तलाक के बाद के संबंधों से खत्म नहीं होती पुरानी क्रूरता, कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसलाग्लोबल क्लीन एनर्जी का नया हब बनेगा जयपुर, 75 देशों की भागीदारी वाले दिल्ली समिट से पहले हुआ पहला रोड-शोमिजोरम विवाह कानून संशोधन के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने को कहामेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हुई भारतीय टीम, अर्जेंटीना ने 5-3 से हरायाबरसात के मौसम में घर से सांप दूर रखने के घरेलू नुस्खे कितने सुरक्षित, जानिए सही तरीकाकर्नाटक का पारंपरिक बिसी बेले भात क्यों है खास, जानिए नाम का अर्थ और खासियतपढ़ाई में तेज होने के बावजूद इन मूलांक के लोगों को करियर में क्यों उठानी पड़ती है परेशानी?यूरो में सुस्ती और डॉलर के सामने कमजोरी, जानिए क्या कहते हैं बाजार के आंकड़ेजैक्सन होल में ब्याज दरों पर बड़े ऐलान की उम्मीद कम, नीतिगत ढांचे पर ध्यान केंद्रित करेंगे वॉर्शफरीदाबाद-नोएडा मंझावली पुल तैयार लेकिन चीरसी में जमीन अधिग्रहण के पेंच से रुका सफर
अमित शाह ने विश्व गुजराती भाषा दिवस पर दी शुभकामनाएं, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को किया नमननेता जी
24 अग॰ 2026, 6:24 pm (3 घंटे पहले)· 3

अमित शाह ने विश्व गुजराती भाषा दिवस पर दी शुभकामनाएं, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को किया नमन

अमित शाह ने सोशल मीडिया पर विश्व गुजराती भाषा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इसके समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को याद किया।

विश्व गुजराती भाषा दिवस के अवसर पर देश भर में लोगों ने अपनी मातृभाषा के गौरव को याद किया। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए दुनिया भर में फैले सभी गुजराती भाषियों को इस पावन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में इस भाषा की महान परंपरा और इसके संवर्द्धकों के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया।

साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर की सराहना

अपने आधिकारिक हैंडल @AmitShah के माध्यम से जारी किए गए इस संदेश में शाह ने गुजराती भाषा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि इस भाषा ने देश को ऐसा अनमोल साहित्य दिया है जो पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित कर रहा है। आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक, इस भाषा के मनीषियों ने अपनी रचनाओं से समाज को समृद्ध किया है।

दिग्गज साहित्यकारों को किया याद

अमित शाह ने अपने संदेश में विशेष रूप से नरसिंह मेहता के भजनों और कवि नर्मद की ओजस्वी कविताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संतों और कवियों की इस साधना ने न केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक चेतना को गहराई से प्रभावित किया है। भक्ति भाव, ज्ञान के प्रकाश और लोक जीवन की सहज मिठास को अपने भीतर समेटे हुए यह भाषा आज वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है।

वैश्विक स्तर पर गुजराती संस्कृति का विस्तार

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज यह भाषा केवल एक क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के हर कोने में बसने वाले प्रवासियों के जरिए वैश्विक फलक पर अपनी महक बिखेर रही है। वैश्वीकरण के इस दौर में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना और अपनी बोली-भाषा पर गर्व करना इस समाज की खूबी रही है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। जहां कई यूजर्स ने भाषा दिवस की बधाई दी और अपनी संस्कृति पर गर्व जताया, वहीं कुछ लोगों ने अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के समर्थन और विभिन्न स्थानीय मुद्दों को लेकर भी अपनी बात रखी।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

अमित शाह ने सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया?
अमित शाह ने विश्व गुजराती भाषा दिवस के अवसर पर सभी गुजराती भाषियों को शुभकामनाएं दीं और इसके साहित्यिक योगदान को सराहा।
इस संदेश में किन प्रसिद्ध साहित्यकारों का जिक्र किया गया?
संदेश में नरसिंह मेहता के भजनों और कवि नर्मद की ओजस्वी कविताओं का विशेष उल्लेख किया गया।
गुजराती भाषा दिवस का संदेश किस प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया?
यह संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @AmitShah हैंडल के माध्यम से साझा किया गया।
संदेश में भाषा की क्या विशेषता बताई गई?
इसमें भाषा को भक्ति, ज्ञान और लोकजीवन की मिठास से युक्त बताया गया जो दुनिया के हर कोने में फैली है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR