विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर माइक्रोन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय महरोत्रा और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी हालिया मुलाकात को लेकर एक पोस्ट साझा किया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच तकनीकी क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा करना और उसे आगे बढ़ाना था।
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की प्रगति
मुलाकात के दौरान संजय महरोत्रा और उनकी टीम ने भारत में माइक्रोन की परियोजनाओं में हो रही निरंतर प्रगति से विदेश मंत्री को अवगत कराया। कंपनी देश में अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को मजबूत कर रही है और इस दिशा में काम लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार देश को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने के लिए कई अहम कदम उठा रही है, जिसमें इस तरह के वैश्विक निवेश और तकनीकी साझेदारियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी का महत्व
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बात पर संतोष जताया कि दोनों देश तकनीकी मोर्चे पर एक-दूसरे के साथ मिलकर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। भारत और अमेरिका के बीच की यह पार्टनरशिप सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उच्च तकनीक और भविष्य के उद्योगों में आपसी विश्वास का प्रतीक है। वैश्विक स्तर पर तकनीकी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित और विविध बनाने के लिए ऐसे सहयोग बेहद जरूरी माने जा रहे हैं।
माइक्रोन के प्रमुख संजय महरोत्रा का सफर
संजय महरोत्रा वर्तमान में ग्लोबल टेक इंडस्ट्री के एक जाने-माने दिग्गज हैं और दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों में शुमार माइक्रोन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में कंपनी सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप्स के निर्माण में वैश्विक स्तर पर अहम योगदान दे रही है। भारत में कंपनी की मौजूदगी से देश के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को एक नई रफ्तार मिल रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां कई यूजर्स ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते तकनीकी संबंधों की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने देश के आर्थिक और कारोबारी हालातों को लेकर अपने सवाल भी सामने रखे।

























