एशियाई खेलों के मंच पर भारतीय हॉकी ने नया इतिहास रच दिया है। महिला टीम के शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद पुरुष हॉकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। इस दोहरी स्वर्णिम सफलता के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों का टिकट भी सुरक्षित कर लिया है। मैदान पर टीम के जुझारू खेल और रणनीति ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दी बधाई
इस शानदार जीत के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय हॉकी की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी के लिए यह एक स्वर्णिम दोहरा अवसर है। उन्होंने रेखांकित किया कि महिला टीम की सफलता के बाद पुरुष टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया है, और दोनों चैंपियन टीमों को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री और खेल दिग्गजों ने सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों टीमों के ऐतिहासिक दोहरे स्वर्ण पदक की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। पूर्व दिग्गज खिलाड़ी परगट सिंह ने भी दोनों टीमों के शानदार तालमेल और दबाव में किए गए प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। खिलाड़ियों ने इस ऐतिहासिक क्षण को साझा करते हुए बताया कि मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के सकारात्मक दृष्टिकोण और आपसी विश्वास ने टीम को जीत की पटरी पर बनाए रखा। हार्दिक सिंह और मनप्रीत सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान टीम के समर्पण और अनुशासन को इस जीत की असली वजह बताया।
इनामों का ऐलान और कोच का रुख
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने पुरुष टीम के इस शानदार प्रदर्शन पर नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी स्वर्ण पदक विजेता पुरुष टीम के लिए 11 लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया। कोच क्रेग फुल्टन ने इस जीत के महत्व पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि पिछले टूर्नामेंट की निराशा के बाद एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखना बेहद जरूरी था, और टीम ने इस चुनौती का बखूबी सामना किया।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर खेल प्रशंसकों ने भारतीय टीमों की जमकर सराहना की और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। वहीं कुछ लोगों ने भविष्य की प्रतियोगिताओं और ओलंपिक की तैयारी के लिए दीर्घकालिक खेल रणनीति को और मजबूत करने पर जोर दिया।




























