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उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर विवाद पर उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, भोपाल की मस्जिद का दिया हवालामध्य प्रदेश
10 सित॰ 2026, 5:42 pm (48 दिन पहले)· 5

उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर विवाद पर उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, भोपाल की मस्जिद का दिया हवाला

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए ऐतिहासिक खड़े हनुमान मंदिर को बचाने के लिए उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र भेजा है। उन्होंने भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए विकास कार्यों के साथ धार्मिक स्थलों के संरक्षण की अपील की है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की योजना को लेकर जारी विवाद के बीच वरिष्ठ नेता उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मंदिर के संरक्षण पर जोर देते हुए प्रशासन से आग्रह किया है कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाते समय लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।

उज्जैन की गरिमा और आस्था का सवाल

उमा भारती ने अपने पत्र में इस बात का खास जिक्र किया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद उज्जैन के रहने वाले हैं। ऐसे में उन्हें उज्जयिनी की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता की गहरी समझ है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इस मामले में ऐसा संतुलित रास्ता निकालेंगे जिससे शहर का विकास भी बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके और मंदिर की पवित्रता तथा श्रद्धालुओं की आस्था भी सुरक्षित बनी रहे।

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भोपाल के पिछले फैसले का दिया हवाला

अपनी बात को मजबूती देने के लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल की एक घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भोपाल में कमलापति पार्क के पास जब सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा था, तब रास्ते में आ रही एक मस्जिद को नहीं हटाया गया था। उस समय सरकार ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सड़क के पूरे डिजाइन में बदलाव किया था और दूसरे विकल्पों के जरिए निर्माण कार्य पूरा कराया था।

विकास और आस्था का संतुलन

पत्र में आगे कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हमेशा से विकास कार्यों और आस्था के बीच तालमेल बनाकर चलने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उज्जैन के इस मामले में भी भोपाल की तर्ज पर ही कोई समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि मंदिर को उसकी जगह से हटाने की नौबत न आए और आवागमन का विकास भी सुचारू रूप से चलता रहे।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद उज्जैन के कंठाल चौराहा से छत्री चौक और बड़ा सराफा मार्ग पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान से जुड़ा हुआ है। इसी रास्ते पर करीब 170 साल पुराना खड़े हनुमान मंदिर स्थित है। सड़क को चौड़ा करने के लिए मंदिर के बाहरी हिस्से को तो हटा दिया गया, लेकिन करीब 8 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा को वहां से हटाने की तमाम कोशिशें असफल साबित हुईं। भारी मशीनों और तकनीकी उपायों के बाद भी मूर्ति अपनी जगह से जरा भी नहीं हिली।

चमत्कार और तकनीकी जांच

इस अनोखी घटना के सामने आने के बाद स्थानीय भक्तों की आस्था और अधिक गहरी हो गई है। कई लोग इसे किसी दैवीय चमत्कार के रूप में देख रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि मूर्ति का आधार जमीन के भीतर कितना गहरा और मजबूत है जिसकी वजह से वह टिकी हुई है।

सवाल-जवाब

उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र क्यों लिखा है?
उन्होंने उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को सड़क चौड़ीकरण के दौरान हटाने की योजना के विरोध में और इसके संरक्षण की मांग के लिए पत्र लिखा है।
खड़े हनुमान मंदिर उज्जैन में कहां स्थित है?
यह मंदिर उज्जैन के कंठाल चौराहा से छत्री चौक और बड़ा सराफा मार्ग के बीच स्थित है।
खड़े हनुमान मंदिर की मूर्ति को हटाने में क्या परेशानी आई?
भारी मशीनों और तकनीकी प्रयासों के बाद भी करीब 8 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई।
उमा भारती ने अपने पत्र में किस पुराने मामले का उदाहरण दिया है?
उन्होंने भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान कमलापति पार्क के पास सड़क चौड़ीकरण में मस्जिद को बचाए जाने का उदाहरण दिया है।
खड़े हनुमान मंदिर का इतिहास कितना पुराना बताया गया है?
यह मंदिर लगभग 170 साल पुराना है।
वर्तमान में सड़क चौड़ीकरण को लेकर क्या स्थिति है?
सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर का बाहरी ढांचा हटा दिया गया है, लेकिन मुख्य प्रतिमा नहीं हटाई जा सकी है और अधिकारी इसकी तकनीकी जांच कर रहे हैं।
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