देश की राजधानी में प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के ताजा चुनावी नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने परचम लहराया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के इस अहम मुकाबले में मिली सफलता के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर छात्र समुदाय के बीच बधाई संदेशों का तांता लग गया। छात्र राजनीति के इस बड़े मंच पर आए परिणाम ने कैंपस के माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
चुनावी रण में छात्र संगठनों की टक्कर
इस बार के डूसू चुनाव में विभिन्न पदों के लिए छात्र संगठनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने अपने प्रमुख प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर प्रचार अभियान चलाया था। छात्रों से जुड़े मुद्दों, शैक्षणिक सुविधाओं और परिसर के बुनियादी ढांचे को लेकर कई सप्ताह तक चले संपर्क के बाद मतदान हुआ और आखिरकार विद्यार्थी परिषद ने निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए जीत दर्ज की।
गृह मंत्री ने सोशल मीडिया पर दी शुभकामना
इस महत्वपूर्ण चुनावी कामयाबी पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि परिषद के कार्यकर्ताओं का छात्रहित के प्रति समर्पण और राष्ट्र प्रथम का संकल्प युवाओं में विश्वास पैदा करता है। उन्होंने संगठन से जुड़े सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
दिल्ली विश्वविद्यालय के बारे में
दिल्ली विश्वविद्यालय भारत सरकार की ओर से वित्तपोषित एक प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय है। देश की राजधानी में स्थित इस ऐतिहासिक उच्च शिक्षण संस्थान की स्थापना वर्ष 1922 में की गई थी। संवैधानिक व्यवस्था के तहत भारत के उपराष्ट्रपति इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होते हैं। देश भर से लाखों छात्र हर साल यहाँ विभिन्न संकायों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दाखिला लेते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
परिणाम और बधाई संदेश सामने आने के बाद इंटरनेट पर छात्र समुदाय और आम लोगों ने व्यापक स्तर पर अपने विचार साझा किए। कई उपयोगकर्ताओं ने नवनिर्वाचित छात्र नेताओं को शुभकामनाएं देते हुए परिसर की भलाई के लिए निष्पक्ष काम करने की अपेक्षा जताई, जबकि कुछ लोगों ने भविष्य में छात्र अधिकारों के संरक्षण को लेकर सवाल उठाए।



























