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उत्तर प्रदेश के देवरिया में गर्भवती महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, ननद ने 3 लाख की सुपारी देकर की थी वारदातउत्तर प्रदेश
27 अक्तू॰ 2026, 6:55 pm (1 दिन पहले)· 2

उत्तर प्रदेश के देवरिया में गर्भवती महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, ननद ने 3 लाख की सुपारी देकर की थी वारदात

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में 24 अक्टूबर को हुई गर्भवती महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स ननद ने कम दहेज मिलने और पारिवारिक विवाद के चलते 3 लाख रुपए की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया था।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर इलाके में स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आवास के भीतर 24 अक्टूबर को हुई एक पांच महीने की गर्भवती महिला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस जघन्य हत्याकांड के पीछे कोई और नहीं बल्कि मृतका की अपनी ही ननद, पति और देवर की साजिश सामने आई है। कम दहेज मिलने के विवाद और पारिवारिक कलह के कारण इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स पूर्णिमा ने अपनी ही भाभी की हत्या के लिए तीन लाख रुपए की सुपारी दी थी। इस हाई-प्रोफाइल दहेज हत्या के मामले में मंगलवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य सुपारी किलर को भी गिरफ्तार कर लिया है। देवरिया जिले के इतिहास में सुपारी किलर के जरिए दहेज हत्या कराने का यह अपनी तरह का पहला मामला सामने आया है।

रुद्रपुर सीएचसी परिसर के सरकारी आवास में हुई थी वारदात

गोरखपुर जिले के सहजनवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चांदबारी गांव की रहने वाली पूर्णिमा देवरिया के रुद्रपुर में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है। वह रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कैंपस में बने सरकारी आवास में अकेली रहती थी और अभी अविवाहित है। मृतका गुड़िया देवी, जो चमन लाल की पत्नी थी, पांच महीने से गर्भवती थी। बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं और देखभाल के चलते गुड़िया कुछ समय से अपनी ननद पूर्णिमा के साथ ही इसी सरकारी आवास में रह रही थी। गुड़िया और चमन लाल की एक तीन साल की छोटी बेटी भी है। मृतका का मायका देवरिया जिले के ही एकौना थाना क्षेत्र के करहकोल गांव में स्थित था, जहां उसके परिवार के लोग रहते हैं।

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दहेज को लेकर ससुराल पक्ष में लगातार होती थी प्रताड़ना

गुड़िया की मां लीलावती ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उनकी बेटी के ससुराल में ननद पूर्णिमा देवी का काफी दबदबा था। इसका मुख्य कारण यह था कि पूरे परिवार की आर्थिक जरूरतें और खर्च पूर्णिमा की सरकारी नौकरी की कमाई से ही चलते थे। ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज मिलने को लेकर गुड़िया के साथ अक्सर मारपीट और दुर्व्यवहार किया करते थे। गुड़िया ने यह सारी बातें कई बार अपनी मां को बताई थीं। इसके बाद परिवार के स्तर पर ससुराल वालों को समझाने और मामला शांत कराने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन उनके रवैये में कोई सुधार नहीं आया और वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए।

तीन लाख रुपए में तय हुआ था हत्या का पूरा सौदा

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जब गुड़िया अपनी ननद के पास रहने आई, तो उसकी ननद, पति और सास ने मिलकर उसकी जान लेने की साजिश रच डाली। इस पूरी योजना में ननद पूर्णिमा ने सबसे अहम और मुख्य भूमिका निभाई। उसने अपने एक परिचित सत्य प्रकाश यादव के माध्यम से दो शातिर अपराधियों राम आशीष यादव और नरेश से संपर्क किया। गुड़िया की हत्या के एवज में तीन लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। आरोपियों को ढाई लाख रुपए बतौर एडवांस पहले ही दे दिए गए थे, जबकि बाकी के पचास हजार रुपए हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद दिए जाने तय हुए थे। तय योजना के मुताबिक 24 अक्टूबर की रात को पूर्णिमा के सरकारी आवास के अंदर ही दोनों सुपारी किलरों ने गला घोंटकर गुड़िया की हत्या कर दी।

मुठभेड़ के बाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी

इस पूरी घटना को एक साधारण लूट का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के लिए पूर्णिमा ने कमरे का सारा सामान अस्त-व्यस्त कर दिया और खुद ही पुलिस को सूचना दी। मृतका की मां लीलावती देवी की शिकायत पर पुलिस ने गुड़िया के पति, देवर, सास और ननद पूर्णिमा के खिलाफ दहेज हत्या और घरेलू हिंसा का गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया। जब पुलिस ने गहन छानबीन के दौरान ननद पूर्णिमा से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मंगलवार की सुबह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान हत्या के मुख्य आरोपी राम आशीष के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने जानकारी दी है कि इस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और बाकी बचे फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।

सवाल-जवाब

यह घटना किस जिले में हुई है?
यह घटना उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर इलाके में हुई है।
मृतक महिला कौन थी और उसकी क्या स्थिति थी?
मृतक महिला गुड़िया देवी थी, जो पांच महीने की गर्भवती थी और उसकी एक तीन साल की बेटी भी थी।
हत्या की साजिश किसने रची थी?
हत्या की साजिश मृतका की ननद पूर्णिमा, उसके पति और सास ने मिलकर रची थी।
सुपारी किलरों को कितनी रकम तय की गई थी?
हत्या के लिए तीन लाख रुपए की सुपारी तय की गई थी, जिसमें से ढाई लाख रुपए एडवांस दिए गए थे।
मुख्य आरोपी ननद क्या काम करती थी?
मुख्य आरोपी ननद पूर्णिमा रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·20 घंटे पहले

सरकारी नौकरी वाली ननद ने ही दहेज के लिए तीन लाख की सुपारी देकर गर्भवती भाभी की हत्या करवा दी, यह तो किसी फिल्मी कहानी जैसा खौफनाक है। आखिर अपनों के दिल इतने कैसे पत्थर हो सकते हैं?

Ravikash Gupta@ravikash·20 घंटे पहले

सरकारी नौकरी वाली ननद ने ही घर की गर्भवती बहू को मरवाने के लिए तीन लाख की सुपारी दे दी। लालच इंसान को कितना अंधा बना देता है, यकीन नहीं होता।

Arjun Mehta@arjun-mehta·20 घंटे पहले

रविकाश भाई, सही कहा आपने। सरकारी नौकरी का घमंड इंसान को इतना पत्थर दिल बना देता है, सोचकर ही रूह कांप जाती है।

Rohan Verma@rohan-verma·21 घंटे पहले

सरकारी नौकरी वाली ननद ने ही पैसे देकर भाभी की हत्या करवा दी, समाज में रिश्तों पर से भरोसा उठता जा रहा है। एक गर्भवती महिला को अपने ही घर में इस तरह साज़िश का शिकार होना पड़ा, यह सोचकर ही कंपकंपी छूट जाती है। पुलिस ने सुपारी किलर को तो पकड़ लिया, लेकिन इस पूरे खेल में शामिल बाकी लोग आखिर कानून से कब तक बच पाएंगे?

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 घंटे पहले

रोहन, ढाई लाख रुपए एडवांस देना और वो भी सरकारी नौकरी वाली ननद द्वारा, यह बात सचमुच दिमाग सुन्न कर देती है।

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