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ऊना में डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम पर वित्तीय गड़बड़ी के दावों पर कानूनी शिकंजा, स्वामी हेमानंद ने दी खुली चुनौतीहिमाचल प्रदेश
21 अक्तू॰ 2026, 10:18 am (16 दिन पहले)· 8

ऊना में डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम पर वित्तीय गड़बड़ी के दावों पर कानूनी शिकंजा, स्वामी हेमानंद ने दी खुली चुनौती

हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम में धन के दुरुपयोग के सोशल मीडिया दावों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है, वहीं आश्रम प्रमुख ने सभी आरोपों को खारिज कर बहीखाता जांचने की खुली चुनौती दी है।

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल डेरा बाबा रुद्रानंद की वित्तीय व्यवस्था को लेकर इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री साझा करने का मामला तूल पकड़ गया है। बंगाणा थाना क्षेत्र की पुलिस ने इस संदर्भ में एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है। यह कानूनी कार्रवाई एक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी की लिखित शिकायत के बाद अमल में लाई गई है, जिसमें आश्रम की साख पर झूठे दावों के जरिए बट्टा लगाने का आरोप लगाया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर बंगाणा थाने में दर्ज हुआ मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाणा उपमंडल के अंतर्गत रोणखर गांव के रहने वाले प्रवीण शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा था। प्रवीण शर्मा हाल ही में हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर सर्विस सोसाइटी इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत सोशल मीडिया मंचों पर भ्रामक और असत्य संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें आश्रम की धनराशि के अनुचित उपयोग और गबन के मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

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अधिष्ठाता स्वामी हेमानंद महाराज ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत

आश्रम के प्रबंधन, ट्रस्ट की भूमिका और दैनिक कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच डेरा बाबा रुद्रानंद के गद्दीनशीन अधिष्ठाता स्वामी हेमानंद महाराज ने सार्वजनिक मंच पर आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आश्रम पर लगाए गए सभी आक्षेप पूरी तरह से तथ्यहीन और कल्पना पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, "यदि किसी व्यक्ति को आश्रम के लेन-देन या प्रबंधन को लेकर कोई संदेह है, तो वह आश्रम कार्यालय में आकर संबंधित रिकॉर्ड और रसीदों की जांच कर सकता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्थान की हर गतिविधि पूर्ण रूप से पारदर्शी है और यहां के सभी धार्मिक कार्य सनातन मान्यताओं और गुरु परंपरा के अनुसार ही संचालित होते हैं।

सरकारी नियंत्रण और अदालती मुकदमों का दिया हवाला

स्वामी हेमानंद महाराज ने इस पूरे विवाद के पीछे गहरी साजिश की आशंका व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पूज्य गुरु महाराज ने उन्हें विधिवत रूप से इस गद्दी का अधिष्ठाता नियुक्त किया है और उन्हीं के संरक्षण में ट्रस्टी, सेवादार तथा श्रद्धालु व्यवस्थाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले कुछ समय से आश्रम को सरकारी नियंत्रण में लेने की चेष्टाएं और कुछ अदालती मामले सामने आए हैं। कुछ असंतुष्ट तत्व इन्हीं विवादों की आड़ में इस पवित्र पीठ की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की फिराक में हैं, जबकि यह स्थान करोड़ों सनातन धर्म प्रेमियों की अटूट आस्था का मुख्य केंद्र है।

भ्रामक प्रचार करने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

आश्रम प्रमुख ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि संत परंपरा हमेशा समाज की भलाई और सबके लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना करती है, किंतु संस्थान के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग दुर्भावनापूर्ण इरादे से झूठे आरोप मढ़ रहे हैं, उनके विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कदम उठाए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पुलिस मामले दर्ज कराए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने देश-विदेश में फैले श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार और अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रमाणित तथ्यों पर ही विश्वास करें।

सवाल-जवाब

डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
बंगाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर आश्रम के फंड के दुरुपयोग से जुड़े भ्रामक दावों को लेकर एफआईआर दर्ज की है।
यह शिकायत किसने और कहां दर्ज कराई?
बंगाणा के रोणखर निवासी प्रवीण शर्मा, जो हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर सर्विस सोसाइटी इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष हैं, ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी।
स्वामी हेमानंद महाराज ने इन आरोपों पर क्या कहा?
उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि आश्रम की व्यवस्था पारदर्शी है और कोई भी व्यक्ति कार्यालय में आकर बहीखाता और रसीदें देख सकता है।
क्या आश्रम प्रबंधन झूठे आरोप लगाने वालों पर आगे भी कार्रवाई करेगा?
हां, स्वामी हेमानंद महाराज ने चेतावनी दी है कि आश्रम की प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी केस दर्ज कराए जाएंगे।
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टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·16 दिन पहले

सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे किसी धार्मिक संस्था पर उंगली उठाना गलत है। अगर आश्रम प्रमुख खुद बहीखाता दिखाने को तैयार हैं, तो पहले सच जानना चाहिए, फिर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·16 दिन पहले

सोशल मीडिया पर बिना सिरपैर के आरोप लगाने वालों पर पुलिस की कार्रवाई बिल्कुल सही है, पर क्या स्वामी जी की खुली चुनौती के बाद भी ये लोग सामने आकर बहीखाता चेक करने की हिम्मत जुटाएंगे?

Ravikash Gupta@ravikash·16 दिन पहले

अर्जुन जी, बहीखाता दिखाने की चुनौती तो दे दी है, पर ऑनलाइन आरोप लगाने वाले शायद ही कभी सामने आते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सनसनी फैलाना आसान होता है, पारदर्शिता का सामना करना नहीं।

Rohan Verma@rohan-verma·16 दिन पहले

सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे किसी पर भी वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगा देना आसान है, पर जब जांच की चुनौती मिलती है तो सच्चाई सामने आ ही जाती है। पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी की प्रतिष्ठा यूं ही न धूमिल हो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 दिन पहले

रोहन जी, साइबर सेल ऐसे मामलों में आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स से आसानी से सच बाहर ले आती है, पर तब तक बदनामी तो हो ही जाती है।

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