भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह का राजनयिक कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस अवसर पर उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से औपचारिक विदाई मुलाकात की। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक उतार-चढ़ाव और जटिल क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच यह बैठक संपन्न हुई।
विदेश मंत्री ने कार्यकाल और योगदान को सराहा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बांग्लादेशी उच्चायुक्त से विदाई भेंट पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में रियाज हमीदुल्लाह के प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य के दायित्वों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
कूटनीतिक खींचतान और नए दूत की नियुक्ति की पृष्ठभूमि
हमीदुल्लाह के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के राजनयिक संबंधों ने कई संवेदनशील दौर देखे। दोनों पक्षों के बीच राजनयिकों को तलब किए जाने और तात्कालिक परामर्श के लिए ढाका बुलाए जाने जैसी स्थितियां भी सामने आई थीं। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरों और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ क्षेत्रीय शांति और सहयोग पर बैठकों के जरिए संवाद बनाए रखने का प्रयास भी हुआ। इस बीच ढाका ने नई दिल्ली में अपने अगले उच्चायुक्त के रूप में असद आलम सियाम के नाम को आगे बढ़ाया, जिसकी मंजूरी प्रक्रिया भी राजनयिक विमर्श का हिस्सा रही।
जनता की प्रतिक्रिया
इस विदाई मुलाकात के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई नागरिकों ने दोनों देशों के तनावपूर्ण रिश्तों का हवाला देते हुए उनके वास्तविक योगदान पर सवाल खड़े किए, जबकि कुछ लोगों ने इसे आवश्यक राजनयिक औपचारिकता के रूप में देखा।


























