एंथ्रोपिक के आईपीओ दस्तावेजों से खुलासे, जानें कैसे बना रही है अपने कस्टमर्स को लॉयलबाराबंकी का पौराणिक पारिजात वृक्ष बना शिव भक्तों का केंद्र, भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं इसके सुनहरे फूलवर्ल्ड अंडर-19 बॉक्सिंग में आदित्य का कमाल, खिताबी मुकाबले में पक्की की जगहऐप्पल का फोल्डेबल फोन मार्केट में आते ही विवादों में, स्क्रीन टूटने की शिकायतों के बीच आईफिक्सिट ने खोली सच्चाईअनुराधा पौडवाल ने चरम कामयाबी के बीच क्यों छोड़ दी थी फिल्मी दुनियामौत के बाद अब खाद बनेगा इंसानी शरीर, ऑस्ट्रेलिया के इस राज्य ने दी अनोखी कानूनी मंजूरीसोने की चाल 4,000 डॉलर के पास अटकी, सिस्टमैटिक बिकवाली के बीच केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने संभाला मोर्चाईसीबी की नीतिगत बैठक और फ्रांस के बॉन्ड संकट के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचलरजनीकांत की 'जेलर 2' ने 12वें दिन पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा, बनी सबसे बड़ी तमिल फिल्मअरुणाचल सीमा विवाद पर बीजिंग की प्रतिक्रिया, भारत से सहयोग की अपील
उपहार देकर रक्तदान कराने पर महाराष्ट्र एफडीए सख्त, मुंबई के 3 प्रमुख ब्लड बैंकों पर गिरी गाजमहाराष्ट्र
14 अक्तू॰ 2026, 8:08 pm (12 दिन पहले)· 0

उपहार देकर रक्तदान कराने पर महाराष्ट्र एफडीए सख्त, मुंबई के 3 प्रमुख ब्लड बैंकों पर गिरी गाज

स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को टाइटन की घड़ियां बांटने के आरोप में एफडीए ने मुंबई के तीन जाने-माने ब्लड सेंटरों के संचालन लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रक्तदान नियमों की अनदेखी करने वाले चिकित्सा केंद्रों पर कड़ा प्रशासनिक शिकंजा कसा है। दाताओं को महंगे तोहफे देकर खून एकत्र करने की गतिविधियों पर संज्ञान लेते हुए नियामक ने मुंबई महानगर के तीन प्रतिष्ठित ब्लड सेंटरों की कार्यप्रणाली पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। नियामक की जांच में यह बात सामने आई कि एक धर्मार्थ आयोजन के दौरान लोगों को आकर्षित करने के लिए घड़ियों का वितरण किया गया, जो स्वैच्छिक दान के आधिकारिक मानकों के खिलाफ है।

निलंबन के दायरे में आए अस्पताल और संस्थाएं

प्रशासनिक कार्रवाई की चपेट में दक्षिण और मध्य मुंबई के बड़े स्वास्थ्य केंद्र आए हैं। इनमें मुंबई स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ब्लड सेंटर शामिल है, जिसका लाइसेंस पांच दिनों की अवधि के लिए निरस्त किया गया है। इसके अतिरिक्त भायखला क्षेत्र में कार्यरत डीन ग्रांट मेडिकल कॉलेज एवं सर जे.जे. समूह अस्पताल के ब्लड सेंटर तथा मुंबई सेंट्रल स्थित बी.वाई.एल. नायर चैरिटेबल अस्पताल ब्लड सेंटर के संचालन अधिकार तीन-तीन दिनों के लिए निलंबित किए गए हैं। इन दोनों सरकारी चिकित्सा संस्थानों ने इस प्रशासनिक निर्णय के विरुद्ध उच्च स्तर पर समीक्षा की गुहार लगाई, जिस पर राज्य शासन ने निलंबन के अमल पर तात्कालिक रोक लगा दी है।

ये भी पढ़ें

अल्टामाउंट रोड पर आयोजित शिविर से जुड़ा है पूरा मामला

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत मुंबई के अल्टामाउंट रोड इलाके से हुई थी, जहां यंग स्टार कमेटी नामक संस्था ने अप्रैल 2026 में एक स्वैच्छिक शिविर की रूपरेखा तैयार की थी। इस आयोजन के प्रचार सामग्री में स्पष्ट तौर पर टाइटन ब्रांड की कलाई घड़ियां मुफ्त देने का वादा दर्ज था। नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल यानी राष्ट्रीय रक्त संक्रमण परिषद की नियमावली स्पष्ट करती है कि स्वैच्छिक रक्तदान की प्रक्रिया पूरी तरह निस्वार्थ होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति को कोई वस्तु या लालच देकर रक्त नहीं लिया जा सकता। शुरुआत में संबंधित संस्थाओं और ब्लड बैंकों ने ऐसे किसी भी उपहार वितरण की जानकारी होने से साफ इनकार किया था।

