केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विकास को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी वित्तीय सहायता के आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि 1950 से 2014 के बीच पुडुचेरी को केंद्र की तरफ से कुल 3,500 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी। इसके मुकाबले वर्तमान मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान इस राशि में चार गुना वृद्धि करते हुए इसे 13,762 करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है।
पुडुचेरी के वित्तीय आवंटन पर गृह मंत्री का वक्तव्य
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश साझा करते हुए कहा कि बीते छह दशकों से अधिक समय में पुडुचेरी को जितना फंड मिला था, मोदी सरकार ने उससे कहीं अधिक संसाधन कम समय में उपलब्ध कराए हैं। 1950 से 2014 तक आवंटित 3,500 करोड़ रुपये के मुकाबले अब 13,762 करोड़ रुपये का केंद्रीय आवंटन पुडुचेरी के विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में मदद कर रहा है।
राज्य के दर्जे और केंद्र के समर्थन का मुद्दा
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने भी स्पष्ट किया है कि जब तक पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक क्षेत्र का सर्वांगीण विकास केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से ही संभव है। प्रशासनिक और आर्थिक संरचना को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय फंड पर निर्भरता और वित्तीय आवंटन में बढ़ोतरी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कल्याणकारी योजनाएं और बुनियादी ढांचा विकास
पुडुचेरी में विभिन्न जनकल्याणकारी पहल भी की जा रही हैं। सरकार ने दीपावली के अवसर पर सभी राशन कार्ड धारकों को पांच किराना उत्पाद उपहार के रूप में देने की व्यवस्था की थी। इसके अलावा, विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र में छात्राओं को ई-स्कूटर देने और घरेलू उपयोग के लिए दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडरों का वादा भी शामिल रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल का विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल में भर्ती अभियान चलाए गए हैं। सुरक्षा ढांचे को व्यापक बनाने हेतु 500 से अधिक नए होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही, दमकल विभाग में भी महिलाओं की भर्ती का मार्ग प्रशस्त किया गया है, ताकि प्रशासनिक सेवाओं और सुरक्षा तंत्र में समावेशिता बढ़ाई जा सके।


























