गुजरात के प्रमुख रेलवे हब अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक दुर्लभ इंजीनियरिंग मॉडल धरातल पर उतर चुका है। देश के रेल इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जहां ऊपर एलिवेटेड संरचना पर हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का स्टेशन रहेगा और उसके ठीक नीचे के स्तर से भारतीय रेलवे की नियमित यात्री ट्रेनें अपनी पटरियों पर दौड़ेंगी। इस महत्वाकांक्षी व्यवस्था को लागू करने के लिए स्टेशन परिसर में तीन एकदम नए प्लेटफॉर्म और ब्रॉड गेज रेल लाइनें पूरी तरह तैयार कर ली गई हैं।
तीन नए प्लेटफॉर्म और ब्रॉड गेज लाइनों का निर्माण कार्य पूरा
मुंबई और अहमदाबाद के बीच आकार ले रहे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत अहमदाबाद जंक्शन को बहुमंजिला परिवहन केंद्र के रूप में नया स्वरूप दिया जा रहा है। इसी इंजीनियरिंग ढांचे के अंतर्गत पारंपरिक ट्रेनों के संचालन के लिए ग्राउंड लेवल पर प्लेटफॉर्म नंबर 10, 11 और 12 का निर्माण पूरा किया गया है। निर्माण कार्यों और भारी ढांचागत फेरबदल के कारण प्लेटफॉर्म नंबर 10 को जुलाई 2022 से रेल यातायात के लिए बंद रखना पड़ा था। अब इन तीनों प्लेटफॉर्मों के लिए नई पटरियों का जाल बिछ चुका है, जिससे आने वाले दिनों में नियमित एक्सप्रेस गाड़ियों, वंदे भारत एक्सप्रेस और उपनगरीय लोकल ट्रेनों की आवाजाही सुचारू की जा सकेगी।
रेलवे संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण और सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया
अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने इस पूरे एकीकृत प्रोजेक्ट को भारतीय रेल के आधुनिकीकरण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए ट्रैक और प्लेटफॉर्म ढांचे का निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा विधिवत पूरा किया जा चुका है। संरक्षा विभाग से औपचारिक सुरक्षा अनापत्ति और संचालन संबंधी अंतिम कागजी प्रक्रियाएं पूरी होते ही इन प्लेटफॉर्मों से यात्री ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था बुलेट ट्रेन और पारंपरिक ब्रॉड गेज नेटवर्क को एक ही स्थान पर सहजता से जोड़ती है।
असारवा से साबरमती बायपास और पांचवीं लाइन से क्षमता विस्तार
स्टेशन पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने और आवाजाही को गति देने के लिए व्यापक नेटवर्क सुधार भी किए गए हैं। इसके अंतर्गत असारवा रेलवे स्टेशन से साबरमती ए केबिन के बीच एक नई बायपास रेल लाइन बिछाई गई है, जिसकी जांच भी सीआरएस ने पूरी कर ली है। इसके साथ ही अहमदाबाद स्टेशन और कांकरिया डिपो के मध्य पांचवीं रेल लाइन बिछाने का काम भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये अतिरिक्त ट्रैक और प्लेटफॉर्म भविष्य में अहमदाबाद जंक्शन पर ट्रेनों के जमावड़े को खत्म करेंगे और पूरे रेल नेटवर्क की संचालन क्षमता को कई गुना मजबूत बनाएंगे।



















