इस मेडे रिव्यू में, निर्देशक जॉन फ्रांसिस डैली और जोनाथन गोल्डस्टीन की नई एक्शन कॉमेडी यह साबित करती है कि अगर बेहतरीन अदाकारी और शानदार निर्देशन का साथ मिले तो एक पारंपरिक बडी-मूवी भी खास बन सकती है। जब दर्शक रायन रेनॉल्ड्स की किसी एक्शन कॉमेडी फिल्म को देखने जाते हैं, तो वे आम तौर पर तेज-तर्रार संवादों, चुटीले वन-लाइनर्स और बेहतरीन एक्शन दृश्यों की उम्मीद करते हैं। यह फिल्म उन सभी उम्मीदों पर खरी उतरती है और साथ ही इसमें एक भावनात्मक जुड़ाव भी देखने को मिलता है जो इसे आम एक्शन फिल्मों से अलग बनाता है।
शुरुआती दृश्य और पात्रों की अनोखी दुनिया
फिल्म की शुरुआत एक बेहद तनावपूर्ण और दिलचस्प दृश्य से होती है। रायन रेनॉल्ड्स द्वारा निभाया गया पायलट ट्रॉय का किरदार एक विमान दुर्घटना के बाद होश में आता है। उसके पैर में प्लेन का एक नुकीला हिस्सा धंसा हुआ है और बेहोश होने से ठीक पहले उसे अपनी तरफ एक अज्ञात व्यक्ति आता दिखाई देता है। यह दृश्य दर्शकों को डेडपूल शैली के उस मोड़ की याद दिलाता है जहाँ मुख्य किरदार अपनी इस हालत तक पहुँचने की कहानी बयां करता है। हालांकि, फिल्म केवल मज़ाकिया वन-लाइनर्स तक सीमित नहीं रहती। यहाँ ट्रॉय को एक ऐसे इंसान के रूप में दिखाया गया है जिसे उड़ना पसंद है, जो अपने पिता से प्यार करता है और अपने देश के प्रति एक सीधा-साधा लगाव रखता है।
केनेथ ब्रानाघ का पूर्व केजीबी एजेंट वाला किरदार
शुरुआत में खतरनाक दिखने वाला वह अनजान व्यक्ति असल में ट्रॉय का नया दोस्त निकोलाई उस्तीनोव निकलता है, जिसे केनेथ ब्रानाघ ने बेहद संजीदगी से निभाया है। निकोलाई एक पूर्व केजीबी एजेंट है जो अमेरिका की एक काल्पनिक और आदर्श छवि से प्रभावित है। टॉप गन फिल्म की पायरेटेड कॉपी देखने और मैकडॉनल्ड्स का बर्गर खाने की चाहत रखने वाला निकोलाई फिल्म के सबसे बेहतरीन एक्शन दृश्यों को अंजाम देता है। आमने-सामने की हाथ से होने वाली लड़ाई से लेकर परमाणु मिसाइल से जुड़ी पुलिस चेस तक, निकोलाई का एक्शन अंदाज़ जॉन विक की याद दिलाने वाले पूल-फू स्टंट्स से भरा हुआ है।
शानदार कैमरा वर्क और एक्शन सीन्स का जादू
गेम नाइट और डंगऑन्स एंड ड्रैगन्स: ऑनर अमंग थीव्स जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके जॉन फ्रांसिस डैली और जोनाथन गोल्डस्टीन ने अपनी खास विजुअल शैली को इस फिल्म में भी बखूबी पिरोया है। निर्देशकों ने कैमरों को कार के दरवाजों पर लगाने, ओवरहेड एंगल का इस्तेमाल करने और रूसी ग्रामीण व शहरी इलाकों में चलती कार के बेहतरीन शॉट्स लेने का काम किया है। विशेष रूप से ट्रॉय के प्लेन क्रैश का दृश्य काफी प्रभावित करता है, जिसमें लड़ाकू विमान के टकराने से ठीक पहले प्लेन को वर्टिकल फ्लिप करते और पैराशूट से नीचे उतरते हुए दिखाया गया है।
कलाकारों की केमिस्ट्री और अंतिम निर्णय
निर्देशकों का यह विजुअल प्रयोग फिल्म की सीधी-सादी पटकथा को काफी ऊंचाई पर ले जाता है। निकोलाई की दूर हो चुकी बेटी अन्ना के छोटे से रोल में मारिया बकालोवा ने कम स्क्रीन टाइम में भी काफी प्रभाव छोड़ा है। फिर भी, रायन रेनॉल्ड्स और केनेथ ब्रानाघ की जोड़ी की जबरदस्त केमिस्ट्री ही इस पूरी फिल्म की असली जान है। फिल्म में अमेरिकी राष्ट्रवाद और खुद को हमेशा नायक बताने की मानसिकता पर भी हल्के अंदाज़ में सवाल उठाए गए हैं। कुल मिलाकर, अनुमानित कहानी होने के बावजूद यह एक बेहद मनोरंजक और देखने लायक एक्शन कॉमेडी फिल्म है।



















