नई दिल्ली में आयोजित रायसीना फोरम फॉर फ्यूचर ऑफ डिप्लोमेसी 2026 के मंच पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने युवा राजनयिकों के साथ गहन विचार विमर्श किया। इस संवाद सत्र के दौरान उन्होंने दुनिया भर में भारत की लगातार मजबूत होती उपस्थिति, स्वतंत्र रणनीतिक सोच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक कूटनीति के दौर में भारत न केवल अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहा है, बल्कि वैश्विक कल्याण के प्रयासों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है।
युवा राजनयिकों के साथ चर्चा के प्रमुख बिंदु
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग ले रहे युवा राजनयिकों के साथ बातचीत करना बेहद सुखद रहा। उन्होंने बताया कि इस दौरान भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा हुई, जो मुख्य रूप से विस्तारित होते व्यापार, विकास कार्यों और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत (HADR) साझेदारियों से परिलक्षित होता है। संकट के समय दूसरे देशों की मदद के लिए तुरंत आगे आना और विकास सहयोग को आगे बढ़ाना भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।
रणनीतिक स्वायत्तता और प्रवासी समुदाय की भलाई
इस संवाद के दौरान रणनीतिक स्वायत्तता के सिद्धांत को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत जटिल वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच अपने स्वतंत्र फैसले लेने की क्षमता को लगातार बनाए रखेगा। इसके साथ ही विदेशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के हितों और कल्याण की रक्षा को भी एक अनिवार्य प्राथमिकता बताया गया। आर्थिक वृद्धि, वैश्विक कार्यबल की जरूरतों और बहुपक्षीय संबंधों को संतुलित करते हुए भारत अपनी कूटनीतिक पहुंच को लगातार व्यापक बना रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री के इस संवाद पर आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई लोगों ने युवा पीढ़ी को प्रेरित करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति मजबूत करने की सराहना की, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने रोजगार, तकनीक और जमीनी मुद्दों को लेकर अपने सवाल भी उठाए।




























