केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक बड़ी डिजिटल पहल के तहत ई-OCI कार्ड और FCRA 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है। इस कदम का सीधा फायदा दुनिया भर में बसे 50 लाख से अधिक उन प्रवासी भारतीयों को मिलेगा जो OCI कार्डधारक हैं।
ई-OCI कार्ड क्या है और यह क्यों अहम है?
ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ इंडिया यानी OCI कार्ड एक ऐसा दस्तावेज़ है जो विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों को भारत में कई अधिकार और सुविधाएं देता है। अब तक OCI से जुड़ी ज़्यादातर प्रक्रियाएं कागज़ी दस्तावेज़ों और दूतावासों के लंबे चक्करों पर निर्भर रहती थीं। नया ई-OCI कार्ड इसे पूरी तरह बदल देगा, क्योंकि अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी और कार्डधारकों को किसी भी कार्यालय या कांसुलेट जाने की ज़रूरत नहीं रहेगी।
कार्डधारकों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
ई-OCI कार्ड के ज़रिए अब OCI धारक पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उनका कार्ड डिजिटल फॉर्मेट में तैयार होगा और इसे 24 घंटे, सातों दिन मोबाइल पर देखा जा सकेगा। OCI से जुड़ी तमाम प्रक्रियाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर कागज़ी कार्यवाही को कम करना इस पूरी पहल का मकसद है।
FCRA 2.0 पोर्टल: पारदर्शिता की नई कोशिश
इसी मौके पर अमित शाह ने FCRA 2.0 पोर्टल भी पेश किया। FCRA यानी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के तहत भारत में विदेशी फंड पाने वाले संगठनों की जांच और निगरानी होती है। नए FCRA 2.0 पोर्टल के ज़रिए इस पूरी व्यवस्था को और अधिक तकनीक आधारित तथा पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।
प्रवासी भारतीयों को लेकर सरकार की बड़ी तस्वीर
यह लॉन्च उस व्यापक सिलसिले का हिस्सा है जिसमें सरकार OCI सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने में जुटी है। मई 2025 में अमित शाह नई दिल्ली में एक नया OCI पोर्टल पहले ही लॉन्च कर चुके थे। मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगूलाम और उनकी पत्नी वीणा को OCI कार्ड देने की घोषणा की थी, जिसने इस दस्तावेज़ की कूटनीतिक अहमियत को भी उजागर किया। इसके अलावा अक्टूबर 2025 से दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेशी यात्रियों के लिए ई-अराइवल कार्ड की सुविधा शुरू हुई, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा को और सुगम बना रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घोषणा को लेकर लोगों ने मुख्यतः सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और इसे प्रवासी भारतीयों के लिए एक ज़रूरी व स्वागतयोग्य कदम बताया। वहीं कुछ लोगों ने यह भी मांग उठाई कि OCI सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाया जाना चाहिए।



















