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उत्तराखंड के पहाड़ों पर गरजेंगे बादल, 8 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट और 50 किमी की हवाएं, मानसून अब जुलाई में देगा दस्तकउत्तराखंड
24 जून 2026, 5:37 am (45 दिन पहले)· 2

उत्तराखंड के पहाड़ों पर गरजेंगे बादल, 8 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट और 50 किमी की हवाएं, मानसून अब जुलाई में देगा दस्तक

उत्तराखंड के 8 पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी हुआ है, वहीं मानसून इस बार सामान्य से 7 से 10 दिन देरी से पहुंचेगा.

देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली है और आने वाले कुछ दिन भी राहत भरे नहीं रहने वाले. राज्य के कई पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा. कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने को कहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार मानसून का इंतजार लंबा खिंचने वाला है.

मानसून इस बार करीब 7 से 10 दिन लेट

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत सिस्टम नहीं बन पाया है और देशभर में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ी हुई है. यही वजह है कि उत्तराखंड में मानसून अपने तय समय से करीब 7 से 10 दिन की देरी से पहुंचेगा. आम तौर पर प्रदेश में 25 जून तक मानसून दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार इसके लिए जुलाई के पहले हफ्ते तक इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि प्री-मानसून की बारिश पहाड़ों में मौसम को सुहावना बनाए रखेगी और मैदानी इलाकों को भी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. देहरादून समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर बना रहेगा.

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आज और कल 8 जिलों में येलो अलर्ट

24 जून यानी बुधवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी और पिथौरागढ़ में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने 24 और 25 जून के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है.

बीते 24 घंटे में पारा कहां पहुंचा

पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह सामान्य से नीचे दर्ज हुआ. मैदानों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहा, वहीं पहाड़ों में यह सामान्य से काफी कम रहा. राज्य में सबसे ज्यादा तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस पंतनगर (ऊधम सिंह नगर) में और सबसे कम 5.2 डिग्री केदारनाथ (रुद्रप्रयाग) में रिकॉर्ड किया गया. अगले 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है.

आगे किस दिन कहां बरसेंगे बादल

25 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी और पिथौरागढ़ में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि बाकी जिलों में इक्का-दुक्का जगहों पर हल्की बारिश संभव है. 26 और 27 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. 28 जून को भी इन्हीं पांच जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी. 29 जून को राज्य के अधिकांश पहाड़ी जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है.

देहरादून में अगले 6 दिन का हाल

राजधानी देहरादून में 24 से 29 जून तक तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. 24 जून को पारा 24 से 36 डिग्री, 25 जून को 25 से 37 डिग्री और 26 जून को 25 से 37 डिग्री के बीच रह सकता है. 27 जून को यह 26 से 38 डिग्री, 28 जून को 27 से 39 डिग्री और 29 जून को 27 से 38 डिग्री तक जा सकता है. इस दौरान आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के आसार बने रहेंगे.

क्यों लंबा होगा मानसून का इंतजार

मानसून का इंतजार अभी कुछ और दिन खिंच सकता है. इसकी मुख्य वजह देश में मानसूनी हवाओं की धीमी चाल और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसम प्रणाली का न बन पाना है. आम तौर पर उत्तराखंड में मानसून 25 जून के बाद सक्रिय होता है, लेकिन इस बार इसके देर से पहुंचने के संकेत हैं. इस बीच प्री-मानसून बारिश पहाड़ी इलाकों का मौसम खुशनुमा बनाए रखेगी और मैदानों को भी गर्मी से कुछ राहत देगी.

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में मानसून अब कब तक पहुंचेगा?
इस बार मानसून सामान्य से करीब 7 से 10 दिन देरी से आएगा और जुलाई के पहले हफ्ते तक दस्तक दे सकता है.
किन 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी हुआ है?
24 और 25 जून के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
हवाओं की रफ्तार कितनी रह सकती है?
अलर्ट वाले जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
राज्य में सबसे ज्यादा और सबसे कम तापमान कहां दर्ज हुआ?
सबसे ज्यादा 38.0 डिग्री सेल्सियस पंतनगर (ऊधम सिंह नगर) में और सबसे कम 5.2 डिग्री केदारनाथ (रुद्रप्रयाग) में रिकॉर्ड हुआ.
देहरादून में अगले दिनों तापमान कैसा रहेगा?
24 से 29 जून के बीच पारा करीब 24 से 39 डिग्री के दायरे में ऊपर-नीचे होता रहेगा और आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे.
येलो अलर्ट का क्या मतलब है?
येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम खराब हो सकता है और लोगों को पहले से सतर्क रहने की जरूरत है.
प्री-मानसून बारिश क्या होती है?
मानसून के आधिकारिक रूप से पहुंचने से पहले होने वाली बारिश को प्री-मानसून बारिश कहते हैं, जिससे तापमान घटता है और गर्मी से राहत मिलती है.
गरज-चमक के दौरान क्या सावधानी बरतें?
बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और पानी के स्रोतों से दूर रहें और किसी सुरक्षित इमारत या वाहन में शरण लें.
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