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उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: 28 जून को पिथौरागढ़-बागेश्वर में बारिश, जानिए 29 जून के लिए IMD का बड़ा अलर्टउत्तराखंड
28 जून 2026, 6:06 am (41 दिन पहले)· 4

उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: 28 जून को पिथौरागढ़-बागेश्वर में बारिश, जानिए 29 जून के लिए IMD का बड़ा अलर्ट

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले मौसम तेजी से बदल रहा है। जहाँ पिथौरागढ़ और बागेश्वर में आज बारिश के आसार हैं, वहीं 29 जून से पूरे राज्य में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड की जलवायु परिस्थितियों में 28 जून से एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है, जिससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की विपरीत स्थितियां बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आज पर्वतीय अंचलों में बादलों की आवाजाही और वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसके विपरीत, मैदानी जनपदों के निवासी अभी भी भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी से जूझ रहे हैं। हालांकि, आज के लिए विभाग ने किसी विशेष बड़ी चेतावनी का संकेत नहीं दिया है, फिर भी ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने की संभावना बनी रहेगी। विशेष रूप से पिथौरागढ़ और बागेश्वर में प्री-मानसून की सक्रियता तेज हो गई है, जिसके प्रभाव से आने वाले समय में वर्षा की तीव्रता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप

पिछले कुछ दिनों से राज्य के तराई और मैदानी क्षेत्रों में तापमान ने सामान्य से अधिक स्तर छू लिया है। पिछले 24 घंटों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर और हरिद्वार का रुड़की का क्षेत्र सबसे अधिक गर्म रहे, जहां अधिकतम तापमान का आंकड़ा 40.0 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। इसके उलट, ऊंचाई वाले स्थानों पर रातों का तापमान अभी भी काफी आरामदायक है। नैनीताल के मुक्तेश्वर को राज्य का सबसे ठंडा केंद्र आंका गया, जहां न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों का यह स्पष्ट मानना है कि अगले 2 से 3 दिनों तक तापमान में किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव की गुंजाइश नहीं है, जिससे मैदानी इलाकों को गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।

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पिथौरागढ़ और बागेश्वर में वर्षा के आसार

आज कुमाऊं मंडल के सीमावर्ती जनपदों, विशेषकर पिथौरागढ़ और बागेश्वर में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग का यह अनुमान है कि इन दोनों जिलों के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं पर गरज और चमक के साथ तेज फुहारें भी गिरने की प्रबल संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों और आने वाले सैलानियों के लिए सावधानी का संदेश जारी किया है, क्योंकि पर्वतीय रास्तों पर अचानक होने वाली बारिश से मलबे का गिरना और भूस्खलन जैसी आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।

पर्वतीय जनपदों की स्थिति

राजधानी देहरादून सहित उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल जैसे जिलों में भी आज मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की या मध्यम बारिश की उम्मीद जताई गई है। पिछले 24 घंटों में धनौल्टी में 13.0 मिमी, गरुड़ में 11.0 मिमी, रानीखेत में 8.0 मिमी, धारचूला में 7.6 मिमी और मुनस्यारी में 6.2 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। मूसरी, मुक्तेश्वर, चकराता और जोशीमठ में भी तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने की सूचना मिली है, जिससे वहां के वातावरण में काफी तरावट आई है।

मैदानी जिलों में उमस भरी स्थिति

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के मैदानी अंचलों में आज भी उमस भरी गर्मी का असर बरकरार है। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इन इलाकों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें हो सकती हैं। यह वर्षा भीषण गर्मी से पूरी तरह निजात तो नहीं देगी, लेकिन वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ा सकती है। हाल ही में पंतनगर में देखी गई हीटवेव की स्थिति में फिलहाल कमी आई है, फिर भी तापमान अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना हुआ है।

29 जून का येलो अलर्ट और भारी वर्षा की चेतावनी

मौसम विभाग ने 29 जून के लिए पूरे प्रदेश के लिए 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने और अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून सहित कई अन्य पहाड़ी जनपदों में भी मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिसके कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है।

जुलाई की शुरुआत में मानसून का असर

राज्य के निवासियों के लिए एक सकारात्मक खबर यह है कि जून का समापन और जुलाई का आरंभ पूरे प्रदेश में मानसून के विस्तार के साथ होगा। आगामी 5 दिनों के बुलेटिन के अनुसार, 30 जून और 01 जुलाई को राज्य के सभी जनपदों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, 02 जुलाई और 03 जुलाई को पूरे उत्तराखंड में झमाझम बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से पूर्ण मुक्ति मिल जाएगी।

पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा निर्देश

चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और पहाड़ी क्षेत्रों में घूम रहे सैलानियों के लिए विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। मौसम की नवीनतम लाइव अपडेट पर नजर रखना और भारी बारिश या खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेना ही समझदारी है।

सवाल-जवाब

आज 28 जून को उत्तराखंड के किन जिलों में बारिश की सबसे ज्यादा संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार, आज 28 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है।
क्या 29 जून के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी की गई है?
हाँ, मौसम विभाग ने 29 जून के लिए उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के कारण 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
मैदानी इलाकों में गर्मी से कब तक राहत मिलेगी?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 2 जुलाई और 3 जुलाई को पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश होगी, जिससे मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से राहत मिल जाएगी।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए क्या निर्देश हैं?
श्रद्धालुओं को पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय मौसम की लाइव अपडेट देखते रहने और खराब मौसम या भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।
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