छिपकर रहना वाकई हैरान करने वाला है।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

अट्ठाइस साल बाद पकड़ा जाना हैरान करता है कि तकनीक न होती तो शायद यह कभी सामने न आता। पर इतने साल तक बिहार में नाम बदलकर रहना कैसे मुमकिन हुआ, इस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल लगता है।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·4 दिन पहले

रविकेश जी, सच कहा आपने। हमारे पड़ोस में भी ऐसा ही एक मामला था जहाँ पुलिस दस साल बाद पहुँची थी, तब तक आरोपी पूरी तरह पहचान बदल चुका था। तकनीक न हो तो न्याय मिल पाना कितना मुश्किल है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

अठाइस साल बाद बिहार से पकड़ना गज़ब है, पर पुलिस को पहले शक क्यों नहीं हुआ?

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

करण भाई, नब्बे के दशक में तकनीक इतनी मजबूत नहीं थी, इसलिए पुलिस के लिए इतने साल बाद सुराग ढूंढना वाकई बड़ी चुनौती रहा होगा।

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