टाटा संस की अर्जी रिजर्व बैंक ने की खारिज, अब शेयर बाजार में दस्तक देने के अलावा नहीं बचा कोई रास्तादेवघर में धान की बंपर पैदावार के लिए रोपाई के 20 से 25 दिनों बाद क्यों जरूरी है सही खाद का इस्तेमालगणेशोत्सव पर पाना है पारंपरिक और शाही लुक, तो आजमाएं पैठणी साड़ी के ये 5 बेहद खूबसूरत डिजाइनबेंगलुरु की लापता छात्रा को खोजने में मददगार बना सरकारी योजना का ओटीपी, सहेली की तलाश में जुटी सीआईडीबाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए मसीहा बनी अंबाला की मेडिकल टीम, मुफ्त इलाज पाकर भावुक हुए पीड़ितरसोई की काली और चिकनी छन्नी को चमकाने के 4 आसान घरेलू नुस्खे, ऐसे करें साफवृषभ राशिफल 13 सितंबर: इस एक आदत से आज चमकेगा भाग्य, जानें अपना पूरा दैनिक भविष्यफलपश्चिम बंगाल में असली तृणमूल कांग्रेस पर संग्राम, ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने 'जोड़ाफूल' चुनाव चिह्न पर जताया दावाकॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने जताई गहरी चिंता, गणित के क्षेत्र में एआई की तेज तरक्की से वैज्ञानिक सहमेदिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ इतिहास रच सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, वीरेंद्र सहवाग का यह बड़ा रिकॉर्ड निशाने पर
व्हाट्सऐप ग्रुप पर अभद्र टिप्पणी मामले में कोलकाता पुलिस के दो उपायुक्त निलंबित, विभागीय जांच शुरूपश्चिम बंगाल
11 जुल॰ 2026, 7:21 pm (63 दिन पहले)· 1

व्हाट्सऐप ग्रुप पर अभद्र टिप्पणी मामले में कोलकाता पुलिस के दो उपायुक्त निलंबित, विभागीय जांच शुरू

कोलकाता पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने और राजनीतिक नेतृत्व पर विवादित टिप्पणी करने के आरोप में दो वरिष्ठ पुलिस उपायुक्तों को निलंबित कर दिया है।

कोलकाता पुलिस के प्रशासनिक अमले ने अनुशासनहीनता के खिलाफ एक बेहद सख्त कदम उठाते हुए अपने दो वरिष्ठ उपायुक्तों (डिप्टी कमिश्नरों) को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक आंतरिक जांच के बाद की गई है, जिसमें सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़े नियमों और विभागीय दिशा-निर्देशों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों से सार्वजनिक और डिजिटल मंचों पर जिस तरह की तटस्थता की उम्मीद की जाती है, उसका उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

व्हाट्सऐप ग्रुप का विवाद और निलंबित अधिकारी

निलंबन का सामना करने वाले इन दोनों आला अधिकारियों की पहचान उत्तर मंडल के पुलिस उपायुक्त-तृतीय विधान साहा और बंदरगाह मंडल-द्वितीय के पुलिस उपायुक्त पार्थ प्रतिम दास के रूप में हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ें साल 2025 में पुलिसकर्मियों के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में हुई बातचीत से जुड़ी हैं। इस ग्रुप में विधान साहा ने कथित तौर पर तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां की थीं। वहीं, दूसरे अधिकारी पार्थ प्रतिम दास पर आरोप है कि उन्होंने उन टिप्पणियों का समर्थन किया था। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की और दोनों अधिकारियों को निलंबित करने का फैसला किया। पुलिस प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी आगे बढ़ाई जाएगी।

ये भी पढ़ें

कमिश्नर अजय कुमार नंद की सख्त हिदायत

दो वरिष्ठ अधिकारियों पर यह गाज ऐसे समय में गिरी है, जब हाल ही में कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने सोशल मीडिया पर संयम बरतने की सख्त हिदायत दी थी। पुलिस कमिश्नर नंद ने अपने मातहतों और विशेषकर वरिष्ठ अधिकारियों को ऑनलाइन मंचों पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने या सामग्री साझा करते समय अत्यधिक सतर्क रहने का निर्देश दिया था। उन्होंने चेताया था कि पुलिस बल के किसी भी सदस्य द्वारा सोशल मीडिया पर की गई अभद्र या अनुचित टिप्पणी का समाज पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और इससे पुलिस विभाग की छवि भी धूमिल होती है। उन्होंने ऑनलाइन गतिविधियों में पूर्ण रूप से अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया था।

आरजी कर अस्पताल में तैनात CISF जवान पर संगीन आरोप

एक अन्य गंभीर घटनाक्रम में, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान को बलात्कार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद पारुल अहमद के तौर पर हुई है, जो मूल रूप से असम का रहने वाला है और अस्पताल परिसर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता की मां आरजी कर मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन थीं और इसी दौरान पीड़िता की पहचान इस सुरक्षाकर्मी से हुई थी। आरोप है कि सुरक्षाकर्मी ने युवती को झांसा देकर बीती 8 जून को एक होटल में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने युवती के कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिए, जिनके आधार पर वह उसे ब्लैकमेल करने लगा और उसके साथ बार-बार इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

सवाल-जवाब

किन दो कोलकाता पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है?
निलंबित किए गए अधिकारियों के नाम पुलिस उपायुक्त-तृतीय (उत्तर मंडल) विधान साहा और पुलिस उपायुक्त (बंदरगाह मंडल-द्वितीय) पार्थ प्रतिम दास हैं।
इन अधिकारियों के निलंबन का मुख्य कारण क्या था?
इन अधिकारियों ने साल 2025 में एक व्हाट्सऐप ग्रुप में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं और उनका समर्थन किया था।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने सभी अधिकारियों को ऑनलाइन मंचों का उपयोग करते समय संयम बरतने की सलाह दी है क्योंकि अनुचित टिप्पणियां पुलिस बल की छवि और जनता की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में तैनात किस CISF जवान को गिरफ्तार किया गया है?
आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा में तैनात मोहम्मद पारुल अहमद नामक CISF जवान को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर एक युवती को ब्लैकमेल करने और बार-बार बलात्कार करने का आरोप है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR