विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई है। इसी आधिकारिक दौरे के बीच उन्होंने घाना की राजधानी अक्रा में भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारत के शुभचिंतकों के साथ एक विशेष संवाद सत्र में हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी अफ्रीकी राष्ट्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद स्थापित करना और द्विपक्षीय संबंधों में उनकी भूमिका को रेखांकित करना था।
घाना के साथ भरोसेमंद साझेदारी पर जोर
इस संवाद के दौरान विदेश मंत्री ने बताया कि घाना में भारत को एक सच्चे मित्र और भरोसेमंद तथा प्रभावी साझेदार के रूप में देखा जाता है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध विकास और आपसी सहयोग की ठोस बुनियाद पर टिके हैं। भारत लगातार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों और विकास परियोजनाओं के जरिए अपने अफ्रीकी भागीदारों के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने पर काम कर रहा है।
प्रवासी समुदाय के योगदान की सराहना
एस. जयशंकर ने घाना के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने में भारतीय समुदाय की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वहां रह रहे भारतीय नागरिक दोनों देशों के बीच सेतु का काम कर रहे हैं और इस मूल्यवान साझेदारी को गहरा करने में उनका योगदान बेहद अहम है। स्थानीय स्तर पर भारतीय संस्कृति की पहचान बनाए रखने के साथ-साथ वहां के विकास में हाथ बंटाना प्रवासियों की एक बड़ी खूबी रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस राजनयिक संवाद पर ऑनलाइन पाठकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने दोनों देशों के बीच भविष्य में होने वाले आर्थिक और कूटनीतिक विकास की उम्मीद जताते हुए इस पहल का स्वागत किया, जबकि कुछ अन्य लोगों ने मौजूदा विदेश नीति के रुख को लेकर आलोचनात्मक सवाल भी उठाए।


