जांच में खुली पोल और जारी हुआ नोटिस

नियामक संस्था ने जब शिविर में भाग लेने वाले नागरिकों से सीधे पूछताछ की, तो कई रक्तदाताओं ने स्वीकार किया कि उन्हें रक्तदान के उपरांत कलाई घड़ियां प्रदान की गई थीं। जमीनी सच्चाई पुख्ता होने के बाद 22 अगस्त 2026 को जांच दलों ने इन तीनों केंद्रों के परिसरों का मुआयना किया। जांच में मिली गंभीर अनियमितताओं के आधार पर 2 सितंबर 2026 को संबंधित प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए। इसके बाद व्यक्तिगत स्तर पर पक्षों की दलीलें सुनी गईं, लेकिन दिए गए तर्क नियमों के उल्लंघन को न्यायोचित नहीं ठहरा सके, जिसके बाद निलंबन का सख्त कदम उठाया गया।

प्रशासन का कड़ा रुख और कानूनी अनुपालन का संदेश

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस विषय पर स्पष्ट संदेश दिया है। उनका कहना है कि रक्तदान पूरी तरह से सामाजिक उत्तरदायित्व और इंसानियत की भलाई से जुड़ा काम है। आयुक्त ने कहा, "रक्तदान के लिए किसी भी तरह के उपहार या प्रलोभन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।" उन्होंने साफ किया कि नियामक निकाय सभी अधिकृत केंद्रों द्वारा वैधानिक नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है और किसी भी प्रकार की व्यावसायिक छूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सवाल-जवाब

किन ब्लड बैंकों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं?
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ब्लड सेंटर, सर जे.जे. समूह अस्पताल ब्लड सेंटर और बी.वाई.एल. नायर चैरिटेबल अस्पताल ब्लड सेंटर के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
रक्तदान शिविर में कौन सा उपहार दिया गया था?
शिविर में शामिल होने वाले रक्तदाताओं को टाइटन कंपनी की कलाई घड़ियां उपहार के रूप में दी गई थीं।
यह विवादित रक्तदान शिविर कब और कहां आयोजित हुआ था?
यह शिविर मुंबई के अल्टामाउंट रोड इलाके में अप्रैल 2026 के आसपास यंग स्टार कमेटी द्वारा आयोजित किया गया था।
एफडीए ने इन ब्लड बैंकों का निरीक्षण कब किया था?
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के जांच दलों ने 22 अगस्त 2026 को संबंधित ब्लड बैंकों का औचक निरीक्षण किया था।
अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस किस तारीख को जारी किया गया?
जांच में कमियां पाए जाने के बाद 2 सितंबर 2026 को संबंधित ब्लड सेंटरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
क्या सभी ब्लड बैंकों का निलंबन प्रभावी हो चुका है?
जे.जे. अस्पताल और नायर अस्पताल के ब्लड सेंटरों ने राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर कर निलंबन आदेश पर अंतरिम स्थगन हासिल कर लिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·12 दिन पहले

तोहफे देकर खून लेना गलत है, पर लाइसेंस निलंबित करने से अस्पताल की सेवाएं रुकने का खतरा भी तो है।

Ravikash Gupta@ravikash·12 दिन पहले

रक्तदान जैसी नेक बात में घड़ियों का लालच देना बिल्कुल गलत है। ब्लड बैंकों पर यह कार्रवाई जरूरी थी ताकि लोग नियमों से खिलवाड़ न करें।

Aisha Khan@aisha-khan·12 दिन पहले

रविकेश जी, मैं आपकी बात से बिल्कुल सहमत हूँ। पर क्या इन संस्थाओं पर सिर्फ थोड़े दिनों का निलंबन काफ़ी है या लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द होना चाहिए?

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 दिन पहले

रक्तदान जैसी पवित्र प्रक्रिया में भी घड़ियों का लालच देकर नियमों को ताक पर रख दिया गया। एनबीटीसी के साफ निर्देश हैं कि स्वैच्छिक दान पूरी तरह निस्वार्थ होना चाहिए, फिर भी बड़े अस्पताल ऐसी हरकतों में शामिल मिले। एफडीए की यह कार्रवाई बिल्कुल सही है, ऐसे लोभ देने वालों पर और सख्त शिकंजा कसा जाना चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·12 दिन पहले

करन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। जब अस्पताल खुद ऐसे लालच देने लगें, तो लोग निस्वार्थ भाव से दान देना ही भूल जाएंगे।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp