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वडनगर रेलवे स्टेशन पर याद आए प्रधानमंत्री के पुराने दिन, दिल्ली में 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का दोहराया संकल्पदिल्ली
7 अक्तू॰ 2026, 1:21 pm (23 दिन पहले)· 0

वडनगर रेलवे स्टेशन पर याद आए प्रधानमंत्री के पुराने दिन, दिल्ली में 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का दोहराया संकल्प

सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने पर वडनगर में प्रधानमंत्री के पुराने साथियों और चाय विक्रेताओं ने उनके छात्र जीवन की यादें साझा कीं, वहीं दिल्ली में उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का आह्वान किया।

सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वडनगर रेलवे स्टेशन पर एक विशेष आयोजन संपन्न हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरुआती दिनों की स्मृतियों को ताजा किया गया। इस समारोह में उनके पुराने सहपाठियों के साथ-साथ उस दौर में रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले चाय विक्रेताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इस ऐतिहासिक स्टेशन से जुड़े उनके जीवन के शुरुआती संघर्षों और अनुभवों को सभी उपस्थित लोगों ने बड़े आत्मीय भाव से याद किया।

सहपाठियों ने साझा की छात्र जीवन और नेतृत्व की यादें

आयोजन के दौरान मंच से बोलते हुए प्रधानमंत्री के पूर्व सहपाठियों ने उनके विद्यार्थी जीवन से जुड़े कई संस्मरण सामने रखे। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन के दौरान ही उनके भीतर नेतृत्व की गहरी क्षमता साफ झलकती थी। वे केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि सामाजिक अभियानों, सेवा कार्यों और विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे। सहपाठियों ने यह भी रेखांकित किया कि उस समय भी उनके स्वभाव में असाधारण सादगी और एक तरह के वैराग्य का प्रभाव देखने को मिलता था।

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वडनगर के चाय विक्रेताओं ने महसूस किया गर्व

वडनगर स्टेशन पर काम करने वाले चाय विक्रेताओं ने भी प्रधानमंत्री से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष पद पर पहुंचे व्यक्ति से जुड़े इस आत्मीय कार्यक्रम का हिस्सा बनना उनके लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है। इसी अवसर पर ‘मोदी गवर्नेंस’ नामक एक नई पुस्तक का औपचारिक विमोचन भी संपन्न हुआ। पुस्तक के लेखक के अनुसार, इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और शासन शैली का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इस पूरे कार्यक्रम के लगभग 10-11 मिनट के दृश्य डिजिटल मंचों के लिए भी तैयार किए गए हैं।

दिल्ली में सेवा ज्योति यात्रा और 2047 का विजन

राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में भी इस अवसर पर विकसित भारत संकल्प सभा का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य संबोधन से पूर्व उन्होंने ‘सेवा ज्योति यात्रा’ (सेवा संकल्प अभियान) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री भावुक हो उठे और उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह कल्पना नहीं की थी कि जीवन में ऐसा मुकाम आएगा जब वे समस्त देशवासियों के प्रति इस रूप में आभार व्यक्त कर सकेंगे।

इतने लंबे जनसेवा काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे आज भी खुद को एक निरंतर सीखने वाला विद्यार्थी ही मानते हैं। वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने नया नारा दिया और कहा कि अंतरिक्ष में ऐतिहासिक प्रगति, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य देशवासी मिलकर हासिल करेंगे।

सवाल-जवाब

वडनगर रेलवे स्टेशन पर किस उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनकी शुरुआती यादों को साझा करने के लिए आयोजित किया गया था।
वडनगर के कार्यक्रम में किन्हें आमंत्रित किया गया था?
समारोह में उनके पुराने सहपाठियों और उस समय वडनगर स्टेशन पर काम करने वाले चाय विक्रेताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
सहपाठियों ने उनके शुरुआती व्यक्तित्व के बारे में क्या बताया?
सहपाठियों ने बताया कि उनमें बचपन से ही नेतृत्व क्षमता थी, वे सामाजिक गतिविधियों में आगे रहते थे और उनके स्वभाव में सादगी तथा वैराग्य दिखाई देता था।
इस अवसर पर किस पुस्तक का विमोचन किया गया?
समारोह के दौरान 'मोदी गवर्नेंस' नामक पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें उनकी प्रशासनिक कार्यशैली का उल्लेख किया गया है।
दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में कौन सा अभियान शुरू किया गया?
वहां प्रधानमंत्री ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करने से पहले 'सेवा ज्योति यात्रा' (सेवा संकल्प अभियान) को हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने भारत के विकास को लेकर क्या संकल्प दोहराया?
उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और अंतरिक्ष में मजबूत कदम बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·21 दिन पहले

वडनगर रेलवे स्टेशन से लेकर दिल्ली तक के इस सफर को देखकर वाकई पुराने दिन याद आ गए। 25 साल का यह सफर और 2047 का विजन दोनों ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आज की युवा पीढ़ी के बीच काफी चर्चा में हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·21 दिन पहले

वडनगर रेलवे स्टेशन से लेकर दिल्ली के स्टेडियम तक का यह सफर वाकई बहुत लंबा रहा है। चाय बेचने वाले पुराने दिनों को याद करके आज भी गर्व महसूस कर रहे होंगे। बस यह समझ नहीं आया कि 2047 के विकसित भारत के इस बड़े लक्ष्य को जमीन पर उतारने के लिए अभी सबसे पहली और बड़ी चुनौती क्या मानी जा रही है?

Nyra Kaif@nyra-kaif·21 दिन पहले

अर्जुन, चाय बेचने वाले दिनों को याद करना तो ठीक है, पर मुझे लगता है कि इन पुरानी बातों और 2047 के बड़े विजन के बीच ज़मीन पर बहुत बड़ा फासला है।

Rohan Verma@rohan-verma·21 दिन पहले

वडनगर से दिल्ली तक का सफर वाकई लंबा रहा है। चाय की दुकान से उठकर देश के शीर्ष पद तक पहुंचना और आज भी खुद को छात्र मानना बड़ी बात है। 2047 का लक्ष्य कितना पूरा होगा, यह तो वक्त बताएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 दिन पहले

रोहन भाई, ज़मीन से उठकर यहाँ तक पहुँचना बड़ी बात तो है, पर पब्लिक लाइफ़ में सुरक्षा और जाँच एजेंसियों के घेरे में रहना भी कम संघर्ष नहीं है।

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