विश्व गुजराती भाषा दिवस के अवसर पर देश भर में लोगों ने अपनी मातृभाषा के गौरव को याद किया। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए दुनिया भर में फैले सभी गुजराती भाषियों को इस पावन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में इस भाषा की महान परंपरा और इसके संवर्द्धकों के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया।
साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर की सराहना
अपने आधिकारिक हैंडल @AmitShah के माध्यम से जारी किए गए इस संदेश में शाह ने गुजराती भाषा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि इस भाषा ने देश को ऐसा अनमोल साहित्य दिया है जो पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित कर रहा है। आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक, इस भाषा के मनीषियों ने अपनी रचनाओं से समाज को समृद्ध किया है।
दिग्गज साहित्यकारों को किया याद
अमित शाह ने अपने संदेश में विशेष रूप से नरसिंह मेहता के भजनों और कवि नर्मद की ओजस्वी कविताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संतों और कवियों की इस साधना ने न केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक चेतना को गहराई से प्रभावित किया है। भक्ति भाव, ज्ञान के प्रकाश और लोक जीवन की सहज मिठास को अपने भीतर समेटे हुए यह भाषा आज वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है।
वैश्विक स्तर पर गुजराती संस्कृति का विस्तार
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज यह भाषा केवल एक क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के हर कोने में बसने वाले प्रवासियों के जरिए वैश्विक फलक पर अपनी महक बिखेर रही है। वैश्वीकरण के इस दौर में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना और अपनी बोली-भाषा पर गर्व करना इस समाज की खूबी रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। जहां कई यूजर्स ने भाषा दिवस की बधाई दी और अपनी संस्कृति पर गर्व जताया, वहीं कुछ लोगों ने अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के समर्थन और विभिन्न स्थानीय मुद्दों को लेकर भी अपनी बात रखी।



























