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उत्तराखंड में भूस्खलन और मूसलधार बारिश के चलते चारधाम यात्रा 48 घंटे के लिए रोकी गईभारत
28 जुल॰ 2026, 11:48 am (101 दिन पहले)· 0

उत्तराखंड में भूस्खलन और मूसलधार बारिश के चलते चारधाम यात्रा 48 घंटे के लिए रोकी गई

भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा को मंगलवार और बुधवार के लिए स्थगित कर दिया गया है, गढ़वाल आयुक्त ने मौसम सुधरते ही यात्रा फिर शुरू करने की बात कही है।

उत्तराखंड में भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन ने चारधाम यात्रा पर ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार और बुधवार, इन दो दिनों के लिए यात्रा को पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की जान को कोई खतरा न हो।

प्रशासन ने क्या कहा

गढ़वाल मंडल के आयुक्त की ओर से बताया गया है कि चारधाम यात्रा मार्ग कई जगहों पर भूस्खलन के मलबे से अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी है। इन्हीं वजहों से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज और कल के लिए यात्रा रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम में सुधार होते ही यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

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यमुनोत्री से बद्रीनाथ तक का सफर

चारधाम यात्रा आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है। इस दौरान श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ पहुंचकर दर्शन करते हैं। यह यात्रा मुख्य रूप से मई-जून से लेकर नवंबर महीने तक खुली रहती है। सर्दियों में भारी बर्फबारी शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और यात्रा अपने आप रुक जाती है।

हफ्तों से जारी है बारिश का कहर

उत्तराखंड में मानसून की बारिश पिछले कई हफ्तों से पहाड़ी इलाकों में तबाही मचा रही है। भूस्खलन की वजह से अलग-अलग दिनों में दर्जनों सड़कें बंद होती रही हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। सिर्फ चारधाम यात्रा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य में वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा पर भी भारी बारिश की मार पड़ चुकी है, जो कई दिनों तक ठप रहीं। यमुनोत्री हाईवे भी बीच में बंद करना पड़ा था। इससे साफ है कि इस बार का मानसून पहाड़ी राज्यों के लिए खासा भारी साबित हो रहा है।

अब आगे क्या

प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है। बारिश थमने और भूस्खलन वाले हिस्सों से मलबा हटने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। तब तक श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर रुकने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

सवाल-जवाब

चारधाम यात्रा कब तक स्थगित रहेगी?
यात्रा मंगलवार और बुधवार तक स्थगित रहेगी, मौसम अनुकूल होने पर इसे दोबारा शुरू किया जाएगा।
यात्रा रोकने का फैसला क्यों लिया गया?
भारी बारिश के अलर्ट और भूस्खलन से मार्ग कई जगह अवरुद्ध होने के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यह फैसला लिया गया।
चारधाम यात्रा में कौन-कौन से धाम शामिल हैं?
इसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं।
चारधाम यात्रा आमतौर पर कहां से शुरू होती है?
यह आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है।
यात्रा हर साल कब खुलती और बंद होती है?
यह मई-जून से नवंबर तक खुली रहती है और सर्दियों में बर्फबारी शुरू होते ही बंद हो जाती है।
क्या इस मानसून में सिर्फ चारधाम यात्रा ही प्रभावित हुई है?
नहीं, हाल के हफ्तों में भारी बारिश से उत्तराखंड में कई सड़कें बंद हुई हैं और पड़ोसी राज्य में वैष्णो देवी व अमरनाथ यात्रा भी कई दिनों तक बाधित रही।
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