लखनऊ के सआदतगंज इलाके में हुए सनसनीखेज ट्रिपल हत्याकांड के मामले में प्रशासन की तरफ से बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। इस कार्रवाई के तहत मुख्य आरोपी के आवास को एलडीए यानी लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा सील कर दिया गया है। अवैध निर्माण घोषित किए जाने के बाद इस मकान को चारों तरफ से सील करने की कार्रवाई की गई है। इस दौरान मौके पर एलडीए के कई वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। तीन लोगों की हत्या के इस बहुचर्चित मामले में आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी की गई है, जिससे इलाके में प्रशासनिक सख्ती का साफ संदेश गया है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यह खौफनाक वारदात सोमवार को सुबह करीब 10:30 बजे सामने आई थी। सआदतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ब्राह्मण टोला और नौबस्ता इलाके में एक मामूली सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ जो देखते ही देखते ताबड़तोड़ फायरिंग में बदल गया। इस गोलीबारी की घटना में एक ही परिवार के कुल तीन सदस्यों की मौत हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों की पहचान परिवार के मुखिया शिवाजी तिवारी, उनके बेटे सुयश तिवारी और भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु के रूप में हुई थी।
मिली जानकारी के अनुसार, शिवाजी तिवारी और उनके पड़ोसी ऋषभ शुक्ला के बीच काफी समय से घर के बाहर स्थित बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनवाने को लेकर रंजिश और विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के बीच सोमवार के दिन सुयश ने अपनी कार उसी बरगद के पेड़ के नीचे खड़ी कर दी थी, जिससे विवाद को और हवा मिल गई।
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के अनुसार, सोमवार को सुबह करीब 10:30 बजे शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु मंदिर में जल चढ़ाने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मुलाकात और बहस ऋषभ शुक्ला से हो गई। विवाद की आवाज सुनकर शिवाजी तिवारी भी अपने घर से बाहर निकल आए। इसके बाद ऋषभ शुक्ला पर यह गंभीर आरोप है कि उसने पहले शंभु और शिवाजी तिवारी पर दनादन गोलियां बरसाईं। गोलियों की आवाज सुनकर जब सुयश भी घर से बाहर निकले तो आरोपी ने उन पर भी फायरिंग कर दी। इस बेरहम घटना में शिवाजी और सुयश की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मातम में बदलीं शादी की खुशियां और आरोपी की गिरफ्तारी
इस भयानक वारदात के बाद मृतक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे घर में मातम पसर गया। परिवार में खुशियों का माहौल होना चाहिए था क्योंकि आगामी 5 दिसंबर को सुयश की शादी तय थी और घटना से ठीक एक दिन पहले ही घर में शादी से जुड़ी पूजा का अनुष्ठान संपन्न हुआ था। जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां एक साथ तीन अर्थियां उठने से हर किसी की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ऋषभ के बारे में यह जानकारी भी सामने आई है कि वह पहले मर्चेंट नेवी में अपनी सेवाएं दे चुका है।
इस खूनी संघर्ष की शुरुआत मामूली विवाद से हुई थी लेकिन बात इतनी बढ़ गई कि तीन हंसते-खेलते लोगों की जान चली गई। स्थानीय प्रशासन ने अब इस मामले में कानून का शिकंजा कसते हुए आरोपी के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई और सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों को लेकर कड़ा संदेश दिया जा सके।
























